होम उप्र न्यूज़ 50-50 हजार के इनामी दो भाई लखनऊ से गिरफ्तार, हजारों निवेशकों से...

50-50 हजार के इनामी दो भाई लखनऊ से गिरफ्तार, हजारों निवेशकों से ठगी का आरोप

0
21

बदायूं के कई मुकदमों में थे वांछित; चिटफंड कंपनियों में निवेश और रकम दोगुनी करने का लालच देकर फरार होने का आरोप, STF ने कृष्णानगर से दबोचा

लखनऊ। उत्तर प्रदेश एसटीएफ ने बदायूं जिले में दर्ज धोखाधड़ी और निवेशकों से ठगी के कई मामलों में वांछित 50-50 हजार रुपये के दो इनामी सगे भाइयों को लखनऊ से गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान शशिकांत मौर्य और सूर्यकांत मौर्य के रूप में हुई है।

दोनों पर आमजन से निवेश के नाम पर धन जमा कराने, निजी लोन देने और कम समय में रकम दोगुनी करने का लालच देकर बड़ी संख्या में लोगों का पैसा वापस नहीं करने का आरोप है।एसटीएफ के अनुसार दोनों आरोपी गिरफ्तारी से बचने के लिए लगातार अपने ठिकाने बदल रहे थे।

कुछ समय तक दिल्ली के उत्तम नगर में छिपने के बाद दोनों लखनऊ के कृष्णानगर थाना क्षेत्र स्थित मानसनगर में रह रहे थे। एसटीएफ की नोएडा फील्ड इकाई ने सूचना के आधार पर दोनों को 7 सितंबर की शाम गिरफ्तार कर लिया।एसटीएफ को 7 सितंबर को बदायूं के थाना कोतवाली में दर्ज मुकदमे में वांछित और 50-50 हजार रुपये के इनामी अपराधियों शशिकांत और सूर्यकांत के लखनऊ के कृष्णानगर इलाके में मौजूद होने की सूचना मिली थी।

सूचना को पुख्ता करने के बाद एसटीएफ नोएडा की टीम ने मानसनगर में घेराबंदी की और शाम करीब 5 बजकर 40 मिनट पर दोनों भाइयों को गिरफ्तार कर लिया।गिरफ्तार आरोपियों की पहचान—शशिकांत मौर्य पुत्र नारायण सिंह, निवासी चांद खां, निकट ईसाई की पुलिया, थाना बारादरी, जनपद बरेली।सूर्यकांत मौर्य पुत्र नारायण सिंह, निवासी चांद खां, निकट ईसाई की पुलिया, थाना बारादरी, जनपद बरेली।

किराने की दुकान से शुरू किया था कारोबार

एसटीएफ की पूछताछ में शशिकांत ने बताया कि उसने वर्ष 1988 में बदायूं के जालंधरी सराय मोहल्ले में किराने की दुकान खोली थी। यह दुकान करीब वर्ष 2004-05 तक संचालित होती रही।इसके बाद शशिकांत ने लायंस हाउसिंग, फाइनेंस एंड लीजिंग कंपनी में कुछ समय तक फील्ड एजेंट के रूप में काम किया। बाद में उसने अपनी निजी कंपनी अमर ज्योति हायर परचेज के नाम से शुरू की।पूछताछ में सामने आया कि कंपनी शेयर खरीदने-बेचने और निजी लोन देने का काम करती थी। आरोप है कि आमजन से शेयर खरीदने के नाम पर निवेश कराया जाता था और उसी धन से निजी लोन दिए जाते थे।

रकम दोगुनी करने का दिया जाता था लालच

एसटीएफ के अनुसार वर्ष 2016 में आरोपियों ने अमर ज्योति यूनिवर्स निधि लिमिटेड नाम की एक अन्य कंपनी बनाई। इस कंपनी के माध्यम से आम लोगों के जमा खाते खुलवाकर धन एकत्र करने, निजी लोन देने और कम समय में रकम दोगुनी करने का लालच दिया जाता था।एसटीएफ के मुताबिक अमर ज्योति हायर परचेज का कार्यालय कटरा चंदका, बरेली में था, जबकि अमर ज्योति यूनिवर्स निधि का पंजीकृत कार्यालय जालंधरी सराय, बदायूं में संचालित बताया गया है।

हजारों लोगों का पैसा वापस नहीं करने का आरोप

पुलिस पूछताछ में आरोपियों पर आरोप है कि उनकी कंपनियों में हजारों लोगों से निवेश कराया गया, लेकिन समय आने पर निवेशकों का पैसा वापस नहीं किया गया। इसके बाद दोनों आरोपी अपने ठिकाने छोड़कर फरार हो गए।मामले को लेकर बदायूं कोतवाली में कई मुकदमे दर्ज किए गए। इन मुकदमों में शशिकांत और सूर्यकांत वांछित चल रहे थे। दोनों की गिरफ्तारी पर परिक्षेत्र स्तर से 50-50 हजार रुपये का पुरस्कार भी घोषित किया गया था।

दिल्ली में आठ महीने तक छिपे रहे

एसटीएफ के अनुसार गिरफ्तारी से बचने के लिए दोनों भाई लगातार ठिकाने बदल रहे थे। पूछताछ में सामने आया कि दोनों करीब आठ महीने तक दिल्ली के उत्तम नगर इलाके में छिपकर रहे।इसके बाद वे लखनऊ पहुंचे और कृष्णानगर थाना क्षेत्र के मानसनगर में छिपकर रहने लगे। एसटीएफ को उनकी मौजूदगी की सूचना मिलने के बाद कार्रवाई करते हुए दोनों को गिरफ्तार कर लिया गया।

कई जिलों में दर्ज हैं मुकदमे

एसटीएफ के अनुसार शशिकांत और सूर्यकांत के खिलाफ बदायूं और बरेली में धोखाधड़ी, आपराधिक विश्वासघात समेत अन्य धाराओं में कई मुकदमे दर्ज हैं। बदायूं कोतवाली में निवेश और कथित वित्तीय अनियमितताओं से जुड़े कई मामले दर्ज हैं।इसके अलावा बरेली के बारादरी थाने में भी दोनों के खिलाफ धोखाधड़ी और अन्य धाराओं में मुकदमे दर्ज होने की जानकारी सामने आई है। पुलिस अब दोनों आरोपियों की अन्य गतिविधियों और मामलों की भी जानकारी जुटा रही है।

एसटीएफ अन्य गतिविधियों की भी कर रही जांच

एसटीएफ ने बताया कि गिरफ्तार दोनों आरोपियों से पूछताछ की जा रही है और उनकी अन्य वित्तीय गतिविधियों के संबंध में भी जानकारी जुटाई जा रही है। पुलिस यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही है कि कंपनियों के माध्यम से कितने लोगों से निवेश कराया गया और कथित रूप से कितनी धनराशि का लेनदेन हुआ।एसटीएफ की इस कार्रवाई को लंबे समय से फरार चल रहे इनामी आरोपियों की गिरफ्तारी में बड़ी सफलता माना जा रहा है। दोनों आरोपियों के खिलाफ आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।

यह भी पढ़े : सपा का बड़ा महिला कार्ड, सत्ता में आई तो हर महिला को सालाना ₹40 हजार: अखिलेश

यह भी पढ़े : यूपी में 60+ महिलाओं को रोडवेज में मुफ्त सफर, सीएम योगी ने सपा पर साधा निशाना

यह भी पढ़े : यूपी में इंटर्न डॉक्टरों के स्टाइपेंड में बड़ा इजाफा, अब हर महीने मिलेंगे 25 हजार रुपये

यह भी पढ़े : योगी कैबिनेट के बड़े फैसले: यूपी में 250 नई इलेक्ट्रिक बसें, 2.76 लाख छात्रों के लिए खुलेगा छात्रवृत्ति पोर्ट

यह भी पढ़े : यूपी कैबिनेट का बड़ा फैसला: 60 साल से अधिक उम्र की महिलाओं को मुफ्त बस यात्रा