अम्बेडकर । उत्तर प्रदेश के अम्बेडकर नगर जनपद के अकबरपुर थाना क्षेत्र स्थित मीरानपुर मोहल्ले में शनिवार को सामने आई घटना ने पूरे इलाके को स्तब्ध कर दिया। एक ही घर के अंदर चार मासूम बच्चों के खून से लथपथ शव मिलने से हड़कंप मच गया, जबकि उनकी मां गासिया खातून रहस्यमय तरीके से लापता है। पुलिस प्रथम दृष्टया इस जघन्य वारदात में मां की संलिप्तता की आशंका जता रही है, हालांकि हर पहलू पर जांच जारी है।

बंद दरवाजे के पीछे खौफनाक सन्नाटा

शनिवार सुबह करीब 7:30 बजे दूधवाले ने घर का दरवाजा खटखटाया, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। वह लौट गया। दोपहर तक भी घर से कोई हलचल नहीं हुई तो पड़ोसियों को शक हुआ। इसी बीच सऊदी अरब में रह रहे बच्चों के पिता नियाज ने फोन किया, लेकिन कॉल रिसीव नहीं हुई। अनहोनी की आशंका पर उसने रिश्तेदारों को घर भेजा।

मरे में तख्त पर चारों बच्चों के शव खून से सने पड़े थे

करीब तीन बजे पुलिस मौके पर पहुंची। मुख्य दरवाजा अंदर से बंद था। पुलिस टीम पहली मंजिल की बालकनी के रास्ते घर में दाखिल हुई और दरवाजा खोला। अंदर का दृश्य देखकर हर कोई सन्न रह गया—कमरे में तख्त पर चारों बच्चों के शव खून से सने पड़े थे। दीवारों, फर्श और बिस्तर तक पर खून के छींटे फैले थे।

चार मासूम, एक साथ खत्म हुई जिंदगी

मृत बच्चों की पहचान शफीक (14), सऊद (12), उमर (10) और सबसे छोटी बेटी बयान उर्फ सादिया (8) के रूप में हुई है। ये सभी स्थानीय स्कूल में पढ़ते थे और पढ़ाई में अच्छे बताए जा रहे हैं। शुक्रवार दोपहर स्कूल से लौटने के बाद वे घर से बाहर नहीं निकले थे।

हत्या से पहले नशीला पदार्थ देने की आशंका

मौके पर उल्टी के निशान मिलने से पुलिस को शक है कि बच्चों को पहले खाने में नशीला या विषैला पदार्थ दिया गया। जब वे बेसुध हो गए, तब उनके सिर पर किसी भारी वस्तु—संभवतः ईंट या हथौड़े—से वार कर बेरहमी से हत्या कर दी गई। हालांकि घटना में प्रयुक्त हथियार मौके से बरामद नहीं हुआ है।

मां पर शक, बालकनी से फरार होने की आशंका

घटना के बाद से बच्चों की मां गासिया खातून (37) लापता है। पुलिस का मानना है कि वारदात के बाद वह घर को अंदर से बंद कर बालकनी के रास्ते भाग गई।पुलिस अधीक्षक प्राची सिंह ने बताया कि प्रथम दृष्टया मामला मां द्वारा बच्चों की हत्या का प्रतीत होता है, लेकिन अन्य सभी पहलुओं पर भी गंभीरता से जांच की जा रही है।

पारिवारिक विवाद और दूसरी शादी का एंगल

जांच में एक अहम तथ्य यह भी सामने आया है कि बच्चों के पिता नियाज (42) पिछले चार साल से सऊदी अरब में रह रहे हैं और वहीं उन्होंने कथित तौर पर एक पाकिस्तानी महिला से निकाह कर लिया है। इसके चलते पति-पत्नी के बीच लंबे समय से विवाद चल रहा था।गासिया खातून मानसिक तनाव में रहती थी। पुलिस इस एंगल को भी प्रमुखता से देख रही है कि कहीं इसी पारिवारिक विवाद ने इस भयावह घटना को जन्म तो नहीं दिया।

पिता को ऐसे हुआ शक

नियाज अपने बच्चों से नियमित बातचीत करता था। शनिवार को जब फोन रिसीव नहीं हुआ तो उसे चिंता हुई। उसने अपने एक साथी और रिश्तेदारों को सूचना दी। इसके बाद मामला सामने आया।बताया जा रहा है कि नियाज सऊदी अरब से वापस आने की तैयारी में है और जल्द ही भारत पहुंच सकता है।

पुलिस की व्यापक जांच

घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने छह टीमों का गठन किया है—आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं। महिला के मोबाइल का डेटा और कॉल डिटेल (CDR) जांची जा रही है। संभावित प्रेम प्रसंग और अन्य संबंधों की भी पड़ताल। चौतरफा दबिश देकर महिला की तलाश। फॉरेंसिक टीम ने मौके से साक्ष्य जुटाए हैं और चारों शवों को पोस्टमार्टम के लिए राजकीय मेडिकल कॉलेज भेजा गया है।

परिजनों में गुस्सा और मातम

घटना के बाद परिवार में कोहराम मच गया। चार बच्चों की एक साथ मौत से गांव कसड़ा (पैतृक स्थान) से लेकर मीरानपुर तक शोक की लहर दौड़ गई।पोस्टमार्टम के दौरान परिजनों में आक्रोश भी देखने को मिला। उन्होंने पुलिस से जल्द खुलासा करने और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की। इस दौरान पुलिस और परिजनों के बीच हल्की कहासुनी भी हुई।

एक परिवार, कई अनसुलझे सवाल

करीब 17 साल पहले हुई इस शादी से चार बच्चे थे। नियाज ने मीरानपुर में अपनी पत्नी के नाम जमीन लेकर दो मंजिला मकान बनवाया था। परिवार आर्थिक रूप से कमजोर नहीं था, लेकिन बीते कुछ वर्षों में रिश्तों में आई दरार ने सब कुछ खत्म कर दिया।

उठते बड़े सवाल

क्या सच में मां ने ही चारों बच्चों की हत्या की?

क्या पारिवारिक विवाद ही इस कांड की वजह है?

क्या इस घटना में कोई और भी शामिल है?

हत्या के पीछे मानसिक तनाव, संबंध या संपत्ति विवाद—कौन सा कारण सबसे बड़ा है?

झकझोर देने वाली घटना

यह घटना सिर्फ एक अपराध नहीं, बल्कि रिश्तों के टूटने, मानसिक तनाव और सामाजिक परिस्थितियों के खतरनाक परिणाम की तस्वीर पेश करती है।चार मासूम जिंदगियों का इस तरह खत्म हो जाना हर किसी को अंदर तक झकझोर रहा है।

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *