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प्रतियोगी परीक्षा में असफलता और फसल नुकसान से परेशान किसान ने फांसी लगाई

एसएमयूपीन्यूज, लखनऊ । कानपुर जिले के सचेंडी थाना क्षेत्र में बुधवार की सुबह एक किसान ने फांसी लगाकर अपनी जान दे दी। जानकारी के अनुसार मृतक शुभम सिंह (23) हीरा सिंह का पुरवा गांव का निवासी था और अपनी मां संतोषी देवी व छोटे भाई निखिल के साथ रहता था। पिता ज्ञान सिंह की लगभग 22 साल पहले मौत हो चुकी थी। पिता के निधन के बाद शुभम ने परिवार का पालन-पोषण करने के लिए खेती शुरू की थी।शुभम सिंह केवल किसान ही नहीं बल्कि प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी भी कर रहा था।

खेतों में पानी भर जाने के कारण उसकी गेहूं की फसल बर्बाद हो गई थी

परिजनों ने बताया कि वह एयरफोर्स में भर्ती के लिए दो बार परीक्षा दे चुका था, लेकिन लंबाई के कारण उसे असफलता का सामना करना पड़ा था। इस असफलता ने उसे काफी मानसिक तनाव में डाल दिया था।थाना प्रभारी विक्रम सिंह ने बताया कि इसके अलावा हाल ही में खेतों में पानी भर जाने के कारण उसकी गेहूं की फसल बर्बाद हो गई थी। इस बात को लेकर वह काफी परेशान था और अपने घरवालों से भी इस चिंता का जिक्र करता था।घटना के समय मंगलवार की रात शुभम ने परिवार के साथ खाना खाया और फिर सोने चला गया। बुधवार सुबह परिजन उठे तो देखा कि शुभम ने घर के आंगन में मफलर का फंदा बनाकर आत्महत्या कर ली थी।

फसल नुकसान को आत्महत्या के मुख्य कारण बताया जा रहा

थाना प्रभारी विक्रम सिंह ने बताया कि मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की जांच शुरू कर दी गई है। प्रारंभिक जांच में मृतक के मानसिक तनाव, प्रतियोगी परीक्षा में असफलता और फसल नुकसान को आत्महत्या के मुख्य कारण बताया जा रहा है। पुलिस अब आगे की विधिक कार्रवाई कर रही है और परिजनों से भी घटना के संबंध में पूछताछ की जा रही है।अगर आप चाहें तो मैं इस खबर का 250-300 शब्दों में सोशल मीडिया/पोर्टल के लिए और अधिक पठनीय व सनसनीखेज संस्करण भी तैयार कर दूँ, ताकि पढ़ने में और असरदार लगे।

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