सवर्ण समाज की संगोष्ठी में आरक्षण में सुधार और यूजीसी रेगुलेशन 2026 को वापस लेने की मांग
लखनऊ। पूर्व आईपीएस अधिकारी एवं राष्ट्रीय जनसामान्य मंच के राष्ट्रीय अध्यक्ष तथा राष्ट्रीय विकल्प मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष जुगल किशोर तिवारी का जन्मदिन सवर्ण समाज की ओर से ‘सवर्ण एकता दिवस’ के रूप में मनाया गया। इस अवसर पर एक संगोष्ठी का आयोजन किया गया, जिसमें सवर्ण समाज के सामाजिक संगठनों और समान विचारधारा वाले राजनीतिक दलों को एक मंच पर लाने तथा राष्ट्रीय विकल्प मोर्चा के माध्यम से व्यापक मंच तैयार करने पर चर्चा हुई।
कार्यक्रम का आयोजन सवर्ण आर्मी भारत के राष्ट्रीय अध्यक्ष सूरज प्रसाद चौबे ने किया। इस दौरान बच्चों ने केक काटकर जुगल किशोर तिवारी का जन्मदिन मनाया।
संगोष्ठी को संबोधित करते हुए सूरज प्रसाद चौबे ने कहा कि भारत की राजनीति ऐसे दौर से गुजर रही है, जहां जनता केवल सत्ता परिवर्तन के बजाय व्यवस्था परिवर्तन की अपेक्षा रखती है। उन्होंने कहा कि देश में ऐसी राजनीति की आवश्यकता है जो व्यक्ति, परिवार या जाति-केंद्रित होने के बजाय राष्ट्रहित, जनहित, सुशासन, पारदर्शिता और जवाबदेही के सिद्धांतों पर आधारित हो।
चौबे ने आरक्षण व्यवस्था में सुधार की मांग करते हुए कहा कि आरक्षण का लाभ उन लोगों तक पहुंचना चाहिए जिन्हें सामाजिक और आर्थिक रूप से इसकी वास्तविक आवश्यकता है। उन्होंने आर्थिक आधार को आरक्षण व्यवस्था में शामिल करने की मांग भी उठाई।
उन्होंने यूजीसी के प्रस्तावित रेगुलेशन 2026 को लेकर भी आपत्ति जताई और इसे वापस लेने की मांग की। उनके अनुसार, इस मुद्दे पर सवर्ण समाज के युवाओं में चिंता है और इसे लेकर समाज सड़क पर आंदोलन कर रहा है।
कार्यक्रम में वक्ताओं ने एससी-एसटी एक्ट में बदलाव अथवा उसे समाप्त किए जाने की मांग भी उठाई। साथ ही सवर्ण समाज के विभिन्न सामाजिक संगठनों तथा समान विचारधारा वाले राजनीतिक दलों को एक साझा मंच पर लाने की आवश्यकता पर जोर दिया गया।
संगोष्ठी में सामाजिक समरसता, आरक्षण नीति में सुधार और विभिन्न सामाजिक वर्गों के बीच संवाद बढ़ाने जैसे विषयों पर भी विचार-विमर्श किया गया।
यह भी पढ़े : सीएम योगी की अधिवक्ताओं को बड़ी सौगात, पांच लाख तक कैशलेस इलाज
यह भी पढ़े : लोहिया ट्रस्ट की कमान अब अखिलेश के हाथ, शिवपाल की भूमिका बदली
यह भी पढ़े : लोक सेवक की जवाबदेही जरूरी, लोकायुक्त व्यवस्था पर अंकुश का काम करती है: योगी
यह भी पढ़े : BRICS SUMMIT 2026:भारत-चीन रिश्तों को नई दिशा, साझेदारी पर शी का जोर
यह भी पढ़े : तमिलनाडु के अधिकारों की रक्षा और भ्रष्टाचार मुक्त शासन का संकल्प: सीएम विजय









