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आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को योगी की चार बड़ी सौगात

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मानदेय बढ़ा, परिवार को ₹5 लाख तक कैशलेस इलाज; तीसरी साड़ी और स्मार्टफोन भी मिलेगा

अयोध्या। पोषण माह शुरू होने से एक दिन पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश की आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों और सहायिकाओं को बड़ी सौगात दी। अयोध्या धाम में आईसीडीएस के तहत आयोजित आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों एवं सहायिकाओं के सम्मान समारोह में मुख्यमंत्री ने मानदेय बढ़ाने के साथ कैशलेस स्वास्थ्य सुविधा, अतिरिक्त साड़ी और स्मार्टफोन देने की घोषणा की। कार्यक्रम में अयोध्या के करीब 12 हजार आंगनबाड़ी कार्यकत्रियां और सहायिकाएं मौजूद रहीं, जबकि प्रदेश के सभी 75 जिलों से मंत्री, सांसद, विधायक और आंगनबाड़ी कर्मी कार्यक्रम से जुड़े।

मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों का मानदेय 8 हजार रुपये से बढ़ाकर 12 हजार रुपये और सहायिकाओं का मानदेय 4 हजार से बढ़ाकर 6 हजार रुपये प्रतिमाह किया जाएगा। उन्होंने बताया कि 2017 में सरकार बनने के समय कार्यकत्रियों को महज तीन हजार रुपये मानदेय मिलता था, जिसे प्रदर्शन आधारित व्यवस्था से जोड़ते हुए बढ़ाकर आठ हजार रुपये किया गया था। सहायिकाओं का मानदेय भी पहले 1,500 रुपये था, जिसे चार हजार रुपये किया गया और अब इसे छह हजार रुपये किया जा रहा है।

परिवार को मिलेगा पांच लाख रुपये तक कैशलेस इलाज

मुख्यमंत्री योगी ने आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों और सहायिकाओं के परिवारों को हर वर्ष पांच लाख रुपये तक कैशलेस स्वास्थ्य सुविधा देने की घोषणा की। इसका लाभ इम्पैनल्ड अस्पतालों के अलावा सरकारी अस्पतालों और मेडिकल कॉलेजों में भी लिया जा सकेगा।

मुख्यमंत्री ने बताया कि हाल ही में प्रदेश के करीब 15 लाख शिक्षकों, शिक्षामित्रों और अनुदेशकों को पांच लाख रुपये तक की कैशलेस स्वास्थ्य सुविधा से जोड़ा गया है। आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों और सहायिकाओं की भी लंबे समय से ऐसी मांग थी, जिसे अब सरकार ने स्वीकार किया है।

अब मिलेंगी तीन साड़ियां, 20 करोड़ का अतिरिक्त भार

प्रदेश की 2.91 लाख आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों और सहायिकाओं के लिए साड़ी की धनराशि जारी किए जाने की जानकारी भी मुख्यमंत्री ने दी। उन्होंने कहा कि अब तक दो साड़ियां दी जाती थीं, लेकिन अब एक अतिरिक्त साड़ी के लिए 500 रुपये और दिए जाएंगे। इस पर प्रदेश सरकार करीब 20 करोड़ रुपये का अतिरिक्त भार वहन करेगी।

स्मार्टफोन से रियल टाइम दर्ज होगा डाटा

आंगनबाड़ी केंद्रों को स्मार्ट बनाने के लिए स्मार्टफोन उपलब्ध कराने की भी घोषणा की गई। मुख्यमंत्री ने बताया कि पहले चरण में 1.28 लाख स्मार्टफोन उपलब्ध कराए जा चुके हैं। इनके माध्यम से आंगनबाड़ी योजनाओं से संबंधित डाटा रियल टाइम में दर्ज किया जा सकेगा। इससे कार्यकत्रियों के काम को आसान बनाने के साथ योजनाओं की निगरानी भी बेहतर हो सकेगी।

कोरोना काल में आंगनबाड़ी कर्मियों की भूमिका को सराहा

मुख्यमंत्री ने कोरोना महामारी के दौरान आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों और सहायिकाओं की भूमिका की सराहना की। उन्होंने कहा कि सदी की सबसे बड़ी महामारी के दौरान उन्होंने एएनएम और आशा कार्यकर्ताओं के साथ मिलकर गांव-गांव स्क्रीनिंग, दस्तक अभियान और संक्रमित लोगों की सेवा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इस दौरान उन्होंने अपनी जान की परवाह किए बिना लोगों की मदद की।

योगी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्ष 2018 में आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों की भूमिका की तुलना माता यशोदा से की थी। उन्होंने कहा कि मां के बाद छोटे बच्चों का पहला संवाद अक्सर आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों और सहायिकाओं से होता है। बच्चों का स्वस्थ बचपन ही स्वस्थ, समर्थ, आत्मनिर्भर और विकसित भारत की नींव बनेगा।

70 हजार से अधिक आंगनबाड़ी केंद्रों का कायाकल्प

मुख्यमंत्री ने बताया कि पिछले नौ वर्षों में प्रदेश के 70 हजार से अधिक आंगनबाड़ी केंद्रों को व्यवस्थित स्वरूप दिया गया है। सरकार का लक्ष्य प्रदेश के प्रत्येक आंगनबाड़ी केंद्र को अपना भवन उपलब्ध कराना है। इसके लिए राज्य वित्त आयोग की धनराशि अथवा अलग बजट से भवनों का निर्माण कराया जाएगा।

उन्होंने पूर्ववर्ती सरकारों पर निशाना साधते हुए कहा कि 2017 से पहले तमाम आंगनबाड़ी केंद्र जर्जर हालत में थे। बच्चों के बैठने के लिए जरूरी सुविधाएं नहीं थीं और कई जगह बच्चे अपना टाट लेकर आते थे। पेयजल और अन्य आवश्यक उपकरणों का भी अभाव था।

204 स्थानों पर महिला समूह चला रहे टेक होम राशन प्लांट

मुख्यमंत्री ने पोषाहार व्यवस्था में बदलाव का भी उल्लेख किया। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछली सरकारों के दौरान पोषाहार व्यवस्था पर माफिया का प्रभाव था, जिसकी बदनामी आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों और सहायिकाओं को झेलनी पड़ती थी।

उन्होंने कहा कि अब पोषाहार व्यवस्था को माफिया से मुक्त किया गया है और 204 स्थानों पर टेक होम राशन प्लांट महिला स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से संचालित किए जा रहे हैं। इससे महिलाओं की भागीदारी के साथ पोषण व्यवस्था में पारदर्शिता लाने का प्रयास किया जा रहा है।

अयोध्या के विकास का भी किया जिक्र

मुख्यमंत्री योगी ने अयोध्या के बदलते स्वरूप का जिक्र करते हुए कहा कि करीब दस वर्ष पहले यहां पर्याप्त बिजली, सड़क और अन्य सुविधाओं का अभाव था। आज अयोध्या में फोरलेन सड़कें, भव्य रेलवे स्टेशन और महर्षि वाल्मीकि के नाम पर अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट है। रेलवे की सिंगल लाइन को डबल किया गया है, राम की पैड़ी का कायाकल्प हुआ है और अयोध्या देश की सोलर सिटी के रूप में विकसित हुई है।

उन्होंने सपा और कांग्रेस पर भी निशाना साधा। मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि दोनों दलों ने राम मंदिर का विरोध किया। उनके अनुसार सपा ने अयोध्या में सड़कों के चौड़ीकरण, रेलवे स्टेशन और एयरपोर्ट निर्माण का भी विरोध किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि ये दल विरासत और विकास दोनों के विरोधी हैं। उन्होंने कहा कि विरोध के बावजूद राम मंदिर का अभियान और अयोध्या का विकास नहीं रुका। आज रामलला भव्य मंदिर में विराजमान हैं और देश-दुनिया के लोग अयोध्या में हुए बदलाव को देख रहे हैं।

बच्चों और आंगनबाड़ी केंद्रों को किया सम्मानित

समारोह में सैम और मैम श्रेणी से सामान्य पोषण स्थिति में आए बच्चों और उनके अभिभावकों को सम्मानित किया गया। इसके अलावा उत्कृष्ट कार्य करने वाले आंगनबाड़ी केंद्रों तथा एवरेस्ट बेस कैंप अभियान में शामिल बेटियों को भी सम्मान दिया गया।कार्यक्रम में कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही, महिला एवं बाल विकास मंत्री बेबी रानी मौर्य, राज्यमंत्री प्रतिभा शुक्ला समेत विभिन्न जनप्रतिनिधि और विभागीय अधिकारी मौजूद रहे।

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