लखनऊ । उत्तर प्रदेश के हरदोई में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को गंगा एक्सप्रेस-वे का लोकार्पण करते हुए इसे प्रदेश के विकास की “नई जीवन रेखा” करार दिया। उन्होंने कहा कि जैसे मां गंगा सदियों से देश और प्रदेश को जीवन देती रही हैं, उसी तरह यह एक्सप्रेस-वे आधुनिक उत्तर प्रदेश की प्रगति को नई दिशा देगा।लोकार्पण समारोह को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने बड़ा ऐलान किया कि गंगा एक्सप्रेस-वे को मेरठ से आगे बढ़ाकर हरिद्वार तक जोड़ा जाएगा। इससे न केवल धार्मिक और पर्यटन महत्व बढ़ेगा, बल्कि व्यापार, उद्योग और आवागमन को भी जबरदस्त गति मिलेगी।
नए निवेश और रोजगार के अवसर भी पैदा होंगे
प्रधानमंत्री ने कहा कि यह एक्सप्रेस-वे उत्तर प्रदेश के 12 जिलों को जोड़ते हुए लाखों लोगों के जीवन को आसान बनाएगा। किसानों को अपने उत्पाद बड़े बाजारों तक पहुंचाने में मदद मिलेगी, वहीं औद्योगिक कॉरिडोर के जरिए नए निवेश और रोजगार के अवसर भी पैदा होंगे।उन्होंने “डबल इंजन सरकार” का जिक्र करते हुए कहा कि अब परियोजनाएं सिर्फ शिलान्यास तक सीमित नहीं रहतीं, बल्कि तय समय में पूरी भी होती हैं। उन्होंने पूर्व सरकारों पर निशाना साधते हुए कहा कि पहले विकास की योजनाएं फाइलों में दबकर रह जाती थीं, लेकिन अब तेजी से काम हो रहा है।
उत्तर प्रदेश आज तेजी से औद्योगिक हब के रूप में उभर रहा
प्रधानमंत्री ने यह भी बताया कि उत्तर प्रदेश आज तेजी से औद्योगिक हब के रूप में उभर रहा है। मोबाइल निर्माण से लेकर रक्षा उपकरणों तक, कई बड़े सेक्टर में यूपी अपनी मजबूत पहचान बना रहा है।कार्यक्रम में राज्यपाल आनंदीबेन पटेल, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य, ब्रजेश पाठक सहित कई मंत्री और जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।गंगा एक्सप्रेस-वे का लोकार्पण न सिर्फ बुनियादी ढांचे की बड़ी उपलब्धि है, बल्कि यह उत्तर प्रदेश को आर्थिक रूप से नई ऊंचाइयों तक ले जाने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।
यूपी में विकास को मिला मेगा बूस्ट
उत्तर प्रदेश के हरदोई जनपद में बुधवार को देश के बुनियादी ढांचे को नई दिशा देने वाला ऐतिहासिक क्षण देखने को मिला, जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बहुप्रतीक्षित गंगा एक्सप्रेस-वे का लोकार्पण किया। यह प्रदेश का अब तक का सबसे लंबा एक्सप्रेस-वे है, जो करीब 594 किलोमीटर तक फैला हुआ है और प्रयागराज से मेरठ को सीधे जोड़ता है।इस मेगा परियोजना के निर्माण में 12 जिलों के एक लाख से अधिक किसानों ने अपनी भूमि देकर महत्वपूर्ण योगदान दिया है।
यह एक्सप्रेस-वे प्रदेश की प्रगति को नई ऊंचाइयों तक ले जाएगा : योगी
करीब 18 हजार हेक्टेयर जमीन पर बने इस एक्सप्रेस-वे से न सिर्फ यात्रा समय में भारी कमी आएगी, बल्कि औद्योगिक विकास, निवेश और रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे।लोकार्पण समारोह के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इसे ‘नए उत्तर प्रदेश की नई पहचान’ बताते हुए कहा कि यह एक्सप्रेस-वे प्रदेश की प्रगति को नई ऊंचाइयों तक ले जाएगा। उन्होंने कहा कि पहले जहां प्रदेश दंगों और अव्यवस्था के लिए जाना जाता था, वहीं अब आधुनिक सड़कों और निवेश के लिए पहचाना जा रहा है।एक्सप्रेस-वे पर आधुनिक सुविधाओं का विशेष ध्यान रखा गया है।
शाहजहांपुर में 3 किलोमीटर लंबी हवाई पट्टी जैसी सुविधाएं
हर 50 किलोमीटर पर फूड प्लाजा और पेट्रोल पंप, इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए चार्जिंग स्टेशन और शाहजहांपुर में 3 किलोमीटर लंबी हवाई पट्टी जैसी सुविधाएं इसे और खास बनाती हैं।करीब 36 हजार करोड़ रुपये की लागत से तैयार इस परियोजना का शिलान्यास दिसंबर 2021 में प्रधानमंत्री मोदी ने ही किया था और अब इसके उद्घाटन के साथ यह आम जनता के लिए समर्पित हो गया है। यह एक्सप्रेस-वे न सिर्फ दूरी कम करेगा, बल्कि उत्तर प्रदेश को देश के आर्थिक नक्शे पर और मजबूती से स्थापित करेगा।
मुख्य रूट और जिले
यह एक्सप्रेसवे मेरठ के बिजौली गांव से शुरू होकर प्रयागराज के जुडापुर डांडू गांव पर समाप्त होता है। इसके मार्ग में आने वाले 12 जिले इस प्रकार हैं: मेरठ (प्रारंभिक बिंदु: बिजौली गांव) से हापुड़, बुलंदशहर, अमरोहा, संभल, बदायूं, शाहजहाँपुर, हरदोई, उन्नाव, रायबरेली, प्रतापगढ़ और प्रयागराज (अंतिम बिंदु: जुडापुर डांडू है। मेरठ से प्रयागराज का सफर अब केवल 6 से 7 घंटे में पूरा किया जा सकेगा, जिसमें पहले लगभग 12 घंटे लगते थे। इस एक्सप्रेसवे पर वाहनों के लिए 120 किमी/घंटा की रफ़्तार निर्धारित की गई है।
