एशियन चैंपियंस ट्रॉफी के सेमीफाइनल में भारतीय हॉकी टीम का दमदार प्रदर्शन; शिलानंद और दिलप्रीत ने दागे दो-दो गोल, पांच नवंबर को शाम सात बजे होगा फाइनल
मोहाली। भारतीय पुरुष हॉकी टीम ने हीरो एशियन चैंपियंस ट्रॉफी पंजाब 2026 के फाइनल में शानदार अंदाज में प्रवेश कर लिया है। बुधवार को मोहाली के ओलंपियन बलबीर सिंह सीनियर अंतरराष्ट्रीय हॉकी स्टेडियम में खेले गए सेमीफाइनल मुकाबले में भारत ने दक्षिण कोरिया को 8-1 के बड़े अंतर से शिकस्त दी। अब खिताब के लिए भारतीय टीम का सामना गुरुवार को जापान से होगा। मौजूदा चैंपियन भारत की नजरें छठी बार यह ट्रॉफी अपने नाम करने पर टिकी हैं।
भारतीय टीम की इस बड़ी जीत में शिलानंद लाकड़ा और दिलप्रीत सिंह ने शानदार प्रदर्शन करते हुए दो-दो गोल किए। वहीं कप्तान हरमनप्रीत सिंह, सुखजीत सिंह, अंगद बीर सिंह और विवेक सागर प्रसाद ने एक-एक गोल कर टीम की जीत में योगदान दिया। दक्षिण कोरिया की तरफ से हान सांगजुन ने एकमात्र गोल किया।
पहली बार अंतरराष्ट्रीय मुकाबले की मेजबानी करने वाले स्टेडियम में भारत का जलवा
मोहाली के इस स्टेडियम में भारतीय टीम पहली बार किसी अंतरराष्ट्रीय मुकाबले में खेलने उतरी थी। दर्शकों से खचाखच भरे स्टेडियम में घरेलू टीम ने शुरुआत से ही आक्रामक रुख अपनाया। भारत ने लीग चरण में भी अपना दबदबा कायम रखा था और पांचों मुकाबले जीतकर अपराजित रहते हुए सेमीफाइनल में प्रवेश किया था। नॉकआउट मुकाबले में भी टीम ने उसी लय को बरकरार रखा।
पहले क्वार्टर में ही भारत ने बनाई मजबूत बढ़त
मुकाबले के चौथे मिनट में शिलानंद लाकड़ा ने गोल कर भारत को 1-0 की बढ़त दिलाई। हालांकि, दक्षिण कोरिया ने नौवें मिनट में हान सांगजुन के गोल से स्कोर 1-1 कर दिया। इसके बाद भारतीय कप्तान हरमनप्रीत सिंह ने पेनाल्टी कॉर्नर पर शानदार ड्रैग फ्लिक लगाकर टीम को फिर बढ़त दिला दी।
13वें मिनट में गोलकीपर के बचाव के बाद मिले रिबाउंड पर शिलानंद ने गेंद को गोलपोस्ट में पहुंचाकर अपना दूसरा गोल किया। इस तरह पहले क्वार्टर के अंत तक भारत ने 3-1 की बढ़त हासिल कर ली।
दूसरे क्वार्टर में दागे तीन गोल
दूसरे क्वार्टर में भारतीय खिलाड़ियों ने हमलों की रफ्तार और बढ़ा दी। 21वें मिनट में सुखजीत सिंह ने शानदार रिवर्स फ्लिक के जरिए गोल किया। इसी मिनट दिलप्रीत सिंह ने अंगद बीर सिंह के साथ बेहतरीन तालमेल दिखाते हुए गेंद को गोलपोस्ट में पहुंचाया और भारत की बढ़त 5-1 कर दी।
इसके बाद 25वें मिनट में कप्तान हरमनप्रीत सिंह के लंबे हवाई पास को दिलप्रीत ने शानदार तरीके से नियंत्रित किया और अपना दूसरा गोल दाग दिया। लगातार तीन गोल की बदौलत मध्यांतर तक भारत ने 6-1 की मजबूत बढ़त बना ली थी।
अंगद और विवेक ने भी गोल कर जीत को बनाया यादगार
तीसरे क्वार्टर में दक्षिण कोरियाई टीम को मैदान पर निर्धारित संख्या से अधिक खिलाड़ी उतारने के कारण पांच मिनट का येलो कार्ड झेलना पड़ा। भारतीय टीम ने इस स्थिति का फायदा उठाया और 36वें मिनट में अंगद बीर सिंह ने गोल कर स्कोर 7-1 कर दिया।
आखिरी क्वार्टर में कोरियाई खिलाड़ी भारतीय रक्षापंक्ति को भेदने में सफल नहीं हो सके। मैच के 54वें मिनट में विवेक सागर प्रसाद ने शानदार व्यक्तिगत प्रयास करते हुए आठवां गोल दागा। इसके साथ ही भारत ने 8-1 से मुकाबला अपने नाम कर फाइनल का टिकट पक्का कर लिया।
दिलप्रीत सिंह बने प्लेयर ऑफ द मैच
दो गोल करने वाले भारतीय खिलाड़ी दिलप्रीत सिंह को प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया। उन्होंने टीम की जीत को सामूहिक प्रयास का नतीजा बताया। दिलप्रीत के मुताबिक, खिलाड़ियों का पूरा ध्यान मैदान पर निर्धारित रणनीति को सही तरीके से लागू करने पर था। मोहाली में अपने परिवार और प्रशंसकों के सामने देश का प्रतिनिधित्व करना उनके लिए विशेष अनुभव रहा।
जापान ने शूटआउट में मलेशिया को हराया
टूर्नामेंट के दूसरे सेमीफाइनल में जापान ने मलेशिया को पेनाल्टी शूटआउट में 5-3 से हराकर फाइनल में जगह बनाई। निर्धारित 60 मिनट के खेल में दोनों टीमें कोई गोल नहीं कर सकीं, जिसके बाद शूटआउट का सहारा लिया गया। वहीं पांचवें और छठे स्थान के मुकाबले में चीन ने बांग्लादेश को 3-1 से पराजित किया।
अब पांच नवंबर को शाम सात बजे भारत और जापान के बीच खिताबी मुकाबला खेला जाएगा। भारतीय टीम लगातार दूसरे संस्करण में चैंपियन बनने के इरादे से मैदान में उतरेगी। साथ ही उसकी निगाहें छठी बार एशियन चैंपियंस ट्रॉफी जीतकर टूर्नामेंट में अपनी उपलब्धियों में एक और खिताब जोड़ने पर होंगी।
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