कोलकाता। पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री व तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी के हलिशहर दौरे के दौरान रविवार को जोरदार विरोध प्रदर्शन हुआ। ममता बनर्जी तृणमूल कांग्रेस के मृत कार्यकर्ता बिरजू केवट के परिवार से मिलने पहुंची थीं। इसी दौरान हलिशहर के भूतबागान इलाके में उनकी कार को प्रदर्शनकारियों ने घेर लिया और उनके खिलाफ ‘चोर-चोर’ के नारे लगाए। आरोप है कि प्रदर्शनकारियों ने उनकी कार पर कीचड़, जूते और ईंटें भी फेंकीं। घटना के बाद इलाके में तनाव का माहौल बन गया और पुलिस को स्थिति संभालने के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ी।
दरअसल, हलिशहर थाने के लॉकअप में तृणमूल कांग्रेस कार्यकर्ता बिरजू की असामान्य परिस्थितियों में मौत हो गई थी। बिरजू तृणमूल कांग्रेस के सक्रिय कार्यकर्ता थे। उनकी पत्नी जेनी शर्मा केवट कांचरापाड़ा नगरपालिका की पूर्व तृणमूल पार्षद हैं। हाल ही में हलिशहर की एक महिला की शिकायत के आधार पर पुलिस ने बिरजू को गिरफ्तार किया था। उनके खिलाफ जबरन वसूली, धमकी, आर्थिक धोखाधड़ी और हथियार अधिनियम के तहत मामले दर्ज किए गए थे।
शुक्रवार को बिरजू को बैरकपुर अदालत में पेश किया गया था, जहां अदालत ने उन्हें पांच दिनों की पुलिस हिरासत में भेज दिया था। पुलिस के अनुसार, शनिवार सुबह थाने के लॉकअप में बिरजू की अचानक तबीयत बिगड़ गई। उन्हें कल्याणी स्थित जवाहरलाल नेहरू अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
हालांकि, बिरजू के परिवार ने आरोप लगाया है कि लॉकअप में पुलिस की पिटाई के कारण उनकी मौत हुई। पुलिस ने मारपीट के आरोपों से इनकार किया है। इसी मामले में परिवार से मिलने के लिए ममता बनर्जी रविवार को हलिशहर पहुंचीं।
भूतबागान में ममता की कार पहुंचते ही प्रदर्शन शुरू हो गया। लोगों के एक हिस्से ने उनकी कार के पीछे दौड़ते हुए ‘चोर-चोर’ के नारे लगाए। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि बिरजू के परिवार के प्रति उनकी सहानुभूति है, लेकिन उनका आरोप है कि ममता बनर्जी ने पिछले 15 वर्षों में बंगाल को बर्बाद कर दिया है। प्रदर्शनकारियों ने यह भी आरोप लगाया कि वह शांत बीजपुर इलाके को अशांत करने के लिए यहां आई हैं।
ममता बनर्जी ने इस विरोध प्रदर्शन की कड़ी निंदा की। उन्होंने आरोप लगाया कि लॉकअप में मौत के बाद भी परिवार को डराया जा रहा है और बाहर से लोगों को बुलाकर हंगामा कराया गया। ममता ने कहा कि उनकी कार पर बड़े-बड़े पत्थर मारे गए और वाहन की हालत देखकर इसकी पुष्टि की जा सकती है। उन्होंने आरोप लगाया कि बंगाल आज ‘अराजक’ तत्वों के हाथों में चला गया है। ममता ने यह भी दावा किया कि वह परिवार से मिलने आने वाली थीं, लेकिन स्थानीय विधायक ने परिवार को घर से बाहर नहीं निकलने को कहा था। उन्होंने कहा कि इस मामले में प्राथमिकी दर्ज कराई जाएगी।
हालांकि, इस पूरे मामले पर बीजपुर के विधायक सुदीप्त दास की ओर से फिलहाल कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। दूसरी ओर, मृतक के परिवार ने कहा है कि इस समय उनकी प्राथमिकता बिरजू की मौत के मामले में न्याय हासिल करना है। इसके अलावा किसी अन्य मुद्दे में उनकी कोई रुचि नहीं है।
घटना पर भाजपा के प्रवक्ता देवजीत सरकार ने कहा कि वह इस मामले में ज्यादा कुछ नहीं कहना चाहते। उन्होंने इसे ममता बनर्जी का ‘कर्मफल’ बताया। उन्होंने कहा कि अलोकतांत्रिक तरीके से विरोध कर ममता बनर्जी को फिर से प्रासंगिक बनाने का कोई मतलब नहीं है। उन्होंने दावा किया कि ममता अब बंगाल की जनता द्वारा अस्वीकार की जा चुकी हैं। साथ ही उन्होंने यह संभावना भी जताई कि यह पूरी घटना उनके अपने लोगों की योजना का हिस्सा हो सकती है।
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