लखनऊ में बसपा संस्थापक को दी श्रद्धांजलि, कहा- बहुजन समाज ही मेरा परिवार; आगामी चुनावों में जुटने का कार्यकर्ताओं से आह्वान
लखनऊ। बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने पार्टी संस्थापक कांशीराम को देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मान भारत रत्न से सम्मानित करने की मांग एक बार फिर उठाई है। शुक्रवार को कांशीराम के महापरिनिर्वाण दिवस पर लखनऊ स्थित बसपा के केंद्रीय कैंप कार्यालय, 9 माल एवेन्यू में आयोजित कार्यक्रम में उन्होंने कांशीराम की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। इस दौरान उन्होंने उनके सामाजिक परिवर्तन के मिशन को आगे बढ़ाने, बहुजन समाज को राजनीतिक रूप से मजबूत करने और पार्टी संगठन को आगामी विधानसभा चुनावों के लिए तैयार करने का संकल्प दोहराया। कार्यक्रम में बसपा के राष्ट्रीय संयोजक आकाश आनंद सहित पार्टी के वरिष्ठ पदाधिकारी मौजूद रहे।
मायावती ने कहा कि कांशीराम ने अपना पूरा जीवन शोषित और वंचित वर्गों को आत्मसम्मान, स्वाभिमान और राजनीतिक अधिकार दिलाने के लिए समर्पित कर दिया। उन्होंने बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर के विचारों को आगे बढ़ाते हुए बहुजन समाज को सत्ता में भागीदारी दिलाने के लिए संघर्ष किया। मायावती के मुताबिक, कांशीराम के योगदान और सामाजिक परिवर्तन के आंदोलन में उनकी ऐतिहासिक भूमिका को देखते हुए उन्हें भारत रत्न दिया जाना चाहिए।
‘बहुजन समाज ही मेरा असली परिवार’
बसपा प्रमुख ने परिवारवाद के मुद्दे पर अपनी प्रतिबद्धता दोहराते हुए कहा कि बहुजन समाज के करोड़ों लोग ही उनका असली परिवार हैं। उन्होंने कहा कि समाज का हित, कल्याण और अस्मिता उनके लिए सर्वोपरि है। कांशीराम ने उन्हें अपना उत्तराधिकारी घोषित कर जो विश्वास जताया था, वह उस पर आंच नहीं आने देंगी। उन्होंने पार्टी और आंदोलन को परिवारवाद से दूर रखते हुए आगे बढ़ाने की बात कही।
मायावती ने कहा कि कांशीराम का लक्ष्य बहुजन समाज को केवल शोषित वर्ग तक सीमित रखने के बजाय उसे शासक वर्ग के रूप में स्थापित करना था। इसके लिए समाज को राजनीतिक रूप से जागरूक और संगठित होना होगा। उन्होंने कार्यकर्ताओं से अपील की कि वे महापुरुषों के विचारों को जन-जन तक पहुंचाएं और उनके सपनों को साकार करने के लिए लगातार काम करें।
मताधिकार को बताया सत्ता की चाबी
मायावती ने कहा कि बहुजन समाज को सत्ता में भागीदारी किसी की दया या मेहरबानी से नहीं, बल्कि संविधान से मिले मताधिकार के जरिए हासिल करनी होगी। उन्होंने वोट के अधिकार की रक्षा करने और राजनीतिक ताकत को समझने पर जोर दिया। उनके अनुसार, बहुजन समाज को अपने आत्मसम्मान और स्वाभिमान से जुड़े मुद्दों पर प्रभावी भूमिका निभाने के लिए बसपा को मजबूत करना जरूरी है।
उन्होंने उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और पंजाब में होने वाले आगामी विधानसभा चुनावों का उल्लेख करते हुए पार्टी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं से पूरी ताकत के साथ जुटने की अपील की। मायावती ने कहा कि कांशीराम के मिशन को उसके वास्तविक उद्देश्य तक पहुंचाना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी।
फेक न्यूज और भ्रामक प्रचार से सतर्क रहने की सलाह
बसपा प्रमुख ने कार्यकर्ताओं को फेक न्यूज, पेड न्यूज और प्रायोजित खबरों के प्रति सतर्क रहने की सलाह दी। उन्होंने आशंका जताई कि राजनीतिक विरोधी मीडिया, सोशल मीडिया और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) के माध्यम से भ्रामक प्रचार कर सकते हैं, जिससे पार्टी का ध्यान चुनावी तैयारियों से भटक सकता है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से ऐसे प्रचार में उलझने के बजाय संगठन को मजबूत करने और पार्टी के मिशन पर ध्यान केंद्रित रखने को कहा।
मायावती ने कांशीराम के महापरिनिर्वाण दिवस पर उत्तर प्रदेश में प्रदेश स्तर पर और अन्य राज्यों में जोन स्तर पर संगोष्ठियों तथा श्रद्धांजलि कार्यक्रमों के आयोजन के लिए पार्टी पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं और समर्थकों का आभार भी जताया।
गरीबी, बेरोजगारी और महंगाई पर सरकारों को घेरा
मायावती ने देश में गरीबी, महंगाई, बेरोजगारी, अशिक्षा और पिछड़ेपन जैसी समस्याओं का उल्लेख करते हुए कहा कि कुछ लोगों के लिए बेहतर आर्थिक स्थिति होने से पूरे देश की खुशहाली सुनिश्चित नहीं हो सकती। उन्होंने सरकारों से आम लोगों को रोजगार से जोड़ने, उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत करने और देश के समग्र विकास के लिए ठोस तथा टिकाऊ कदम उठाने की मांग की।
उन्होंने शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क और रोजगार को जनकल्याण के बुनियादी क्षेत्र बताते हुए कहा कि इन मामलों में सरकारों को अपनी जिम्मेदारी निभानी चाहिए। उनके मुताबिक, इन सुविधाओं के लिए केवल निजी क्षेत्र पर निर्भर रहना उचित नहीं है। सरकारों को संवैधानिक सोच के अनुरूप आम जनता के हितों को प्राथमिकता देनी चाहिए और सेवाओं को केवल लाभ-हानि के नजरिये से नहीं देखना चाहिए।
युवाओं के मुद्दों पर ठोस कदम उठाने की मांग
बसपा प्रमुख ने कहा कि नई पीढ़ी, विशेषकर जेन-जी और जेन-अल्फा, शिक्षा, रोजगार और बुनियादी सुविधाओं जैसे मुद्दों पर अपनी अपेक्षाएं खुलकर सामने रख रही है। उन्होंने सरकारों से इन सवालों पर केवल घोषणाएं करने के बजाय ठोस काम करने की अपील की। साथ ही चुनावी वादों, अव्यवस्था और भ्रष्टाचार से जुड़े मामलों में जनता के प्रति जवाबदेही सुनिश्चित करने पर जोर दिया।
मायावती ने बसपा की ‘सर्वजन हिताय, सर्वजन सुखाय’ नीति का उल्लेख करते हुए कहा कि पार्टी की विचारधारा समाज के सभी वर्गों के हितों से जुड़ी है। इसमें युवा, महिलाएं, किसान और व्यापारी भी शामिल हैं। उन्होंने कहा कि कांशीराम के मिशन को आगे बढ़ाने के लिए संगठन को मजबूत करना और बहुजन समाज को राजनीतिक रूप से सशक्त बनाना जरूरी है।
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