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एक्सप्रेसवे की गुणवत्ता से रोजगार तक, अखिलेश यादव के निशाने पर भाजपा सरकार

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लखनऊ। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने गुरुवार को भाजपा सरकार पर एक्सप्रेसवे निर्माण की गुणवत्ता, रखरखाव, रोजगार और भ्रष्टाचार के मुद्दे पर तीखा हमला बोला। सपा मुख्यालय में पत्रकारों से बातचीत के दौरान उन्होंने लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे से संबंधित एक वीडियो दिखाते हुए निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार में कई परियोजनाओं के निर्माण और उनकी गुणवत्ता को लेकर लगातार सवाल सामने आ रहे हैं।

अखिलेश यादव ने बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे का जिक्र करते हुए कहा कि इसका उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किया था, लेकिन निर्माण के बाद से ही इसके रखरखाव को लेकर काम जारी है। उन्होंने एक्सप्रेसवे परियोजनाओं को लेकर सरकार से गुणवत्ता और खर्च के संबंध में जवाबदेही तय करने की मांग की।

सपा अध्यक्ष ने तंज कसते हुए कहा कि ऐसा प्रतीत होता है जैसे दिल्ली और लखनऊ के बीच इस बात की होड़ चल रही है कि किसके हिस्से में अधिक मुनाफा आएगा। उन्होंने भाजपा सरकार पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाते हुए दावा किया कि मौजूदा शासन में जिस स्तर पर भ्रष्टाचार हो रहा है, वैसा पहले देखने को नहीं मिला।

आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे की डिजाइन का किया जिक्र

अखिलेश यादव ने आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे की डिजाइन और निर्माण का उदाहरण देते हुए कहा कि उनकी सरकार के समय तैयार किए गए इस एक्सप्रेसवे की डिजाइन बेहतर थी। उनका दावा था कि बाद में इसी तरह की डिजाइन को अपनाने की कोशिश की गई, लेकिन वैसी गुणवत्ता का एक्सप्रेसवे तैयार नहीं हो सका।

उन्होंने अपनी सरकार के कार्यकाल में बने लखनऊ रिवरफ्रंट सहित अन्य परियोजनाओं का भी उल्लेख किया। अखिलेश ने कहा कि रिवरफ्रंट पर लगाए गए फव्वारे आज भी काम कर रहे हैं। इसी तरह उन्होंने सपा सरकार के दौरान छात्रों को वितरित किए गए लैपटॉप का उदाहरण देते हुए कहा कि वे लंबे समय बाद भी उपयोग में हैं।

ट्रिलियन डॉलर इकोनॉमी के दावे पर सवाल

अखिलेश यादव ने उत्तर प्रदेश को ट्रिलियन डॉलर इकोनॉमी बनाने के भाजपा सरकार के दावे पर भी सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि प्रदेश की जनता को बड़े आर्थिक सपने दिखाए गए, लेकिन जमीन पर रोजगार के अवसरों की स्थिति अलग है।

रोजगार के मुद्दे पर उन्होंने सरकार पर कटाक्ष करते हुए कहा कि जुलाई में ‘जीरो नौकरी’, अगस्त में भी ‘जीरो नौकरी’ और सितंबर में भी स्थिति देखने को मिलेगी। उन्होंने कहा कि युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने के लिए ठोस कदम उठाने की जरूरत है।

सपा अध्यक्ष ने कहा कि जो सरकार जनता के सवालों का जवाब नहीं दे पाती, उसकी जवाबदेही पर सवाल उठना स्वाभाविक है। उन्होंने दावा किया कि भविष्य में समाजवादी पार्टी को सरकार बनाने का अवसर मिलने पर रोजगार के नए रास्ते खोलने पर जोर दिया जाएगा।

जातीय जनगणना और पीडीए को लेकर दोहराया रुख

अखिलेश यादव ने कहा कि समाजवादी पार्टी की सरकार बनने पर जातीय जनगणना के मुद्दे को आगे बढ़ाया जाएगा। उन्होंने कहा कि पार्टी पीडीए यानी पिछड़े, दलित और अल्पसंख्यक वर्गों को साथ लेकर सामाजिक न्याय की दिशा में काम करेगी।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन के संदर्भ में अखिलेश यादव ने बेरोजगारी के मुद्दे पर भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि युवा इस दिन को बेरोजगारी दिवस के रूप में मना रहे हैं। उन्होंने खुद भी विपक्ष में होने के कारण इसे बेरोजगारी दिवस के रूप में मनाने की बात कही।

विश्वकर्मा जयंती पर छुट्टी का ऐलान

पत्रकार वार्ता से पहले अखिलेश यादव ने भगवान विश्वकर्मा की जयंती मनाई और उनके चित्र पर पुष्प अर्पित किए। उन्होंने कहा कि भगवान विश्वकर्मा को देशभर में श्रद्धा के साथ याद किया जा रहा है।

अखिलेश यादव ने घोषणा की कि यदि भविष्य में समाजवादी पार्टी की सरकार बनती है तो विश्वकर्मा जयंती पर सार्वजनिक अवकाश घोषित किया जाएगा। उन्होंने भगवान विश्वकर्मा का मंदिर बनवाने की बात भी कही।

राम आसरे कुशवाहा की सपा में वापसी

इस दौरान उत्तर प्रदेश के पूर्व मंत्री राम आसरे कुशवाहा ने भाजपा छोड़कर करीब 13 वर्ष बाद समाजवादी पार्टी में वापसी की और पार्टी की सदस्यता ग्रहण की।

राम आसरे कुशवाहा ने अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत बहुजन समाज पार्टी से की थी। वर्ष 1996 में वह बसपा के टिकट पर सरसौल विधानसभा क्षेत्र से विधायक चुने गए थे। इसके बाद उन्होंने समाजवादी पार्टी का रुख किया और पार्टी में राष्ट्रीय महासचिव की जिम्मेदारी भी संभाली। उन्हें मुलायम सिंह यादव के करीबी नेताओं में गिना जाता रहा है।

उनकी सपा में वापसी पर अखिलेश यादव ने कहा कि राम आसरे कुशवाहा के आने से पार्टी के पीडीए समीकरण को और मजबूती मिलेगी। इस दौरान सपा नेताओं और कार्यकर्ताओं ने उनका स्वागत किया।

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