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एक करोड़ प्रशिक्षण पाठ्यक्रम पूरे कर यूपी पुलिस ने बनाया रिकॉर्ड, देश में बनी देश की पहली पुलिस

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सीएम योगी ने गृह विभाग को किया सम्मानित, मिशन कर्मयोगी के तहत हासिल की बड़ी उपलब्धि, प्रशिक्षण की गुणवत्ता सुधारने के लिए दो नई पहल शुरू

लखनऊ। उत्तर प्रदेश पुलिस ने प्रशिक्षण और क्षमता विकास के क्षेत्र में बड़ी उपलब्धि हासिल की है। मिशन कर्मयोगी के तहत आईगॉट कर्मयोगी पोर्टल पर एक करोड़ से अधिक प्रशिक्षण पाठ्यक्रम पूरे करने वाला उत्तर प्रदेश पुलिस देश का पहला विभाग बन गया है। इस उपलब्धि के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को लखनऊ स्थित लोक भवन सभागार में आयोजित उत्तरी क्षेत्रीय कार्यशाला ‘साधना शृंखला-2026’ में गृह विभाग को सम्मानित किया। यह उपलब्धि पुलिसकर्मियों की व्यावसायिक दक्षता बढ़ाने और आधुनिक प्रशिक्षण व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में किए जा रहे प्रयासों का परिणाम है।

डॉ. राम मनोहर लोहिया उत्तर प्रदेश प्रशासन एवं प्रबंधन अकादमी (रूपाम) तथा भारत सरकार के क्षमता विकास आयोग के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित कार्यक्रम में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले राज्यों और विभागों को सम्मानित किया गया। विभागीय श्रेणी ‘क’ में उत्तर प्रदेश के गृह विभाग ने आईगॉट कर्मयोगी पोर्टल पर एक करोड़ से अधिक प्रशिक्षण पाठ्यक्रम पूरे कर देश में पहला स्थान प्राप्त किया।

इस उपलब्धि के पीछे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व, पुलिस महानिदेशक राजीव कृष्ण के मार्गदर्शन और पुलिस प्रशिक्षण निदेशालय के निरंतर प्रयासों की महत्वपूर्ण भूमिका रही। मुख्यमंत्री की ओर से गृह विभाग को दिए गए सम्मान को पुलिस महानिदेशक (प्रशिक्षण) राजीव सभरवाल और डीआईजी प्रशिक्षण देव रंजन वर्मा ने प्राप्त किया।

डिजिटल प्रशिक्षण से बढ़ रही पुलिसकर्मियों की दक्षता

मिशन कर्मयोगी के तहत उत्तर प्रदेश पुलिस में डिजिटल माध्यमों से प्रशिक्षण को लगातार बढ़ावा दिया जा रहा है। इसके माध्यम से अधिकारियों और कर्मचारियों की कार्यक्षमता, व्यावसायिक दक्षता और कर्तव्य निर्वहन की गुणवत्ता में सुधार पर जोर दिया जा रहा है। पुलिसकर्मियों की कार्यगत जरूरतों के अनुरूप प्रशिक्षण उपलब्ध कराने और आधुनिक प्रशिक्षण पद्धतियों को अपनाने से विभागीय कार्यप्रणाली को अधिक प्रभावी, दक्ष और परिणामोन्मुख बनाने का प्रयास किया जा रहा है।

आईगॉट कर्मयोगी पोर्टल के माध्यम से पुलिसकर्मी विभिन्न प्रशिक्षण पाठ्यक्रमों का लाभ लेकर अपने ज्ञान और कार्यकौशल को बेहतर बना रहे हैं। एक करोड़ से अधिक पाठ्यक्रम पूरे होने की उपलब्धि को इसी दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

प्रशिक्षण संस्थानों की गुणवत्ता परखने के लिए शुरू हुआ नया सूचकांक

कार्यक्रम के दौरान प्रशिक्षण संस्थानों की गुणवत्ता और क्षमता का लगातार मूल्यांकन करने के लिए ‘उन्नति कैपेबिलिटी इंडेक्स’ का शुभारंभ किया गया। इसके साथ ही भूमिका और दक्षता के आधार पर प्रशिक्षण पाठ्यक्रमों के विकास के लिए ‘नेशनल करिकुलम डिजाइन फ्रेमवर्क’ भी शुरू किया गया।

इन दोनों पहलों का उद्देश्य प्रशिक्षण संस्थानों की गुणवत्ता में निरंतर सुधार करना, पाठ्यक्रमों को अधिक प्रासंगिक और उपयोगी बनाना तथा सरकारी कर्मचारियों के क्षमता विकास को व्यवस्थित दिशा देना है। इसके अलावा विभिन्न प्रशिक्षण संस्थानों के बीच सहयोग बढ़ाने, अनुभव साझा करने और बेहतर कार्यप्रणालियों को अपनाने पर भी जोर दिया गया।

प्रशिक्षण की सफलता नागरिकों को मिलने वाली सेवा से तय होगी: योगी

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि मिशन कर्मयोगी केवल प्रशिक्षण कार्यक्रम नहीं है, बल्कि लोक सेवा की कार्यसंस्कृति में बदलाव लाने वाला राष्ट्रीय अभियान है। प्रशिक्षण की वास्तविक सफलता केवल पूरे किए गए पाठ्यक्रमों या प्राप्त प्रमाणपत्रों की संख्या से नहीं मापी जानी चाहिए। इसका वास्तविक असर प्रशिक्षण के बाद लिए जाने वाले बेहतर निर्णयों, सरल होने वाली प्रक्रियाओं और नागरिकों को मिलने वाली सेवाओं की गुणवत्ता में दिखाई देना चाहिए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सामान्य नागरिक की समस्या का समाधान और शिकायतकर्ता की संतुष्टि ही सुशासन की वास्तविक कसौटी है। इसलिए सरकारी कार्मिकों के प्रशिक्षण का उद्देश्य उनकी कार्यक्षमता बढ़ाने के साथ-साथ जनता को बेहतर सेवाएं उपलब्ध कराना भी होना चाहिए।

उन्होंने ‘उन्नति’ जैसे मंचों की उपयोगिता पर जोर देते हुए कहा कि इनके माध्यम से प्रशिक्षण संस्थान अपने अनुभव, विशेषज्ञता, नवाचार और श्रेष्ठ कार्यप्रणालियों को साझा कर सकते हैं। विभिन्न राज्यों और संस्थानों के बीच आपसी सीखने की प्रक्रिया प्रशासनिक क्षमता को मजबूत करने और सफल प्रयोगों को व्यापक स्तर पर लागू करने में मददगार होगी।

जवाबदेह पुलिस व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में कदम

उत्तर प्रदेश पुलिस को मिला यह सम्मान प्रशिक्षण और क्षमता विकास के क्षेत्र में राज्य की महत्वपूर्ण उपलब्धि है। विभाग की ओर से डिजिटल प्रशिक्षण, आधुनिक कार्यपद्धतियों और निरंतर व्यावसायिक विकास पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। इसका उद्देश्य पुलिसकर्मियों को बदलती जरूरतों के अनुरूप प्रशिक्षित करना और उनकी कार्यकुशलता में सुधार लाना है।

एक करोड़ से अधिक प्रशिक्षण पाठ्यक्रम पूरे करने की उपलब्धि के साथ प्रशिक्षण संस्थानों की गुणवत्ता के मूल्यांकन और दक्षता आधारित पाठ्यक्रमों के विकास के लिए शुरू की गई नई पहलें पुलिस प्रशिक्षण व्यवस्था को और व्यवस्थित बनाने में सहायक हो सकती हैं। इन प्रयासों के जरिए नागरिक-केंद्रित, दक्ष और जवाबदेह पुलिस व्यवस्था को मजबूत करने पर जोर दिया जा रहा है।

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