मुख्यमंत्री ने कहा- 2014 से पहले गैस कनेक्शन के लिए भी देनी पड़ती थी रिश्वत, फसल नुकसान पर किसानों को मुआवजे के साथ मिलेगा विशेष पैकेज
लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि वर्ष 2014 से पहले देश में रसोई गैस का कनेक्शन हासिल करने के लिए लोगों को रिश्वत देनी पड़ती थी। उस दौर में भ्रष्टाचार और घोटालों के कारण आम जनता परेशान थी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार बनने के बाद गरीबों और जरूरतमंदों को बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए कई योजनाएं शुरू की गईं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना ने महिलाओं को धुएं से मुक्ति दिलाने के साथ उनके जीवन को बेहतर बनाने में मदद की है।
मुख्यमंत्री मंगलवार को लखनऊ स्थित लोकभवन में प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों को गैस सिलेंडर रिफिल की सब्सिडी वितरण कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने प्रदेश के 1.89 करोड़ से अधिक पात्र परिवारों के लिए करीब 1500 करोड़ रुपये की सहायता का वितरण किया और कुछ लाभार्थियों को प्रतीकात्मक चेक भी दिए।
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि वर्ष 2016 में प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना की शुरुआत गरीब परिवारों की महिलाओं को रसोई के धुएं से राहत दिलाने के उद्देश्य से की गई थी। पहले महिलाओं को लकड़ी और अन्य पारंपरिक ईंधन से खाना बनाना पड़ता था, जिससे उनके स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता था। योजना के माध्यम से पात्र महिलाओं को नि:शुल्क गैस कनेक्शन उपलब्ध कराए गए।
मुख्यमंत्री ने बताया कि गैस सिलेंडर की रिफिलिंग पर केंद्र सरकार की ओर से सब्सिडी दी जाती है। उन्होंने कहा कि दीपावली के अवसर पर उत्तर प्रदेश सरकार भी लाभार्थियों को राहत दे रही है। उनके मुताबिक, एक सिलेंडर की रिफिलिंग के लिए 938 रुपये 45 पैसे देने होते हैं, जिसमें केंद्र सरकार 333 रुपये की सब्सिडी देती है। शेष 648 रुपये 55 पैसे की राशि राज्य सरकार की ओर से गैस कंपनियों को दी जा चुकी है। उन्होंने लाभार्थियों से गैस एजेंसी से सिलेंडर लेकर त्योहार खुशी से मनाने की अपील की।
किसानों को मुआवजे के साथ विशेष पैकेज
मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2014 से पहले किसान खाद, बिजली और अपनी उपज का उचित मूल्य पाने के लिए परेशान रहते थे। आर्थिक तंगी के कारण कई किसानों के सामने गंभीर संकट खड़ा हो जाता था। उन्होंने कहा कि मौजूदा सरकार किसान सम्मान निधि सहित विभिन्न योजनाओं के माध्यम से किसानों को सहायता दे रही है। प्रदेश में हाल में ओलावृष्टि, तूफान और बारिश से फसलों को हुए नुकसान का आकलन कराकर प्रभावित किसानों को मुआवजा दिया जाएगा। इसके अतिरिक्त राज्य सरकार विशेष पैकेज भी उपलब्ध कराएगी। मुख्यमंत्री के अनुसार, इससे करीब चार करोड़ परिवारों को लाभ पहुंचेगा।
कानून-व्यवस्था और महिला सुरक्षा का किया जिक्र
योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश की कानून-व्यवस्था का उल्लेख करते हुए कहा कि वर्ष 2017 से पहले दंगे और उपद्रव की घटनाओं से लोगों में असुरक्षा का माहौल रहता था। महिलाओं के लिए घर से बाहर निकलना चुनौतीपूर्ण था। उन्होंने दावा किया कि प्रदेश में भाजपा सरकार बनने के बाद कानून-व्यवस्था में सुधार हुआ है और अब महिलाएं रात की पाली में भी काम कर रही हैं। सरकार महिलाओं को आर्थिक और सामाजिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने के लिए लगातार योजनाएं चला रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश की आधी आबादी को स्वावलंबी बनाना विकसित उत्तर प्रदेश के लक्ष्य को हासिल करने के लिए जरूरी है। उन्होंने मुफ्त राशन वितरण, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, रसोइयों, होमगार्ड और ग्राम चौकीदारों के मानदेय में वृद्धि जैसी योजनाओं का भी उल्लेख किया। इसके अलावा गांवों में अन्नपूर्णा भवन, अटल आवासीय विद्यालय और श्रमिकों के लिए अन्नपूर्णा भोजनालय स्थापित किए जाने की जानकारी दी।
उन्होंने कहा कि केंद्र और प्रदेश सरकार की योजनाओं का उद्देश्य गरीब, किसान, महिला, श्रमिक और युवाओं को लाभ पहुंचाना है। कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक, खाद्य मंत्री मनोज पांडेय, मुख्यमंत्री के सलाहकार अवनीश अवस्थी, विधान परिषद सदस्य लालजी प्रसाद निर्मल, विधायक योगेश शुक्ला, ओपी श्रीवास्तव, जय देवी और महापौर सुषमा खर्कवाल सहित अधिकारी एवं बड़ी संख्या में लाभार्थी मौजूद रहे।
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