नई दिल्ली । चुनाव आयोग में कथित अंदरूनी मतभेदों को लेकर शुरू हुआ विवाद अब सड़कों पर दिखने लगा है। मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर को लेकर चल रहे विवाद के बीच कांग्रेस देशभर में प्रदर्शन कर रही है। इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के बाद चुनाव आयोग विपक्ष के निशाने पर है। पूरे देश में आज चुनाव आयोग और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रदर्शन हो रहा है।
आज कांग्रेस का देशभर में मार्च
कांग्रेस ने 25 सितंबर को सभी प्रदेश कांग्रेस समितियों को अपने-अपने राज्यों में चुनाव आयोग के कार्यालयों तक मार्च निकालने का निर्देश दिया है। कांग्रेस की ओर से कहा गया है कि प्रदर्शन के दौरान CEC ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने, उनके खिलाफ कार्रवाई और उनके कार्यकाल में हुए फैसलों तथा मतदाता सूची में किए गए बदलावों की स्वतंत्र समीक्षा की मांग की जाएगी। कांग्रेस ने प्रदर्शन का दो चरणों वाला कार्यक्रम घोषित किया है। पार्टी महासचिव केसी वेणुगोपाल के मुताबिक, 25 सितंबर को प्रदेश कांग्रेस कमेटियों को अपने-अपने राज्य चुनाव आयोग कार्यालयों तक मार्च निकालने का निर्देश दिया गया। इसके बाद 28 सितंबर को सभी जिला कांग्रेस समितियां जिला कलेक्ट्रेट तक इसी तरह के मार्च निकालेंगी।
इन शहरों में कांग्रेस सड़क पर
दिल्ली समेत चंडीगढ़, जम्मू-कश्मीर, लखनऊ, कोलकाता और देहरादून कई जगहों पर कांग्रेस कार्यकर्ता सड़कों पर उतरे और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की। दिल्ली में भी चुनाव आयोग के कार्यालय के बाहर सुरक्षा बढ़ाई गई और कांग्रेस के प्रदर्शन को देखते हुए पुलिस बल तैनात किया गया। लखनऊ में कांग्रेस चुनाव आयोग के खिलाफ विरोध प्रदर्शन कर रही है। कांग्रेस के प्रदेश कार्यालय के बाहर हो रहे इस प्रदर्शन में पार्टी के वरिष्ठ नेता अजय राय भी शामिल हुए हैं।
2 अक्टूबर से देशभर में सीजेपी का प्रदर्शन
वहीं, दूसरी तरफ कॉकरोच जनता पार्टी ने कहा है कि अगर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने इस्तीफा नहीं दिया तो 2 अक्टूबर से मुंबई में देशव्यापी प्रदर्शन शुरू किया जाएगा। सीजेपी के राष्ट्रीय संयोजक अभिजीत दिपके ने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि अगर ज्ञानेश कुमार ने कल तक इस्तीफा नहीं दिया तो पार्टी 2 अक्टूबर को मुंबई से अपना आंदोलन शुरू करेगी और इसे देश के अलग-अलग शहरों तक ले जाएगी। उन्होंने कहा कि यह प्रदर्शन गांधी जयंती के दिन शुरू किया जाएगा।
मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग की वजह क्या?
विरोध का कारण एसआईआर को लेकर चुनाव आयोग के भीतर कथित मतभेदों से जुड़ी एक रिपोर्ट है। इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने पिछले 10 महीनों में कम से कम 14 बार एसआईआर से जुड़े कुछ फैसलों और आदेशों पर आपत्ति दर्ज कराई थी। रिपोर्ट के अनुसार, आपत्तियों में वैधानिक मतदाता पंजीकरण फॉर्म 6 में बदलाव, मतदाता सूची में नाम जोड़ने और हटाने की प्रक्रिया तथा मतदाता सूची के डेटाबेस पर केंद्रीकृत नियंत्रण से जुड़े मुद्दे शामिल थे।
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