राहुल गांधी के नेतृत्व में सुप्रीम कोर्ट की ओर बढ़े विपक्षी नेता
नई दिल्ली। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को हटाने की मांग और विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) से जुड़े मुद्दों को लेकर इंडिया ब्लॉक ने सोमवार को दिल्ली में मार्च निकाला। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के नेतृत्व में विपक्षी दलों के नेताओं ने बाराखंभा रोड से सुप्रीम कोर्ट की ओर कूच किया। विपक्षी गठबंधन ने चुनाव आयोग से जुड़े अपने आरोपों को लेकर कानूनी लड़ाई जारी रखने का ऐलान किया है। राहुल गांधी की ओर से सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल किए जाने की भी जानकारी दी गई।
मार्च में समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव, बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव, तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी और कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार समेत कई विपक्षी नेता शामिल हुए।

अखिलेश बोले- आंदोलन जारी रहेगा
समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने कहा कि लोकतंत्र की रक्षा करना विपक्ष की जिम्मेदारी है और इसके लिए धरना-प्रदर्शन जारी रहेंगे। उन्होंने भाजपा पर चुनाव आयोग के साथ मिलकर संविधान और लोकतांत्रिक व्यवस्था को कमजोर करने का आरोप लगाया। अखिलेश ने दावा किया कि मतदाता सूची और चुनाव प्रक्रिया में गड़बड़ियां हो रही हैं। उन्होंने कहा कि विपक्ष इन मुद्दों पर कानूनी और व्यावहारिक, दोनों स्तरों पर लड़ाई लड़ेगा।
अखिलेश यादव ने सरकार से विपक्ष की बात सुनने और मुख्य चुनाव आयुक्त को हटाने की मांग की। उन्होंने भाजपा से अपनी कथित गलतियों को स्वीकार करने की भी अपील की।
प्रदर्शन की जगह बदलने से मुद्दा खत्म नहीं होगा
अखिलेश यादव ने कहा कि विरोध-प्रदर्शन की जगह बदल देने से समस्याओं का समाधान नहीं होगा। उनके मुताबिक, लोकतंत्र को मजबूत करने के लिए प्रदर्शनकारियों को अपनी बात रखने के पर्याप्त अवसर मिलने चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि विरोध की जगह बदलने से सरकार की कथित गलतियों को छिपाया नहीं जा सकता। उन्होंने कहा कि विपक्ष लोकतंत्र के मुद्दे पर अपनी आवाज उठाता रहेगा।

युवाओं के साथ भेदभाव का लगाया आरोप
सपा प्रमुख ने प्रदर्शन में शामिल युवाओं और छात्रों के साथ कथित भेदभाव का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि अपनी आवाज उठाने के लिए पहुंचे छात्रों और युवाओं के साथ पुलिस-प्रशासन तथा भाजपा सरकार का व्यवहार उचित नहीं रहा।
अखिलेश यादव ने भाजपा पर चुनाव आयोग के माध्यम से मताधिकार को प्रभावित करने का आरोप लगाते हुए कहा कि मुख्य चुनाव आयुक्त को हटाने और चुनाव प्रक्रिया निष्पक्ष होने से लोकतंत्र की सुरक्षा सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी। हालांकि, ये आरोप विपक्षी नेताओं की ओर से लगाए गए हैं; इनकी स्वतंत्र पुष्टि यहां उपलब्ध जानकारी में नहीं है।
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