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योगी कैबिनेट के दो बड़े फैसले: आंगनबाड़ी कर्मियों को हर साल 3 साड़ियां, पूर्व अग्निवीरों को भर्ती में 20% आरक्षण

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3.80 लाख से अधिक कार्यकत्रियों और सहायिकाओं को मिलेगा अतिरिक्त साड़ी का लाभ, पूर्व अग्निवीरों की आयु सीमा में 3 साल की छूट और भर्ती प्रक्रिया में भी राहत

लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में शुक्रवार को हुई उत्तर प्रदेश कैबिनेट की बैठक में आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों और सहायिकाओं के साथ पूर्व अग्निवीरों के हित में महत्वपूर्ण फैसले लिए गए। सरकार ने आंगनबाड़ी कर्मियों को अब हर साल दो के बजाय तीन साड़ियां उपलब्ध कराने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है। वहीं, पूर्व अग्निवीरों के लिए पुलिस, वन, कारागार और परिवहन विभाग की भर्तियों में 20 प्रतिशत आरक्षण देने तथा अधिकतम आयु सीमा में तीन वर्ष की छूट देने का निर्णय लिया गया है।

आंगनबाड़ी कर्मियों को हर साल मिलेंगी तीन साड़ियां

प्रदेश सरकार ने आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों और सहायिकाओं को सालाना एक अतिरिक्त साड़ी देने का फैसला किया है। अभी तक इन्हें हर वर्ष दो साड़ियां उपलब्ध कराई जाती थीं। नई व्यवस्था से प्रदेश के 1,90,145 आंगनबाड़ी केंद्रों से जुड़े कुल 3,80,290 कार्यकत्रियों और सहायिकाओं को लाभ मिलेगा।

कैबिनेट बैठक के बाद वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने बताया कि प्रत्येक अतिरिक्त साड़ी के लिए 500 रुपये निर्धारित किए गए हैं। इस पर राज्य सरकार करीब 19.02 करोड़ रुपये खर्च करेगी। वर्तमान में केंद्र और राज्य सरकार की 60:40 की वित्तीय भागीदारी वाली योजना के तहत दो साड़ियां दी जाती हैं, जबकि तीसरी साड़ी का खर्च प्रदेश सरकार स्वयं वहन करेगी।

नियमित कार्य और जरूरतों को देखते हुए फैसला

आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों और सहायिकाओं को केंद्रों पर निर्धारित वेशभूषा में काम करना होता है। नियमित उपयोग, धुलाई, मौसम के प्रभाव और साड़ी के अचानक गंदा या खराब होने जैसी परिस्थितियों को देखते हुए अतिरिक्त साड़ी उपलब्ध कराने का निर्णय लिया गया है।

प्रदेश में आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से छह माह से छह वर्ष तक के बच्चों, गर्भवती और धात्री महिलाओं तथा आकांक्षात्मक जिलों में 14 से 18 वर्ष की किशोरियों को अनुपूरक पुष्टाहार उपलब्ध कराया जाता है। इन योजनाओं के संचालन और लाभार्थियों तक सेवाएं पहुंचाने में आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों एवं सहायिकाओं की महत्वपूर्ण भूमिका रहती है।

पूर्व अग्निवीरों को सरकारी नौकरी में 20 प्रतिशत आरक्षण

कैबिनेट ने पूर्व अग्निवीरों को सरकारी सेवाओं में अवसर देने के लिए भर्ती संबंधी नियमावली में संशोधन को भी मंजूरी दी है। इसके तहत प्रदेश के पुलिस, वन, कारागार और परिवहन विभागों की भर्तियों में पूर्व अग्निवीरों के लिए 20 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान किया गया है।

परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह ने बताया कि वर्ष 2022 में अग्निवीर योजना के तहत भर्ती प्रक्रिया शुरू होने के बाद पूर्व अग्निवीरों की नियुक्ति से संबंधित नियमों में बदलाव की जरूरत महसूस की गई। इसी को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार ने यह निर्णय लिया है। आरक्षण का लाभ अभ्यर्थियों को उनकी मूल श्रेणी के अनुसार मिलेगा।

आयु सीमा में तीन साल की छूट, भर्ती प्रक्रिया में राहत

सरकार के फैसले के अनुसार, पूर्व अग्निवीरों के लिए अधिकतम आयु सीमा 25 वर्ष से बढ़ाकर 28 वर्ष कर दी गई है। इससे सैन्य सेवा पूरी करने के बाद सरकारी नौकरी की तैयारी करने वाले युवाओं को आवेदन के लिए अतिरिक्त समय मिलेगा।

भर्ती प्रक्रिया में भी पूर्व अग्निवीरों को राहत देने का निर्णय लिया गया है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, संबंधित विभागों की इन भर्तियों में उन्हें लिखित और शारीरिक परीक्षा से छूट देने तथा केवल मेडिकल परीक्षण से गुजरने की व्यवस्था की गई है।

सैन्य अनुभव का मिलेगा लाभ

अग्निवीर योजना के तहत सेना में सेवा देने वाले युवाओं के लिए सेवा अवधि पूरी होने के बाद रोजगार एक महत्वपूर्ण विषय है। राज्य सरकार का यह फैसला सैन्य प्रशिक्षण, अनुशासन और अनुभव प्राप्त युवाओं को प्रदेश की सरकारी सेवाओं से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

इन दोनों फैसलों के जरिए सरकार ने एक ओर आंगनबाड़ी कर्मियों की कार्य संबंधी जरूरतों को ध्यान में रखा है, वहीं दूसरी ओर पूर्व अग्निवीरों के लिए सरकारी रोजगार के अवसर बढ़ाने की पहल की है।

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