एसएमयूपीन्यूज, लखनऊ । उत्तर प्रदेश पुलिस महानिदेशक राजीव कृष्ण के निर्देश पर संगठित अपराधों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत सीतापुर पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। थाना खैराबाद और एसओजी की संयुक्त टीम ने कई सौ करोड़ की संभावित जीएसटी चोरी करने वाले गिरोह का खुलासा करते हुए 07 शातिर अंतरजनपदीय अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है।

8 लाख नकद, 5 लैपटॉप, 37 मोबाइल बरामद

पुलिस ने ग्राम असोथर के पास से आरोपियों को उस समय दबोचा जब वे फर्जीवाड़े में प्रयुक्त सामग्री और नकदी लेकर फरार होने की फिराक में थे। गिरफ्तार अभियुक्तों के कब्जे से 08 लाख रुपये नकद, 05 लैपटॉप, 37 मोबाइल फोन, 80 सिम कार्ड, 37 एटीएम कार्ड, 09 डिजिटल सिग्नेचर यूएसबी, 651 फर्जी बिल/ई-वे बिल, 135 चेक, 57 चेक बुक, 10 पासबुक, 39 स्टैम्प, 18 बिल बुक, 2 हार्ड डिस्क समेत भारी मात्रा में आपत्तिजनक सामग्री और 02 चार पहिया वाहन बरामद किए गए हैं।

कैसे करते थे जीएसटी चोरी

पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी लकड़ी व्यापार की आड़ में एक संगठित गिरोह चला रहे थे। ये लोग कम पढ़े-लिखे और भोले-भाले लोगों को सरकारी योजनाओं और मोटे मुनाफे का लालच देकर उनके आधार, पैन और बैंक खातों का इस्तेमाल करते थे। उन्हीं दस्तावेजों पर फर्जी/बोगस फर्म बनाकर नकली लकड़ी व्यापार दिखाया जाता और फर्जी जीएसटी बिलिंग के जरिए सरकार को भारी आर्थिक नुकसान पहुंचाया जाता था।पूछताछ में करीब 60 से 70 फर्जी फर्मों का खुलासा हुआ है, जिनके जरिए लगातार जीएसटी चोरी की जा रही थी। 08 जनवरी 2026 को एक पीड़ित द्वारा दर्ज कराए गए मुकदमे के बाद गिरोह के सदस्य सबूत नष्ट कर भागने की तैयारी में थे।

कानूनी कार्रवाई

आरोपियों के खिलाफ मु.अ.सं. 15/26 के तहत थाना खैराबाद, सीतापुर में बीएनएस की गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर उन्हें न्यायालय भेजा जा रहा है। अन्य जनपदों में भी इनके आपराधिक नेटवर्क की जांच जारी है।

गिरफ्तार अभियुक्त

मो0 आसिफ – सीतापुर

अनवारुल हक – सीतापुर

मो0 अम्मार – सीतापुर

उजैर – कानपुर

अब्दुल नासिर – सीतापुर

जीशान – सीतापुर

मो0 आरिफ – सीतापुर

यह भी पढ़े : केजीएमयू में महिला रेजिडेंट डॉक्टर से जुड़े मामले में जांच तेज, आरोपी के ठिकानों पर कुर्की की कार्रवाई

यह भी पढ़े : आदिवासी राजनीति की बुलंद आवाज खामोश, दुद्धी विधायक विजय सिंह गोंड का SGPGI में निधन

यह भी पढ़े : 20 IPS अफसरों के तबादले ,लखनऊ कमिश्नरेट से अमित वर्मा हटे, अपर्णा बनीं संयुक्त पुलिस आयुक्त

यह भी पढ़े : यूपी 2026 अंतिम मतदाता सूची: 1.04 करोड़ मतदाताओं को नोटिस, नाम जांचने और सुधारने के तरीके

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *