नई दिल्ली। प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित पेपर लीक और शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता की मांग को लेकर 26 दिनों से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने अपना अनशन समाप्त कर दिया। यह फैसला केंद्र सरकार के साथ कई दौर की बातचीत और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से पेपर लीक के खिलाफ सख्त कार्रवाई के आश्वासन के बाद लिया गया।
अनशन समाप्त करने से पहले केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा और केंद्रीय राज्यमंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने सफदरजंग अस्पताल पहुंचकर सोनम वांगचुक से मुलाकात की। दोनों नेताओं और आंदोलनकारियों के बीच लंबी बातचीत के बाद कई अहम बिंदुओं पर सहमति बनी। सूत्रों के अनुसार, सरकार ने प्रदर्शन में शामिल लोगों के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई नहीं करने और परीक्षा प्रणाली से जुड़े मुद्दों पर गंभीरता से कदम उठाने का भरोसा भी दिया।
अनशन समाप्त करने के बाद सोनम वांगचुक ने कहा कि उन्होंने देश में शांति बनाए रखने और सार्थक संवाद को आगे बढ़ाने के उद्देश्य से यह निर्णय लिया है। उन्होंने बताया कि विभिन्न राजनीतिक दलों के लगभग 65 सांसदों ने भी उनसे मुलाकात कर या पत्र लिखकर अनशन समाप्त करने का आग्रह किया था। उन्होंने कहा कि आंदोलन पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है और जल्द ही एक वीडियो जारी कर अपनी आगे की रणनीति तथा सरकार के साथ हुई सहमति के बिंदुओं की जानकारी देंगे।
वांगचुक ने अपने समर्थकों से अपील की कि वे शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से अपनी आवाज उठाते रहें तथा किसी भी प्रकार की हिंसा से दूर रहें।सोनम वांगचुक ने 28 जून को उन छात्रों और युवाओं के समर्थन में अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू की थी, जो प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित पेपर लीक के खिलाफ कार्रवाई और शिक्षा व्यवस्था में जवाबदेही की मांग कर रहे थे। उनकी प्रमुख मांगों में परीक्षा प्रणाली को अधिक पारदर्शी बनाना, दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करना और भविष्य में पेपर लीक रोकने के लिए प्रभावी व्यवस्था लागू करना शामिल था।
लगातार उपवास के कारण 18 जुलाई को उनकी तबीयत बिगड़ गई थी। चिकित्सकों की सलाह और अदालत के निर्देश पर दिल्ली पुलिस उन्हें सफदरजंग अस्पताल ले गई, जहां उनका उपचार जारी था।इस बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक वीडियो संदेश और सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर कहा कि पेपर लीक जैसी घटनाओं के खिलाफ सरकार और अधिक कठोर कदम उठाएगी तथा इस विषय पर कैबिनेट स्तर पर महत्वपूर्ण निर्णय किए जाएंगे।
प्रधानमंत्री के इस आश्वासन के बाद सरकार और आंदोलनकारियों के बीच संवाद तेज हुआ और अंततः वांगचुक ने अपना अनशन समाप्त करने की घोषणा कर दी।वहीं, केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने सोनम वांगचुक के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करते हुए कहा कि वे डॉक्टरों की सलाह का पालन करें और जल्द स्वस्थ होकर सामान्य जीवन में लौटें।
यह भी पढ़े :फर्जी FASTag से करोड़ों के टोल राजस्व की चोरी का भंडाफोड़
यह भी पढ़े : UPSSSC ने जारी किया एक्स-रे टेक्नीशियन भर्ती का फाइनल रिजल्ट, 377 अभ्यर्थियों का चयन
