लगातार हिचकी को न समझें मामूली समस्या, गंभीर बीमारियों का हो सकता है संकेत

लखनऊ। अगर आपको बार-बार या लगातार हिचकी आ रही है तो इसे सामान्य बात मानकर नजरअंदाज करना भारी पड़ सकता है। विशेषज्ञों का कहना है कि लंबे समय तक आने वाली हिचकी शरीर में छिपी किसी गंभीर बीमारी का संकेत हो सकती है। राजधानी के प्रमुख अस्पतालों में ऐसे मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है, जो हिचकी की समस्या को लेकर इलाज कराने पहुंच रहे हैं।
प्रतिदिन चार से पांच मरीज लगातार हिचकी की शिकायत लेकर पहुंच रहे
लखनऊ स्थित एसजीपीजीआई, केजीएमयू और डॉ. राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान के गैस्ट्रोएंट्रोलॉजी विभागों में प्रतिदिन चार से पांच मरीज लगातार हिचकी की शिकायत लेकर पहुंच रहे हैं। चिकित्सकों के अनुसार 48 घंटे से अधिक समय तक बनी रहने वाली हिचकी को “पर्सिस्टेंट हिचकी” और एक महीने से अधिक समय तक जारी रहने वाली हिचकी को “इंट्रैक्टेबल हिचकी” कहा जाता है। ऐसी स्थिति में तत्काल चिकित्सकीय जांच कराना जरूरी है।
हिचकी का संबंध केवल पेट की गड़बड़ी से नहीं होता
गैस्ट्रोलॉजिस्ट डॉ. अनिल गंगवार के अनुसार हिचकी का संबंध केवल पेट की गड़बड़ी से नहीं होता, बल्कि यह शरीर की कई गंभीर समस्याओं का संकेत भी हो सकती है। पेट और छाती के बीच स्थित डायफ्राम मांसपेशी में असामान्य संकुचन, एसिडिटी, अल्सर, आंतों में संक्रमण, अग्न्याशय या पित्ताशय की सूजन जैसी समस्याएं इसके प्रमुख कारण हो सकती हैं।
इसके अलावा गर्दन की नसों पर दबाव, संक्रमण, मस्तिष्क या रीढ़ की हड्डी की बीमारी और स्ट्रोक जैसी गंभीर स्थितियों में भी लगातार हिचकी की समस्या देखने को मिलती है।विशेषज्ञों के अनुसार यदि हिचकी लगातार बनी रहती है या थोड़ी-थोड़ी देर में बार-बार आती है तो डॉक्टर से परामर्श लेना चाहिए। कई मामलों में रक्त जांच, एंडोस्कोपी और छाती के एक्स-रे के जरिए बीमारी का कारण पता चल जाता है और समय पर उपचार से मरीज पूरी तरह ठीक हो सकता है।
मरीजों के उदाहरण से समझिए खतरा
जौनपुर निवासी 48 वर्षीय रामबली को दिन में कई बार हिचकी आती थी। जांच कराने पर पता चला कि उनकी आंतों में संक्रमण और पित्ताशय में समस्या थी। करीब छह महीने इलाज के बाद उनकी स्थिति सामान्य हुई।वहीं अंबेडकरनगर की 55 वर्षीय शीला पिछले पांच वर्षों से हिचकी की समस्या से परेशान थीं। विस्तृत जांच में आहार नली, डायफ्राम और गर्दन की नसों में समस्या सामने आई। तीन महीने के उपचार के बाद उन्हें राहत मिली।
हिचकी आने पर क्या करें
विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि लगातार हिचकी आने पर गहरी सांस लेकर कुछ सेकंड रोकें और धीरे-धीरे छोड़ें। यह प्रक्रिया कई बार दोहराने से राहत मिल सकती है। नींबू चूसना, भोजन को अच्छी तरह चबाकर खाना और सोडा, शराब या गैसयुक्त पेय पदार्थों से परहेज करना भी लाभकारी हो सकता है। केजीएमयू के गैस्ट्रोलॉजिस्ट डॉ. अनन्य गुप्ता का कहना है कि “लगातार या 48 घंटे से अधिक समय तक आने वाली हिचकी को कभी हल्के में नहीं लेना चाहिए।
समय रहते डॉक्टर से सलाह लेना सबसे बेहतर विकल्प
यह कई गंभीर बीमारियों का शुरुआती संकेत हो सकती है। समय पर जांच और इलाज से बड़ी स्वास्थ्य समस्याओं से बचा जा सकता है।”स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि आमतौर पर लोग हिचकी को साधारण समस्या मानकर अनदेखा कर देते हैं, लेकिन यदि यह लंबे समय तक बनी रहे तो यह शरीर की गंभीर बीमारी का संकेत भी हो सकती है। इसलिए समय रहते डॉक्टर से सलाह लेना सबसे बेहतर विकल्प है।
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