अदालत ने सुनाया ऐतिहासिक फैसला
वॉशिंगटन/न्यू मैक्सिको। अमेरिका के न्यू मैक्सिको की एक अदालत ने इंस्टाग्राम और फेसबुक की पैरेंट कंपनी मेटा को उसके सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म से युवाओं को हुए नुकसान की भरपाई के लिए 567 मिलियन डॉलर (करीब 5,400 करोड़ रुपये) का भुगतान करने का आदेश दिया है। यह आदेश उस ऐतिहासिक मुकदमे के दूसरे चरण में आया है, जिसमें मार्च में अदालत ने मेटा को जिम्मेदार ठहराया था।
अदालत के फैसले के अनुसार, कुल राशि में से 420 मिलियन डॉलर युवाओं के इलाज, मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं और पुनर्वास कार्यक्रमों पर खर्च किए जाएंगे। शेष राशि अगले पांच वर्षों में जागरूकता अभियान, रोकथाम कार्यक्रम, स्क्रीनिंग सेवाओं और बच्चों की ऑनलाइन सुरक्षा से जुड़े अन्य कार्यों पर खर्च की जाएगी।
पहले चरण में भी लगा था भारी जुर्माना
इस मुकदमे के पहले चरण में जूरी ने मेटा पर 375 मिलियन डॉलर का सिविल जुर्माना लगाया था। जूरी ने माना था कि कंपनी को इस बात की जानकारी थी कि उसके सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म बच्चों और किशोरों के मानसिक स्वास्थ्य पर नकारात्मक प्रभाव डाल सकते हैं। साथ ही, कंपनी पर अपने प्लेटफॉर्म पर बच्चों के यौन शोषण से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी छिपाने के आरोपों को भी स्वीकार किया गया था।
अभियोजन पक्ष ने मांगे थे बड़े बदलाव
मुकदमे के दूसरे चरण में अभियोजन पक्ष ने अदालत से मेटा के प्लेटफॉर्म में कई महत्वपूर्ण बदलाव लागू करने की मांग की। इनमें लत पैदा करने वाले फीचर्स को सीमित करना, आयु सत्यापन प्रणाली को मजबूत बनाना, डिफॉल्ट प्राइवेसी सेटिंग्स को अधिक सुरक्षित करना और बच्चों के यौन शोषण को रोकने के लिए निगरानी व्यवस्था को सख्त करना शामिल था।
अदालत ने आयु सत्यापन पर क्या कहा?
अदालत ने अपने फैसले में कहा कि अमेरिका का Children’s Online Privacy Protection Act (COPPA) 13 वर्ष से कम आयु के बच्चों के लिए मेटा को अनिवार्य आयु सत्यापन लागू करने का अधिकार नहीं देता। कानून के तहत कंपनी बच्चों से अतिरिक्त व्यक्तिगत जानकारी नहीं मांग सकती और केवल आयु सत्यापन के उद्देश्य से उनकी ऑनलाइन गतिविधियों की निगरानी भी नहीं कर सकती।
अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि केवल मेटा को आयु सत्यापन लागू करने का निर्देश दिया जाए, जबकि अन्य सोशल मीडिया कंपनियों पर ऐसी बाध्यता न हो, तो यह समानता के सिद्धांत के विपरीत और कंपनी के साथ अनुचित व्यवहार होगा।
ऑनलाइन सुरक्षा पर बढ़ी बहस
इस फैसले के बाद अमेरिका में बच्चों और किशोरों की ऑनलाइन सुरक्षा, सोशल मीडिया की जवाबदेही और टेक कंपनियों की जिम्मेदारी को लेकर बहस और तेज होने की संभावना है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह निर्णय भविष्य में सोशल मीडिया कंपनियों की नीतियों और बच्चों की सुरक्षा से जुड़े नियमों पर व्यापक प्रभाव डाल सकता है।
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