लखनऊ। उत्तर प्रदेश में लगातार बढ़ रही गर्मी और रिकॉर्ड बिजली खपत को देखते हुए Yogi Adityanath ने ऊर्जा विभाग और पावर कॉरपोरेशन के अधिकारियों के साथ उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की। मुख्यमंत्री ने साफ निर्देश दिए कि प्रदेश के किसी भी गांव या शहर में बिजली संकट की स्थिति नहीं बननी चाहिए और उपभोक्ताओं को निर्बाध आपूर्ति मिले।
उद्योगों के लिए बिजली सबसे बड़ी जरूरत
मुख्यमंत्री ने कहा कि गर्मी के मौसम में आम जनता, किसानों, व्यापारियों और उद्योगों के लिए बिजली सबसे बड़ी जरूरत है। ऐसे में बिजली कटौती, ट्रांसफॉर्मर खराब होने या फीडर बंद होने जैसी समस्याओं का तुरंत समाधान किया जाए। उन्होंने अधिकारियों को फील्ड स्तर पर लगातार निगरानी रखने और शिकायतों के त्वरित निस्तारण के निर्देश दिए।
प्रदेश में बिजली की मांग तेजी से बढ़ी
बैठक में बताया गया कि प्रदेश में बिजली की मांग तेजी से बढ़ी है। अप्रैल और मई के दौरान बिजली की दैनिक खपत में बड़ा इजाफा दर्ज किया गया है। इसके बावजूद सरकार उत्पादन क्षमता बढ़ाकर मांग के अनुरूप आपूर्ति बनाए रखने का दावा कर रही है। अधिकारियों ने बताया कि प्रदेश की कुल विद्युत उत्पादन क्षमता 13 हजार मेगावाट से अधिक हो चुकी है और भविष्य की जरूरतों को देखते हुए नई परियोजनाओं पर भी तेजी से काम किया जा रहा है।
ट्रांसमिशन नेटवर्क को और मजबूत बनाने पर भी जोर दिया
मुख्यमंत्री ने ट्रांसमिशन नेटवर्क को और मजबूत बनाने पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि आंधी-तूफान और अत्यधिक तापमान जैसी परिस्थितियों में भी बिजली व्यवस्था प्रभावित न हो, इसके लिए तकनीकी तैयारियां पूरी रखी जाएं। साथ ही भूमिगत केबल वाले क्षेत्रों में सावधानी बरतने और बिना अनुमति खुदाई न होने देने के निर्देश दिए गए।
उपभोक्ता सेवाओं की भी समीक्षा की गई
बैठक में स्मार्ट मीटर व्यवस्था और उपभोक्ता सेवाओं की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों ने बताया कि प्रदेश में लाखों स्मार्ट मीटर लगाए जा चुके हैं और उपभोक्ताओं को पोस्टपेड सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। शिकायतों के समाधान के लिए विशेष कैंप भी चलाए जा रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को दी चेतावनी
मुख्यमंत्री ने कहा कि बिजली व्यवस्था केवल तकनीकी विषय नहीं बल्कि जनता की रोजमर्रा की जिंदगी, सिंचाई, व्यापार और औद्योगिक विकास से सीधे जुड़ा मुद्दा है। उन्होंने अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि लापरवाही पाए जाने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।


