होम उप्र न्यूज़ आकाश आनंद को लेकर मायावती का बड़ा ऐलान, यूपी के 5 जिलों...

आकाश आनंद को लेकर मायावती का बड़ा ऐलान, यूपी के 5 जिलों में करेंगे जनसभाएं

0
16

28 अक्टूबर से बुलंदशहर में अभियान की शुरुआत, पंजाब और हरिद्वार में भी कार्यक्रम; अशोक सिद्धार्थ की वापसी पर मायावती ने लगाई रोक

लखनऊ। बहुजन समाज पार्टी (बसपा) ने संगठनात्मक गतिविधियों को गति देने के लिए राष्ट्रीय संयोजक आकाश आनंद के आगामी कार्यक्रमों की रूपरेखा सामने रखी है। आकाश आनंद 28 अक्टूबर से उत्तर प्रदेश में जनसभाएं करेंगे। नवंबर के अंत तक वह प्रदेश के पांच जिलों में पार्टी के कार्यक्रमों को संबोधित करेंगे। इसके बाद संविधान दिवस पर पंजाब और डॉ. भीमराव आंबेडकर के महापरिनिर्वाण दिवस पर उत्तराखंड के हरिद्वार में आयोजित कार्यक्रमों में भी शामिल होंगे।

बसपा की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने रविवार को सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर आकाश आनंद के कार्यक्रमों की जानकारी साझा की। उन्होंने कहा कि आकाश आनंद पार्टी और आंदोलन की जिम्मेदारियों को परिवार तथा रिश्ते-नातों से ऊपर रखकर निभाने में जुट गए हैं। मायावती के मुताबिक, बहुजन समाज के लोगों को उनसे काफी अपेक्षाएं हैं।

बुलंदशहर से शुरू होंगी जनसभाएं

बसपा की ओर से जारी कार्यक्रम के अनुसार, आकाश आनंद की पहली जनसभा 28 अक्टूबर को बुलंदशहर में होगी। इसके बाद 2 नवंबर को सहारनपुर, 20 नवंबर को अयोध्या, 22 नवंबर को आगरा और 29 नवंबर को कानपुर नगर में जनसभाएं आयोजित की जाएंगी। इन कार्यक्रमों के जरिए पार्टी कार्यकर्ताओं और समर्थकों के बीच संगठनात्मक गतिविधियों को आगे बढ़ाने की योजना है।

संविधान दिवस पर पंजाब में होंगे शामिल

उत्तर प्रदेश के कार्यक्रमों के अलावा आकाश आनंद 26 नवंबर को संविधान दिवस के अवसर पर पंजाब में बसपा की ओर से आयोजित विचार संगोष्ठी में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। इस दौरान वह अपने विचार रखेंगे।

इसके बाद 6 दिसंबर को वह उत्तराखंड के हरिद्वार में बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर के महापरिनिर्वाण दिवस पर आयोजित विचार संगोष्ठी और जनसभा को संबोधित करेंगे। पार्टी के आगामी कार्यक्रमों में इन दोनों आयोजनों को भी शामिल किया गया है।

अशोक सिद्धार्थ को लेकर मायावती का सख्त रुख

अपने संदेश में मायावती ने पार्टी में पहले हुए अप्रिय घटनाक्रमों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि उन घटनाओं के लिए आकाश आनंद से अधिक उनके रिश्तेदार अशोक सिद्धार्थ जिम्मेदार थे। मायावती के अनुसार, इसी वजह से अशोक सिद्धार्थ को पार्टी से निष्कासित किया गया था और उन्हें राजनीति से संन्यास लेने की सलाह दी गई थी।

मायावती ने अशोक सिद्धार्थ की बसपा में वापसी की अटकलों को खारिज करते हुए स्पष्ट किया कि उन्हें किसी भी परिस्थिति में दोबारा पार्टी में शामिल नहीं किया जाएगा। उनके इस बयान से पार्टी के भीतर संगठनात्मक अनुशासन और नेतृत्व के रुख को लेकर स्थिति स्पष्ट करने का प्रयास किया गया है।

कार्यकर्ताओं से कार्यक्रम सफल बनाने की अपील

बसपा प्रमुख ने पार्टी कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों से आकाश आनंद के प्रस्तावित कार्यक्रमों को सफल बनाने की अपील की। उन्होंने कहा कि स्वार्थी तत्व विभिन्न तरीकों से लोगों को गुमराह करने की कोशिश कर सकते हैं। ऐसे में पार्टी के सभी लोगों को सतर्क रहने और कार्यक्रमों को पूरी ताकत से सफल बनाने के लिए जुटने की जरूरत है।

मायावती ने कार्यकर्ताओं से तन, मन और धन से सहयोग करने का आह्वान करते हुए संगठन के कामकाज को प्राथमिकता देने पर जोर दिया।

ईशान आनंद भी दिल्ली कार्यालय में करेंगे सहयोग

मायावती ने यह भी जानकारी दी कि आनंद कुमार के छोटे बेटे ईशान आनंद बसपा के दिल्ली स्थित केंद्रीय कार्यालय में सक्रिय कार्यकर्ता के रूप में सहयोग करेंगे। उन्होंने बताया कि ईशान आनंद लंदन से वकालत की पढ़ाई पूरी कर चुके हैं और उनके दिशा-निर्देशन में पार्टी के कार्यों में योगदान देंगे।

ईशान आनंद को विशेष रूप से चुनाव संबंधी कामकाज और अन्य दस्तावेजी प्रक्रियाओं से जुड़े दायित्वों में सहयोग करने की जिम्मेदारी दी जाएगी।बसपा के घोषित कार्यक्रमों में उत्तर प्रदेश की जनसभाओं के साथ पंजाब और हरिद्वार के आयोजन भी शामिल हैं। वहीं, मायावती के ताजा संदेश में आकाश आनंद की भूमिका, अशोक सिद्धार्थ की वापसी और दिल्ली स्थित केंद्रीय कार्यालय में ईशान आनंद के सहयोग को लेकर पार्टी का रुख सामने आया है।

यह भी पढ़े : मेरठ सांप कांड में खौफनाक साजिश का अंत! पति की हत्या कर सांप से कटवाया, पत्नी और प्रेमी को फांसी

यह भी पढ़े : यूपी में महानवमी पर 19 अक्टूबर को भी छुट्टी, योगी सरकार ने घोषित किया सार्वजनिक अवकाश

यह भी पढ़े : टेस्ला की उड़ने वाली कार का कमाल, हवा में पलटी और फिर सुरक्षित उतरी रोडस्टर

यह भी पढ़े : 75 साल के रामसुगर को 30 साल की रानी से हुआ प्यार, सगाई का वीडियो वायरल

यह भी पढ़े : लोहिया ट्रस्ट की कमान अब अखिलेश के हाथ, शिवपाल की भूमिका बदली

यह भी पढ़े : लोक सेवक की जवाबदेही जरूरी, लोकायुक्त व्यवस्था पर अंकुश का काम करती है: योगी

यह भी पढ़े : BRICS SUMMIT 2026:भारत-चीन रिश्तों को नई दिशा, साझेदारी पर शी का जोर