भाजपा के नवल किशोर यादव को डॉ. संजीव कुमार ने हराया, सारण में निर्दलीय राहुल राज और तिरहुत में भाजपा के नरेंद्र प्रसाद सिंह विजयी
पटना। बिहार विधान परिषद की शिक्षक निर्वाचन सीटों के चुनाव परिणामों में इस बार कई अहम बदलाव देखने को मिले हैं। पटना शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में राष्ट्रीय जनता दल (राजद) ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) से सीट छीन ली। यहां राजद प्रत्याशी डॉ. संजीव कुमार ने भाजपा के वरिष्ठ नेता नवल किशोर यादव को पराजित कर जीत हासिल की। वहीं, दरभंगा शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में जन सुराज पार्टी ने जीत के साथ विधान परिषद चुनाव में अपना खाता खोला। पार्टी के प्रत्याशी सुरेश राय ने कांग्रेस के वरिष्ठ नेता मदन मोहन झा को शिकस्त दी।
शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों के अन्य परिणामों में सारण सीट से भाजपा के बागी निर्दलीय प्रत्याशी डॉ. राहुल राज विजयी रहे, जबकि तिरहुत शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में भाजपा के नरेंद्र प्रसाद सिंह ने जीत दर्ज की। इन नतीजों ने बिहार की शिक्षक राजनीति में नए समीकरणों के संकेत दिए हैं।
संजीव कुमार ने जीत को शिक्षक समाज की जीत बताया
पटना शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से जीत हासिल करने के बाद डॉ. संजीव कुमार ने इसे शिक्षक समाज की जीत और अधर्म पर धर्म की जीत करार दिया। उन्होंने कहा कि पिछले करीब 30 वर्षों से शिक्षक समाज के साथ अन्याय हो रहा था। उनका दावा था कि पहले फर्जी वोटों के सहारे जीत हासिल की जाती रही, लेकिन इस बार शिक्षकों ने बदलाव के पक्ष में मतदान किया।
संजीव कुमार ने कहा कि चुनाव में उनके खिलाफ पूरी राजनीतिक ताकत लगा दी गई थी, इसके बावजूद उन्हें सफलता मिली। उन्होंने अपने समर्थकों, पार्टी कार्यकर्ताओं, शिक्षकों और परिवार के सदस्यों के प्रति आभार जताया।
चुनाव में प्रशासनिक हस्तक्षेप का लगाया आरोप
राजद के नवनिर्वाचित प्रत्याशी ने चुनाव के दौरान पुलिस और प्रशासन के इस्तेमाल का आरोप लगाया। उन्होंने दावा किया कि चुनावी प्रक्रिया के बीच तीन-तीन कमिश्नरों को बदला गया। संजीव कुमार ने यह भी आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री से लेकर पूरा मंत्रिमंडल उन्हें चुनाव में हराने के लिए सक्रिय था। ये आरोप उन्होंने जीत के बाद मीडिया से बातचीत में लगाए।
उन्होंने कहा कि शिक्षक समाज ने उन पर जो भरोसा जताया है, उसे वे व्यर्थ नहीं जाने देंगे। विधान परिषद में शिक्षकों की समस्याओं को मजबूती से उठाया जाएगा और उनके समाधान के लिए सरकार पर दबाव बनाया जाएगा।
शिक्षकों से किए वादे पूरे करने का भरोसा
डॉ. संजीव कुमार ने कहा कि वे शिक्षक समाज से किए गए वादों को ईमानदारी और प्रतिबद्धता के साथ पूरा करने का प्रयास करेंगे। उनका कहना था कि पटना शिक्षक सीट पर लंबे समय से कायम राजनीतिक वर्चस्व को तोड़ना बड़ी उपलब्धि है। उन्होंने भाजपा सरकार के खिलाफ अपनी राजनीतिक लड़ाई आगे भी जारी रखने की बात कही।
आठ सीटों के लिए 23 अक्टूबर को हुआ था मतदान
बिहार विधान परिषद की आठ सीटों के लिए 23 अक्टूबर को मतदान कराया गया था। इनमें चार शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र और चार स्नातक निर्वाचन क्षेत्र शामिल थे। चुनाव में कुल 150 उम्मीदवार मैदान में थे। इनमें स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों के 90 और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों के 60 प्रत्याशी शामिल थे।
मतदान के दौरान शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों में 82.85 प्रतिशत वोटिंग दर्ज की गई, जबकि स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों में मतदान का प्रतिशत 53.42 रहा। पटना, दरभंगा, तिरहुत और कोसी स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों के साथ पटना, दरभंगा, तिरहुत और सारण शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों में वोट डाले गए थे।मंगलवार सुबह संबंधित प्रमंडलीय मुख्यालयों में बनाए गए मतगणना केंद्रों पर मतों की गिनती शुरू हुई। शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों के परिणाम घोषित हो चुके थे, जबकि स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों की मतगणना जारी थी।
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