स्वस्थ नागरिक ही विकसित भारत की सबसे बड़ी ताकत : केंद्रीय मंत्री अनुप्रिया पटेल

मीरजापुर। केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्य मंत्री Anupriya Patel ने कहा है कि स्वस्थ नागरिक किसी भी विकसित राष्ट्र की सबसे बड़ी पूंजी होते हैं और इसी सोच के साथ केंद्र सरकार देश की स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत बनाने के लिए लगातार काम कर रही है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री Narendra Modi के नेतृत्व में पिछले 12 वर्षों में स्वास्थ्य क्षेत्र में ऐतिहासिक परिवर्तन देखने को मिले हैं, जिसके परिणामस्वरूप आज आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाएं गांव-गांव तक पहुंच रही हैं।
अनुप्रिया पटेल ने कहा कि बेहतर स्वास्थ्य व्यवस्था केवल लोगों के जीवन स्तर को सुधारने का माध्यम नहीं है, बल्कि यह देश की आर्थिक प्रगति, उत्पादकता और सामाजिक विकास का भी महत्वपूर्ण आधार है। स्वस्थ नागरिक अधिक सक्षम, उत्पादक और आत्मनिर्भर होते हैं, जिससे राष्ट्र निर्माण को मजबूती मिलती है।
उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय स्वास्थ्य नीति-2017 के तहत सरकार का लक्ष्य देश के प्रत्येक नागरिक को गुणवत्तापूर्ण और किफायती स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना है। इसी उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए देशभर में आयुष्मान आरोग्य मंदिरों की स्थापना की गई है। इन केंद्रों पर प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाएं, रोगों की जांच, चिकित्सकीय परामर्श और स्वास्थ्य जागरूकता कार्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि मई 2026 तक देश में 1.8 लाख से अधिक आयुष्मान आरोग्य मंदिर संचालित हो चुके हैं।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं को डिजिटल माध्यम से लोगों तक पहुंचाने के लिए ई-संजीवनी प्लेटफॉर्म महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। इस प्लेटफॉर्म के जरिए अब तक 70 करोड़ से अधिक टेली-परामर्श प्रदान किए जा चुके हैं, जबकि 120 करोड़ से ज्यादा ओपीडी सेवाएं उपलब्ध कराई गई हैं। इससे दूरदराज और ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को विशेषज्ञ चिकित्सकों की सलाह आसानी से मिल रही है।
उन्होंने बताया कि कैंसर, मधुमेह, उच्च रक्तचाप और अन्य गैर-संचारी रोगों की समय रहते पहचान और उपचार सुनिश्चित करने के लिए देशभर में व्यापक स्क्रीनिंग अभियान चलाए जा रहे हैं। इससे गंभीर बीमारियों का प्रारंभिक चरण में पता लगाकर बेहतर उपचार संभव हो रहा है।
अनुप्रिया पटेल ने आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना को देश की सबसे बड़ी स्वास्थ्य सुरक्षा योजनाओं में से एक बताते हुए कहा कि इसके माध्यम से करोड़ों परिवारों को पांच लाख रुपये तक का स्वास्थ्य बीमा कवच प्रदान किया जा रहा है। इससे आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को गंभीर बीमारियों के इलाज में बड़ी राहत मिली है।
उन्होंने कहा कि आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन के तहत स्वास्थ्य सेवाओं के डिजिटलीकरण को बढ़ावा दिया जा रहा है। इस पहल के अंतर्गत अब तक 91 करोड़ से अधिक आभा (ABHA) आईडी बनाई जा चुकी हैं, जिससे नागरिकों का डिजिटल स्वास्थ्य रिकॉर्ड सुरक्षित और सुलभ हो रहा है।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि स्वास्थ्य क्षेत्र में सरकार द्वारा किए गए निवेश और सुधारों का सकारात्मक प्रभाव स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है। देश में मातृ मृत्यु दर में उल्लेखनीय कमी आई है, संस्थागत प्रसव की संख्या बढ़ी है और टीकाकरण अभियान का दायरा भी व्यापक हुआ है। इससे महिलाओं और बच्चों के स्वास्थ्य में महत्वपूर्ण सुधार देखने को मिला है।
उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार का उद्देश्य देश के हर नागरिक तक गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाना है। सरकार “स्वस्थ भारत, सशक्त भारत” के संकल्प को साकार करने के लिए स्वास्थ्य अवसंरचना, डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं और जनकल्याणकारी योजनाओं को लगातार मजबूत कर रही है।
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