लखनऊ। सपा प्रमुख अखिलेश यादव के भाई प्रतीक यादव के आकस्मिक निधन के बाद राजनीतिक गलियारों में कई तरह की चर्चाएं तेज हो गई हैं। हालांकि परिवार और प्रशासन की ओर से अब तक मौत के कारणों को लेकर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है, लेकिन पोस्टमार्टम और कुछ बयानों के बाद मामला चर्चा का विषय बन गया है।बताया जा रहा है कि प्रतीक यादव के साथ जिम करने वाले एक युवक अंकित ने पहले दावा किया था कि प्रतीक यादव की बॉडी नीली पड़ गई थी, लेकिन बाद में वह अपने बयान से पीछे हट गया और कहा कि उसने ऐसा कुछ नहीं कहा। इस बयान के बाद सोशल मीडिया और राजनीतिक हलकों में तरह-तरह की अटकलें लगाई जाने लगीं।

प्रतीक मेहनती व्यक्ति थे और जीवन में बहुत कुछ करना चाहते थे

इधर अखिलेश यादव बुधवार सुबह केजीएमयू स्थित पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे। उन्होंने मीडिया से बातचीत में कहा कि प्रतीक मेहनती व्यक्ति थे और जीवन में बहुत कुछ करना चाहते थे। उनका इस तरह अचानक चले जाना बेहद दुखद है।वहीं समाजवादी पार्टी नेता और लखनऊ मध्य से विधायक Ravidas Mehrotra ने भी मामले को लेकर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि डॉक्टरों से बातचीत में उन्हें बताया गया कि संदिग्ध परिस्थितियों में मौत होने पर पोस्टमार्टम कराया जाता है। रविदास मेहरोत्रा ने कहा कि प्रतीक फिटनेस को लेकर बेहद सजग थे और नियमित जिम करते थे, ऐसे में उनकी अचानक मौत कई सवाल खड़े करती है।

माैत का कारण जानने के लिए जांच समिति गठित की जानी चाहिए

उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए कहा कि किसी स्वतंत्र न्यायाधीश की अध्यक्षता में जांच समिति गठित की जानी चाहिए ताकि मौत के वास्तविक कारण सामने आ सकें।सूत्रों के मुताबिक पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी होने के बाद प्रतीक यादव का शव परिजनों को सौंपा जाएगा। बताया जा रहा है कि उनकी पत्नी Aparna Yadav के लखनऊ पहुंचने के बाद ही आगे की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।फिलहाल पूरे मामले में आधिकारिक पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है, जिसके बाद ही मौत के कारणों को लेकर स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

गंभीर बीमारी ‘पल्मोनरी एम्बोलिज्म’ से जूझ रहे थे

प्रतीक यादव के आकस्मिक निधन के बाद अब उनकी बीमारी को लेकर अहम जानकारी सामने आ रही है। बताया जा रहा है कि प्रतीक यादव पिछले कुछ समय से फेफड़ों की गंभीर बीमारी ‘पल्मोनरी एम्बोलिज्म’ से जूझ रहे थे। यह एक बेहद खतरनाक मेडिकल स्थिति होती है, जिसमें खून का थक्का फेफड़ों की नसों में फंस जाता है और ब्लड सर्कुलेशन गंभीर रूप से प्रभावित हो जाता है।सूत्रों के मुताबिक कुछ समय पहले प्रतीक यादव को लखनऊ के एक निजी अस्पताल में गंभीर हालत में भर्ती कराया गया था। वह आईसीयू में रहकर इलाज करा रहे थे। डॉक्टरों के अनुसार उन्हें अचानक सांस लेने में तकलीफ, सीने में दर्द और ऑक्सीजन लेवल गिरने जैसी समस्याएं हो रही थीं। जांच में पल्मोनरी एम्बोलिज्म की पुष्टि हुई थी।

एम्बोलिज्म अपने आप में बेहद गंभीर और जानलेवा

मेडिसिन विभाग की एसोसिएट डायरेक्टर डॉ. रुचिता शर्मा के अनुसार प्रतीक यादव उनके पुराने मरीज थे और उन्हें हाई ब्लड प्रेशर व हाइपरटेंशन जैसी समस्याएं भी थीं। उन्होंने कहा कि फेफड़ों में ब्लड क्लॉट फंसने की वजह से उनके दिल पर भी गंभीर असर पड़ा था। डॉक्टरों के मुताबिक पल्मोनरी एम्बोलिज्म अपने आप में बेहद गंभीर और जानलेवा स्थिति मानी जाती है, जिसमें तत्काल विशेषज्ञ इलाज जरूरी होता है।जानकारी के अनुसार प्रतीक यादव ब्लड थिनर दवाएं भी ले रहे थे और अपनी बीमारी के बारे में पूरी तरह जागरूक थे। हालांकि बताया जा रहा है कि जरूरी इलाज पूरा होने से पहले ही वह अस्पताल से घर चले गए थे।

राजनीतिक और सामाजिक जगत में शोक की लहर

उधर, Aparna Yadav की करीबी मित्र रीना सिंह ने बताया कि करीब चार महीने पहले प्रतीक यादव के फेफड़ों में संक्रमण हुआ था, जिसके बाद उनका ऑपरेशन भी कराया गया था। निधन की खबर सुनते ही वह सीधे पोस्टमार्टम हाउस पहुंचीं।प्रतीक यादव के निधन के बाद राजनीतिक और सामाजिक जगत में शोक की लहर है। हालांकि अब तक परिवार या प्रशासन की ओर से मौत के कारण को लेकर आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही अंतिम स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

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