लखनऊ । यूपी की राजधानी लखनऊ में कमिश्नरेट लखनऊ के निर्देशन में आज लखनऊ पुलिस साइबर क्राइम सेल एवं गैर सरकारी संस्था ‘प्रयास’ के संयुक्त तत्वावधान में एक विशेष साइबर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य स्कूली बच्चों को बढ़ते साइबर अपराधों एवं ऑनलाइन धोखाधड़ी से बचाव के प्रति जागरूक करना था।

लखनऊ पुलिस ने स्कूली बच्चों को सिखाए साइबर सुरक्षा के गुर

यह जागरूकता कार्यक्रम मॉडर्न एकेडमी स्कूल, लखनऊ में आयोजित किया गया, जिसमें विद्यालय की कक्षा 07 एवं 08 के छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। कार्यक्रम के दौरान बच्चों को इंटरनेट एवं सोशल मीडिया के सुरक्षित उपयोग के सम्बन्ध में व्यवहारिक एवं महत्वपूर्ण जानकारी दी गयी।विद्यालय परिसर में आयोजित इस कार्यक्रम में छात्र-छात्राओं के साथ विद्यालय के शिक्षकगण एवं अन्य स्टाफ भी उपस्थित रहे तथा साइबर सुरक्षा से सम्बन्धित जानकारी को गंभीरता से सुना।

साइबर अपराधों के प्रति किया गया जागरूक

कार्यक्रम के दौरान बच्चों को बताया गया कि वर्तमान समय में साइबर अपराधी सोशल मीडिया, गेमिंग एप्लीकेशन, फर्जी लिंक एवं ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के माध्यम से लोगों को ठगी का शिकार बना रहे हैं।बच्चों को विशेष रूप से यह समझाया गया कि सोशल मीडिया पर अपनी व्यक्तिगत फोटो, मोबाइल नम्बर, पता, बैंक सम्बन्धी जानकारी एवं अन्य निजी सूचनाएँ साझा करना जोखिमपूर्ण हो सकता है। साथ ही उन्हें अपनी सोशल मीडिया प्रोफाइल को प्राइवेट/लॉक रखने एवं केवल परिचित व्यक्तियों को ही मित्र सूची में जोड़ने की सलाह दी गयी।

अनजान लिंक एवं फर्जी APK फाइल्स से बचाव की जानकारी

लखनऊ पुलिस के साइबर क्राइम सेल के मुख्य आरक्षी गौरव शुक्ला द्वारा बच्चों को विस्तारपूर्वक बताया गया कि किसी भी अनजान व्यक्ति द्वारा भेजे गये लिंक, मैसेज, ओटीपी अथवा फाइल को बिना सत्यापन खोले जाने से मोबाइल फोन एवं निजी डाटा हैक हो सकता है।इसके अतिरिक्त बच्चों को मोबाइल फोन में डाउनलोड होने वाली फर्जी APK फाइल्स एवं मालवेयर के खतरों के बारे में भी जागरूक किया गया। बच्चों को बताया गया कि केवल विश्वसनीय एवं आधिकारिक प्लेटफॉर्म से ही एप्लीकेशन डाउनलोड करनी चाहिए।

ऑनलाइन गेमिंग एवं सोशल मीडिया के सुरक्षित उपयोग पर विशेष जोर

कार्यक्रम में बच्चों को ऑनलाइन गेमिंग के दौरान बरती जाने वाली सावधानियों के बारे में भी जानकारी दी गयी। उन्हें बताया गया कि गेमिंग प्लेटफॉर्म पर अनजान व्यक्तियों से बातचीत, पैसे का लेन-देन अथवा निजी जानकारी साझा करना खतरनाक हो सकता है।इसके साथ ही बच्चों को इंटरनेट का सकारात्मक एवं सुरक्षित उपयोग करने, साइबर बुलिंग से बचने तथा किसी भी संदिग्ध ऑनलाइन गतिविधि की जानकारी तत्काल अभिभावकों अथवा पुलिस को देने हेतु प्रेरित किया गया।

कॉमिक्स, पोस्टर एवं जागरूकता सामग्री का वितरण

कार्यक्रम के दौरान संस्था ‘प्रयास’ द्वारा बच्चों को साइबर अपराध एवं साइबर सुरक्षा से सम्बन्धित कॉमिक्स, पोस्टर एवं जागरूकता सामग्री वितरित की गयी। इन सामग्रियों के माध्यम से बच्चों को सरल एवं रोचक तरीके से साइबर सुरक्षा के नियमों को समझाने का प्रयास किया गया।बच्चों ने कार्यक्रम में रुचि लेते हुए साइबर सुरक्षा से जुड़े विभिन्न प्रश्न पूछे, जिनका विशेषज्ञों द्वारा सरल भाषा में उत्तर दिया गया।

विद्यालय प्रशासन एवं संस्था प्रतिनिधियों की उपस्थिति

कार्यक्रम में संस्था ‘प्रयास’ की कार्डिनेटर सुश्री अनुषांगी खेमका, विद्यालय के प्रधानाचार्य, शिक्षकगण एवं अन्य स्टाफ उपस्थित रहे। विद्यालय प्रशासन द्वारा लखनऊ पुलिस एवं संस्था ‘प्रयास’ की इस पहल की सराहना करते हुए कहा गया कि इस प्रकार के जागरूकता कार्यक्रम बच्चों के सुरक्षित डिजिटल भविष्य के लिए अत्यंत आवश्यक हैं।

साइबर जागरूकता अभियान लगातार जारी

लखनऊ पुलिस द्वारा आमजन, विशेषकर बच्चों एवं युवाओं को साइबर अपराधों के प्रति जागरूक करने हेतु समय-समय पर इस प्रकार के अभियान चलाये जा रहे हैं, ताकि समाज को सुरक्षित एवं जागरूक डिजिटल वातावरण उपलब्ध कराया जा सके।

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