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नमामि गंगे एवं ग्रामीण जलापूर्ति विभाग में 170 अधिकारियों और कर्मचारियों के तबादले

लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार ने तबादला प्रक्रिया को लेकर एक नया प्रयोग करते हुए नमामि गंगे एवं ग्रामीण जलापूर्ति विभाग में बड़े स्तर पर पारदर्शी ट्रांसफर प्रक्रिया लागू की। शुक्रवार को आयोजित विशेष कार्यक्रम में 170 अधिकारियों और कर्मचारियों के तबादले पूरी तरह डिजिटल और खुली प्रक्रिया के तहत किए गए। खास बात यह रही कि अधिकारियों और कर्मचारियों को उनकी वरिष्ठता और कार्य प्रदर्शन के आधार पर खुद अपनी पसंद का जिला चुनने का अवसर दिया गया।

भूगर्भ जल विभाग के 11 अधिकारी एवं कर्मचारी शामिल रहे

जलशक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह की मौजूदगी में हुई इस प्रक्रिया में जल निगम ग्रामीण, लघु सिंचाई और भूगर्भ जल विभाग के अधिकारियों को नई तैनाती दी गई। इनमें जल निगम ग्रामीण विभाग के 131, लघु सिंचाई विभाग के 28 और भूगर्भ जल विभाग के 11 अधिकारी एवं कर्मचारी शामिल रहे। तबादला सूची में 2 मुख्य अभियंता, 15 अधीक्षण अभियंता, 35 अधिशासी अभियंता, 40 सहायक अभियंता और 78 जूनियर इंजीनियर शामिल थे।

विभिन्न जिलों में रिक्त पदों की जानकारी लाइव दिखाई जा रही थी

तबादला प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी बनाने के लिए विभागीय हॉल में आठ बड़ी स्क्रीन लगाई गई थीं, जिन पर विभिन्न जिलों में रिक्त पदों की जानकारी लाइव दिखाई जा रही थी। अधिकारियों को वरिष्ठता क्रम के अनुसार बुलाया गया और उनसे उनकी पसंद पूछकर संबंधित जिले को तत्काल सिस्टम में लॉक कर दिया गया। जैसे ही प्रक्रिया पूरी हुई, कुछ ही सेकेंड में ट्रांसफर आदेश संबंधित कार्मिकों के मोबाइल फोन पर भेज दिए गए।जो कर्मचारी और अधिकारी कार्यक्रम में मौजूद नहीं हो सके, उन्हें ऑनलाइन माध्यम से जोड़ा गया ताकि वे भी अपनी प्राथमिकता दर्ज करा सकें। इस व्यवस्था से प्रदेशभर के कार्मिकों को समान अवसर देने की कोशिश की गई।

तबादला प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की सिफारिश नहीं

जलशक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह ने कहा कि सरकार तबादला प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की सिफारिश और भ्रष्टाचार खत्म करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने बताया कि तैनाती के लिए वरिष्ठता और केपीआई यानी की परफॉर्मेंस इंडेक्स को आधार बनाया गया। पूरी प्रक्रिया कंप्यूटरीकृत रही, जिससे किसी भी स्तर पर हस्तक्षेप की संभावना नहीं रही।अपर मुख्य सचिव अनुराग श्रीवास्तव ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर विभागों में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाने के लिए नई व्यवस्थाएं लागू की जा रही हैं। उन्होंने कहा कि यह मॉडल भविष्य में अन्य विभागों के लिए भी उदाहरण बन सकता है।

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