होम उप्र न्यूज़ सरकारी डॉक्टर के घर मातम, पत्नी ने फंदे से दी जान, ड्यूटी...

सरकारी डॉक्टर के घर मातम, पत्नी ने फंदे से दी जान, ड्यूटी से लौटे पति ने देखा दिल दहला देने वाला मंजर

0
19

सीतापुर से लौटे डॉक्टर ने खटखटाया दरवाजा, नहीं मिला जवाब; पुलिस ने दरवाजा तोड़ा तो पंखे से लटकी मिली पत्नी, फॉरेंसिक टीम ने जुटाए साक्ष्य

एसएमयूपीन्यूज,लखनऊ। राजधानी लखनऊ के जानकीपुरम सेक्टर-8 में मंगलवार शाम एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई। सीतापुर के सरकारी अस्पताल में तैनात डॉक्टर जब ड्यूटी पूरी कर घर लौटे तो उन्हें अंदाजा भी नहीं था कि घर के अंदर उनका इंतजार एक दर्दनाक मंजर कर रहा है। काफी देर तक दरवाजा खटखटाने के बावजूद जब अंदर से कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली तो उन्होंने तत्काल पुलिस को सूचना दी।

अंदर का दृश्य देखकर सभी स्तब्ध रह गए

सूचना मिलते ही जानकीपुरम पुलिस मौके पर पहुंची। दरवाजा अंदर से बंद होने के कारण पुलिस ने उसे तोड़कर घर में प्रवेश किया। अंदर का दृश्य देखकर सभी स्तब्ध रह गए। कमरे में डॉक्टर की पत्नी आशा त्रिपाठी (करीब 42 वर्ष) पंखे से फंदे के सहारे लटकी मिलीं। पुलिस ने तत्काल शव को नीचे उतारकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।मृतका के पति डॉ. अनिल त्रिपाठी सीतापुर के एक सरकारी अस्पताल में चिकित्सक हैं। घटना के बाद पूरे इलाके में सनसनी फैल गई और बड़ी संख्या में स्थानीय लोग मौके पर जुट गए।

फॉरेंसिक टीम ने खंगाला घटनास्थल

घटना की सूचना पर फॉरेंसिक विशेषज्ञों की टीम भी मौके पर पहुंची। टीम ने कमरे और घर के अन्य हिस्सों की बारीकी से जांच की तथा जरूरी साक्ष्य एकत्र किए। पुलिस हर पहलू को ध्यान में रखते हुए मामले की जांच कर रही है।

सुसाइड नोट नहीं मिला, मौत की वजह बनी पहेली

प्रारंभिक जांच में पुलिस को मौके से कोई सुसाइड नोट मिलने की पुष्टि नहीं हुई है। ऐसे में आत्महत्या के पीछे की वजह अभी स्पष्ट नहीं हो सकी है। पुलिस परिजनों और परिचितों से पूछताछ कर रही है तथा पोस्टमार्टम रिपोर्ट और फॉरेंसिक जांच का इंतजार किया जा रहा है।

परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़

परिजनों के अनुसार, आशा त्रिपाठी के दो बेटे हैं, जिनमें से एक भारतीय सेना में अधिकारी है। घटना की सूचना मिलते ही रिश्तेदार और परिचित घर पहुंच गए। परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है।

हर पहलू से जांच में जुटी पुलिस

पुलिस का कहना है कि फिलहाल आत्महत्या के कारणों का पता नहीं चल पाया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट, फॉरेंसिक साक्ष्य और जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों का कहना है कि मामले के हर पहलू की निष्पक्ष जांच की जा रही है और किसी भी संभावना को नजरअंदाज नहीं किया जा रहा है।

यह भी पढ़े : यूपी में 13 आईएएस अधिकारियों के तबादले, इंद्र विक्रम सिंह बने गोरखपुर के नए मंडलायुक्त

यह भी पढ़े : राज्यसभा से एमएसएमई संशोधन विधेयक 2026 पास, भुगतान व्यवस्था होगी मजबूत

यह भी पढ़े : बांकीपुर में प्रशांत किशोर की ऐतिहासिक जीत, भाजपा 19,324 वोटों से हारी

यह भी पढ़े : अधिवक्ताओं के लिए CM योगी का बड़ा ऐलान, कैशलेस इलाज की सुविधा जल्द होगी लागू

यह भी पढ़े : बंगाल में पुलिस भर्ती का बड़ा ऐलान, 1 लाख नए जवानों की होगी भर्ती, दुर्गापूजा से पहले 14 हजार को मिलेगी तैनाती