संगठन विस्तार के साथ कर्जमाफी, गन्ने का भाव और समय पर भुगतान की उठी मांग
संभल। भारतीय किसान यूनियन (बीआरएसएस) भारत राष्ट्रीय सेवक संघ की ओर से रविवार को चौधरी सराय, संभल में जनजागरण अभियान के तहत बैठक आयोजित की गई। बैठक चौधरी ऋषिपाल सिंह के नेतृत्व में हुई। अध्यक्षता सेवक सैनी ने की, जबकि संचालन युवा जिला मीडिया प्रभारी निर्देश कुमार ने किया। बैठक में संगठन को गांव-गांव तक मजबूत करने और किसानों की समस्याओं को प्रमुखता से उठाने की रणनीति पर चर्चा की गई।
बैठक को संबोधित करते हुए भाकियू के जिला अध्यक्ष संभल कामेंद्र चौधरी ने कहा कि किसान लगातार बढ़ती कृषि लागत के बीच खेती करने को मजबूर हैं। खाद-बीज, डीजल, बिजली और मजदूरी की कीमतों में बढ़ोतरी से खेती का खर्च लगातार बढ़ रहा है, जबकि किसानों को उनकी फसलों का उचित और लाभकारी मूल्य नहीं मिल पा रहा है। उन्होंने कहा कि किसानों की आर्थिक स्थिति को देखते हुए सरकार को उनकी समस्याओं के स्थायी समाधान की दिशा में ठोस कदम उठाने चाहिए।
गन्ना किसानों की समस्याओं का समाधान जरूरी
कामेंद्र चौधरी ने गन्ना किसानों की समस्याओं का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि किसानों को उनकी मेहनत के अनुरूप गन्ने का मूल्य मिलना चाहिए। संगठन की ओर से गन्ने का भाव 600 रुपये प्रति क्विंटल किए जाने और किसानों को गन्ने का भुगतान समय से कराने की मांग रखी गई।
उन्होंने कहा कि किसान को फसल तैयार करने से लेकर उसे बाजार तक पहुंचाने में लगातार बढ़ती लागत का सामना करना पड़ता है। ऐसे में यदि फसल का लाभकारी मूल्य नहीं मिलेगा तो खेती से जुड़ा आर्थिक संकट और गहरा सकता है।
किसान-मजदूर कर्जमाफी की मांग
भाकियू पदाधिकारियों ने किसान और मजदूरों के कर्ज माफ किए जाने की मांग भी उठाई। जिला अध्यक्ष ने कहा कि किसान और मजदूर दोनों देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं। आर्थिक संकट से जूझ रहे परिवारों को राहत देने के लिए सरकार को कर्जमाफी सहित अन्य ठोस कदम उठाने चाहिए।
उन्होंने कहा कि किसानों की समस्याओं को केवल तत्काल राहत तक सीमित रखने के बजाय उनके स्थायी समाधान की जरूरत है। संगठन गांव से लेकर जिला स्तर तक किसानों की आवाज को मजबूती से उठाने का काम करेगा।
बिजली और सिंचाई व्यवस्था में सुधार की मांग
बैठक में किसानों की प्रमुख समस्याओं पर चर्चा करते हुए बिजली और सिंचाई व्यवस्था में सुधार की मांग की गई। पदाधिकारियों ने कहा कि खेती के लिए पर्याप्त और सुचारु बिजली तथा सिंचाई की व्यवस्था बेहद जरूरी है। इसके अलावा फसलों के लाभकारी मूल्य और समय पर भुगतान को लेकर भी संगठन अपनी मांग आगे बढ़ाएगा।
संगठन की ओर से किसानों की प्रमुख मांगों में किसान-मजदूर कर्जमाफी, गन्ने का 600 रुपये प्रति क्विंटल भाव, गन्ने का समय से भुगतान, फसलों का लाभकारी मूल्य तथा बिजली और सिंचाई व्यवस्था में सुधार को शामिल किया गया।
गांव-गांव संपर्क अभियान पर जोर
युवा जिला मीडिया प्रभारी निर्देश कुमार ने कार्यकर्ताओं से गांव-गांव जाकर किसानों से संपर्क करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि कार्यकर्ता किसानों की समस्याओं को नजदीक से समझें और उन्हें संगठन तक पहुंचाएं, ताकि संबंधित मुद्दों को उचित स्तर पर उठाया जा सके।
बैठक में संगठन के विस्तार के साथ जनजागरण अभियान को भी गति देने का निर्णय लिया गया। पदाधिकारियों ने कार्यकर्ताओं से किसानों की समस्याओं को प्राथमिकता के आधार पर उठाने और संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत करने की अपील की।
बैठक में जिला अध्यक्ष संभल कामेंद्र चौधरी, जिला संगठन मंत्री चौ. ऋषिपाल सिंह, जिला महामंत्री (अल्पसंख्यक मोर्चा) इस्माइल खां, युवा जिला मीडिया प्रभारी निर्देश कुमार, जिला मंत्री (अल्पसंख्यक मोर्चा) सुफियान पाशा, तहसील संरक्षक सेवक सैनी, ब्लॉक मंत्री मनीराम गुर्जर, ब्लॉक प्रभारी नरेंद्र चौधरी, युवा ब्लॉक उपाध्यक्ष मो. हसन, वरिष्ठ कार्यकर्ता बिजेंद्र कुमार, सतपाल सिंह, मो. शारिक, सगीर अहमद, अंसार अली सहित अन्य कार्यकर्ता मौजूद रहे।
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