आंध्र प्रदेश में 135 किमी प्रति घंटे तक हवाएं चलने का दावा, 84 हजार से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया; कोलकाता में जलभराव रोकने के लिए प्रशासन सतर्क
कोलकाता/विजयवाड़ा। चक्रवात ‘अर्णब’ के प्रभाव से आंध्र प्रदेश और ओडिशा के तटीय इलाकों में खराब मौसम के बीच पश्चिम बंगाल में भी सतर्कता बढ़ा दी गई है। आंध्र प्रदेश के यानम-काकीनाडा क्षेत्र के पास तूफान के तट पार करने की सूचना है। तेज हवाओं और भारी बारिश के खतरे को देखते हुए लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है, जबकि कई जगहों पर स्कूल, रेल और हवाई सेवाएं प्रभावित होने की खबर है। पश्चिम बंगाल में कोलकाता समेत तटीय जिलों में बारिश शुरू होने के बाद प्रशासन ने जल निकासी, नदी यातायात और पर्यटकों की सुरक्षा के लिए विशेष इंतजाम किए हैं।
आंध्र प्रदेश में भारी बारिश, हजारों लोग सुरक्षित स्थानों पर पहुंचे
आंध्र प्रदेश में चक्रवात के प्रभाव से उत्तरी जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश की सूचना है। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, तूफान के दौरान हवा की रफ्तार 125 से 135 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच रही है, जबकि तेज झोंके 150 किलोमीटर प्रति घंटे तक दर्ज किए जाने का दावा किया गया है। विशाखापत्तनम में जलभराव, पेड़ गिरने और बिजली आपूर्ति बाधित होने की खबरें सामने आई हैं।
मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू के अनुसार, राज्य में 84 हजार से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। संभावित खतरे को देखते हुए 2,199 चक्रवात आश्रय स्थलों की पहचान की गई है और निकासी की योजनाएं तैयार रखी गई हैं। करीब 2,360 गर्भवती महिलाओं को चिकित्सा सुविधाओं में स्थानांतरित किए जाने की जानकारी भी दी गई है।
आपदा प्रबंधन के लिए 12 राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) और 10 राज्य आपदा मोचन बल (एसडीआरएफ) की टीमें तैनात किए जाने की बात कही गई है। प्रशासन ने मछुआरों को समुद्र में नहीं जाने और लोगों को आधिकारिक दिशा-निर्देशों का पालन करने की सलाह दी है।
ओडिशा के 16 जिलों में स्कूल बंद
चक्रवात के संभावित असर को देखते हुए ओडिशा में भी एहतियाती कदम उठाए गए हैं। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, राज्य के 16 जिलों में स्कूल बंद किए गए हैं और संवेदनशील क्षेत्रों में लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की कार्रवाई जारी है। मौसम विभाग की चेतावनी के मुताबिक, आंध्र प्रदेश और ओडिशा के तटीय क्षेत्रों के साथ तेलंगाना और छत्तीसगढ़ में भी भारी से अत्यधिक भारी बारिश हो सकती है। तूफान के तट पार करने के बाद भी कुछ समय तक तेज हवाएं और बारिश जारी रहने की आशंका जताई गई है।
पश्चिम बंगाल के तटीय इलाकों में सतर्कता
चक्रवात के प्रभाव को देखते हुए पश्चिम बंगाल के तटीय जिलों में पीली चेतावनी जारी किए जाने की जानकारी है। मछुआरों के समुद्र में जाने पर रोक लगाई गई है और कोलकाता समेत तटीय क्षेत्रों के प्रशासन को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं। मंगलवार शाम को कोलकाता और आसपास के इलाकों में बारिश शुरू हो गई।
कोलकाता नगर निगम ने जलभराव की आशंका से निपटने के लिए जल निकासी पंपिंग स्टेशनों पर चौबीसों घंटे निगरानी रखने को कहा है। संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त पंप और विशेष श्रमिक दल तैयार किए गए हैं। निगम ने 15 नवंबर तक निगरानी जारी रखने के निर्देश दिए हैं। हुगली नदी में ज्वार के दौरान घाटों पर सतर्कता बढ़ाने और जरूरत पड़ने पर पानी निकालने वाली विशेष मशीनों के इस्तेमाल की व्यवस्था भी की गई है।
विधाननगर नगर निगम को साल्टलेक में जल निकासी व्यवस्था सुचारु रखने और जलभराव रोकने के लिए आवश्यक कदम उठाने को कहा गया है।
पार्क स्ट्रीट से दीघा तक लोगों को सतर्क रहने की अपील
कोलकाता पुलिस ने पार्क स्ट्रीट क्षेत्र में माइक के जरिए लोगों को सावधान किया। नागरिकों से छतों और बालकनियों में रखे गमलों तथा डीटीएच एंटीना को सुरक्षित करने की अपील की गई है, ताकि तेज हवा में इनके गिरने से किसी को नुकसान न पहुंचे।
बंदरगाह क्षेत्र और गंगा के घाटों पर नदी यातायात पुलिस निगरानी कर रही है। तेज हवाओं के दौरान छोटी नावों और लांच को नदी में उतरने से रोकने के निर्देश दिए गए हैं। आपात स्थिति से निपटने के लिए पांच जेट स्की, तीन लांच और दो स्पीड बोट तैयार रखी गई हैं। मौसम की स्थिति के अनुसार नौका सेवाएं बंद की जा सकती हैं।
पूर्व मेदिनीपुर जिले के दीघा में पर्यटकों को माइक से चेतावनी दी गई। समुद्र में उतरने से रोकने के लिए निगरानी बढ़ाई गई और स्नान घाटों को रस्सियों से घेर दिया गया। पश्चिम मेदिनीपुर के दांतन में बारिश और तेज हवाओं की सूचना है, जबकि बेलदा में तूफानी हवाओं से कई पेड़ गिरने की खबर सामने आई।
चक्रवात के कारण कई एक्सप्रेस ट्रेनें रद्द
चक्रवात के मद्देनजर दक्षिण पूर्व रेलवे ने कई ट्रेनों का परिचालन रद्द किया है। जारी सूचना के अनुसार, चार एक्सप्रेस ट्रेनों के साथ फलकनुमा एक्सप्रेस की सेवाएं भी प्रभावित होने की जानकारी दी गई है।
- 18005 हावड़ा-जगदलपुर एक्सप्रेस: 27 से 30 अक्टूबर 2026 तक रद्द।
- 18006 जगदलपुर-हावड़ा एक्सप्रेस: 28 से 31 अक्टूबर 2026 तक रद्द।
- 18107 राउरकेला-जगदलपुर एक्सप्रेस: 29 अक्टूबर से 4 नवंबर 2026 तक रद्द।
- 18108 जगदलपुर-राउरकेला एक्सप्रेस: 30 अक्टूबर से 5 नवंबर 2026 तक रद्द।
इसके अलावा शुक्रवार को चलने वाली सिकंदराबाद-हावड़ा फलकनुमा एक्सप्रेस और हावड़ा-सिकंदराबाद फलकनुमा एक्सप्रेस को भी रद्द किए जाने की जानकारी दी गई है। यात्रियों को स्टेशन पहुंचने से पहले रेलवे की आधिकारिक सूचना से अपनी ट्रेन की स्थिति की पुष्टि करने की सलाह दी गई है।
उड़ानों पर भी पड़ सकता है असर
आंध्र प्रदेश में खराब मौसम के कारण विजयवाड़ा और विशाखापत्तनम आने-जाने वाली उड़ानों के प्रभावित होने की चेतावनी दी गई है। यात्रियों को हवाई अड्डे के लिए निकलने से पहले संबंधित विमानन कंपनी से उड़ान की ताजा स्थिति पता करने की सलाह दी गई है।
प्रशासन की प्राथमिकता संवेदनशील इलाकों में लोगों की सुरक्षा, जलभराव से निपटने और परिवहन सेवाओं से जुड़ी जानकारी समय पर उपलब्ध कराने की है। लोगों से अपील की गई है कि वे समुद्र और नदी के किनारे जाने से बचें तथा मौसम विभाग और स्थानीय प्रशासन के निर्देशों का पालन करें।
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