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यूजीसी ‘काला कानून’ वापस लेने और आरक्षण सुधार की मांग, वाराणसी में सवर्ण समाज का धरना नौवें दिन भी जारी

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शास्त्री घाट पर सवर्ण आर्मी भारत का प्रदर्शन, राष्ट्रीय अध्यक्ष सूरज प्रसाद चौबे ने सरकार और सवर्ण नेताओं पर साधा निशाना

वाराणसी। यूजीसी से जुड़े कथित ‘काला कानून’ को वापस लेने और आरक्षण व्यवस्था में सुधार की मांग को लेकर वाराणसी के शास्त्री घाट पर सवर्ण समाज का धरना सोमवार को नौवें दिन भी जारी रहा। धरने में बड़ी संख्या में सवर्ण समाज के लोग शामिल हुए और अपने अधिकारों, प्रतिनिधित्व तथा सामान्य वर्ग के हितों को लेकर आवाज बुलंद की।

सवर्ण आर्मी भारत के राष्ट्रीय अध्यक्ष सूरज प्रसाद चौबे ने धरना स्थल पर कहा कि सामान्य वर्ग का सीधा आरोप है कि चुनाव के समय हिन्दू एकता का हवाला देकर उनके वोट तो लिए जाते हैं, लेकिन जब अधिकार, हक और राजनीतिक प्रतिनिधित्व देने की बारी आती है तो सामान्य वर्ग के हितों को नजरअंदाज कर दिया जाता है।

उन्होंने कहा कि आज स्थिति यह है कि अनारक्षित सीटों से चुनाव जीतकर आने वाले जनप्रतिनिधि भी सामान्य वर्ग के मुद्दों पर खुलकर बात नहीं करते हैं। इससे नीतिगत स्तर पर सामान्य वर्ग खुद को अलग-थलग महसूस कर रहा है।

‘सामान्य वर्ग को केवल भावनात्मक मुद्दों से जोड़ा जा रहा’

सूरज प्रसाद चौबे ने कहा कि सामान्य वर्ग के लोगों को यह कहकर भावनात्मक रूप से जोड़े रखने की कोशिश की जाती है कि अगर एक नेता जाएगा तो दूसरा नेता आ जाएगा और अगर कोई राजनीतिक दल सत्ता से बाहर हो गया तो देश का क्या होगा। उन्होंने कहा कि राजनीतिक दलों को यह भी सोचना चाहिए कि अगर सवर्ण समाज उनसे नाराज हो गया तो उसका क्या असर पड़ेगा।

उन्होंने सामान्य वर्ग के लोगों से राजनीतिक रूप से जागरूक और संगठित होने की अपील करते हुए कहा कि अब समाज को केवल भावनात्मक मुद्दों तक सीमित रहने के बजाय अपने अधिकारों और प्रतिनिधित्व के लिए मजबूती से आगे आना होगा।

आरक्षण व्यवस्था में सुधार की मांग

धरने के दौरान आरक्षण व्यवस्था में सुधार की भी मांग उठाई गई। चौबे ने कहा कि प्रदर्शन किसी जाति, धर्म या वर्ग के विरोध में नहीं किया जा रहा है, बल्कि सामान्य वर्ग अपने हक और न्याय की लड़ाई लड़ रहा है।

उन्होंने आरोप लगाया कि सामान्य वर्ग को सुनियोजित तरीके से कमजोर किया जा रहा है और उसके बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ हो रहा है। उन्होंने कहा कि आर्थिक और सामाजिक परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए नीतियों की समीक्षा की जानी चाहिए।

एससी-एसटी एक्ट के कथित दुरुपयोग पर भी उठाए सवाल

सवर्ण आर्मी भारत के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने एससी-एसटी एक्ट के कथित दुरुपयोग का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि कानून का उद्देश्य सभी नागरिकों को न्याय और सुरक्षा देना होना चाहिए और कानून का इस्तेमाल किसी के खिलाफ राजनीतिक या व्यक्तिगत हथियार के रूप में नहीं होना चाहिए।

उन्होंने मांग की कि कानून सबके लिए समान रूप से लागू होना चाहिए और सभी वर्गों के साथ न्यायपूर्ण व्यवहार सुनिश्चित किया जाना चाहिए।

सवर्ण नेताओं पर भी साधा निशाना

सूरज प्रसाद चौबे ने सत्ता में मौजूद सवर्ण नेताओं पर भी निशाना साधते हुए कहा कि यूजीसी जैसे मुद्दों पर कई नेता खुलकर विरोध नहीं कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि सामान्य वर्ग के हितों से जुड़े मुद्दों पर समाज के प्रतिनिधियों को स्पष्ट रुख अपनाना चाहिए।

चौबे ने कहा कि देश में पहचान और सामाजिक वर्ग को लेकर अलग-अलग राजनीतिक बहस होती रहती है, लेकिन गरीब और सीमित संसाधनों वाले सामान्य वर्ग के लोगों की वास्तविक परिस्थितियों पर भी गंभीरता से विचार किया जाना चाहिए।

‘हम किसी के विरोध में नहीं, अपने अधिकारों के लिए लड़ रहे’

धरना स्थल से चौबे ने स्पष्ट किया कि सवर्ण समाज का आंदोलन किसी जाति, धर्म या वर्ग के खिलाफ नहीं है। उन्होंने कहा कि आंदोलनकारी खुद को सनातनी और राष्ट्रप्रेमी बताते हैं तथा वे केवल अपने अधिकार, न्याय और सम्मान की लड़ाई लड़ रहे हैं।

उन्होंने कहा कि आंदोलन तब तक जारी रहेगा, जब तक यूजीसी से जुड़े विवादित प्रावधानों को वापस लेने और आरक्षण व्यवस्था में सुधार की मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं किया जाता।

सवर्ण समाज से संगठित होने की अपील

धरने के नौवें दिन सवर्ण समाज के लोगों से एकजुट होने की अपील करते हुए सूरज प्रसाद चौबे ने कहा कि वर्तमान समय समाज के लिए महत्वपूर्ण है। उन्होंने लोगों से अपने अधिकारों के प्रति जागरूक होने और राजनीतिक तथा सामाजिक स्तर पर अपनी आवाज मजबूत करने का आह्वान किया।

उन्होंने कहा कि सवर्ण समाज को अब यह तय करना होगा कि वह अपने मुद्दों पर संगठित होकर भविष्य की दिशा तय करेगा या फिर दूसरे लोग उसके भविष्य से जुड़े फैसले करते रहेंगे। धरने में शामिल लोगों ने यूजीसी से जुड़े कथित ‘काला कानून’ को वापस लेने और आरक्षण व्यवस्था में सुधार की मांग को लेकर नारेबाजी भी की।

फिलहाल, वाराणसी के शास्त्री घाट पर सवर्ण समाज का आंदोलन लगातार नौवें दिन भी जारी है और प्रदर्शनकारियों का कहना है कि उनकी मांगों पर ठोस कार्रवाई होने तक संघर्ष जारी रहेगा।

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