होम उप्र न्यूज़ दीपावली पर यूपी-112 की रहेगी पैनी नजर, डीजी बिनोद कुमार सिंह ने...

दीपावली पर यूपी-112 की रहेगी पैनी नजर, डीजी बिनोद कुमार सिंह ने सभी जिलों को किया अलर्ट

0
21

संवेदनशील स्थानों और मार्गों पर तैनात होंगे पर्याप्त पीआरवी वाहन, पांच नवंबर तक मुख्यालय भेजना होगा रूट चार्ट; तकनीकी खराबी या कर्मचारियों की कमी से एक भी वाहन नहीं रहेगा बंद

लखनऊ। दीपावली पर्व पर प्रदेश में सुरक्षा व्यवस्था को चाक-चौबंद रखने और किसी भी आपात स्थिति में लोगों को तत्काल पुलिस सहायता उपलब्ध कराने के लिए यूपी-112 मुख्यालय ने तैयारियां तेज कर दी हैं। त्योहार के दौरान आपातकालीन सेवाओं में किसी तरह की बाधा न आए, इसके लिए पुलिस महानिदेशक यूपी-112 बिनोद कुमार सिंह ने बुधवार को प्रदेश के सभी जिलों के यूपी-112 नोडल अधिकारियों के साथ उच्चस्तरीय वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग की। उन्होंने सभी जनपदों को सुरक्षा और सतर्कता के पुख्ता इंतजाम करने के निर्देश देते हुए स्पष्ट किया कि दीपावली के दौरान पीआरवी वाहनों की उपलब्धता, उनकी सक्रियता और आपातकालीन सूचनाओं पर त्वरित कार्रवाई में किसी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

बैठक में डीजी ने 28 अक्टूबर 2026 को जारी दीपावली संबंधी परामर्श के अनुरूप सभी जिलों में सुरक्षा तैयारियों की समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिया कि पिछले वर्षों और हाल की घटनाओं तथा विभिन्न आयोजनों का विश्लेषण कर थाना क्षेत्र और स्थान के आधार पर संवेदनशील इलाकों एवं हॉटस्पॉट की पहचान की जाए। इन स्थानों पर विशेष सतर्कता बरतने के साथ संवेदनशील मार्गों पर यूपी-112 के पुलिस रिस्पांस व्हीकल (पीआरवी) की पर्याप्त संख्या में तैनाती सुनिश्चित की जाए, ताकि किसी भी घटना की सूचना मिलते ही पुलिस तत्काल मौके पर पहुंच सके।

पांच नवंबर तक भेजना होगा संशोधित रूट चार्ट

डीजी ने सभी जनपदीय नोडल अधिकारियों को निर्देश दिया कि चिह्नित हॉटस्पॉट और संवेदनशील क्षेत्रों के आधार पर पीआरवी वाहनों की आवाजाही और तैनाती की योजना नए सिरे से तैयार की जाए। इसके लिए संशोधित रूट चार्ट तैयार कर पांच नवंबर 2026 तक अनिवार्य रूप से यूपी-112 मुख्यालय को भेजना होगा। रूट चार्ट बनाते समय पूर्व में हुई घटनाओं, त्योहारों के दौरान जुटने वाली भीड़ और संवेदनशील स्थानों को ध्यान में रखने के निर्देश दिए गए, जिससे जरूरत पड़ने पर पुलिस संसाधनों का बेहतर इस्तेमाल किया जा सके।

कर्मचारियों की कमी और तकनीकी खराबी से बंद नहीं होगी पीआरवी

बैठक में डीजी ने पीआरवी वाहनों की शत-प्रतिशत उपलब्धता पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि जनशक्ति की कमी अथवा तकनीकी खराबी के कारण कोई भी पीआरवी वाहन गैर-संचालित स्थिति में नहीं रहना चाहिए। सभी जिलों में वाहनों की नियमित जांच और रखरखाव सुनिश्चित किया जाए। किसी वाहन में तकनीकी खराबी आने पर तत्काल आवश्यक व्यवस्था की जाए, जिससे आपातकालीन सेवा प्रभावित न हो। त्योहार के दौरान प्रत्येक पीआरवी को सक्रिय रखते हुए उसकी उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।

कंट्रोल रूम की निगरानी और कर्मियों की नियमित ब्रीफिंग के निर्देश

आपातकालीन सूचनाओं के आदान-प्रदान और उनकी निगरानी व्यवस्था को प्रभावी बनाने के लिए डीजी ने आरओआईपी पर नियुक्त कर्मचारियों की शत-प्रतिशत उपस्थिति सुनिश्चित करने को कहा। इसके साथ ही इवेंट मॉनिटरिंग को मजबूत बनाने, पीआरवी पर तैनात पुलिसकर्मियों की नियमित ब्रीफिंग और चेकिंग कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सूचना प्राप्त होने से लेकर मौके पर पुलिस सहायता पहुंचने तक पूरी व्यवस्था सक्रिय और जवाबदेह रहनी चाहिए, ताकि किसी भी आपात स्थिति में समय पर कार्रवाई की जा सके।

16 अक्टूबर को जारी एसओपी का कड़ाई से होगा पालन

डीजी ने सभी जनपदीय अधिकारियों को 16 अक्टूबर 2026 को जारी संशोधित मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि दीपावली के दौरान यूपी-112 की कार्यप्रणाली निर्धारित मानकों के अनुरूप संचालित होनी चाहिए। इसके लिए सभी नोडल अधिकारी अपने-अपने जिलों में तैयारियों की लगातार समीक्षा करें और किसी भी कमी को तत्काल दूर कराएं।

अधिकारियों की समस्याएं सुनीं, निर्बाध सेवा देने के निर्देश

वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के दौरान पुलिस महानिदेशक ने विभिन्न जिलों के नोडल अधिकारियों से उनकी समस्याओं और तैयारियों की जानकारी भी ली। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को समस्याओं के निदान का आश्वासन दिया और कहा कि त्योहार के दौरान प्रदेशवासियों को त्वरित, प्रभावी और निर्बाध आपातकालीन पुलिस सेवाएं उपलब्ध कराना सर्वोच्च प्राथमिकता है। सभी अधिकारी और कर्मचारी पूरी सतर्कता, जिम्मेदारी और समन्वय के साथ कार्य करें, जिससे दीपावली पर्व शांतिपूर्ण एवं सुरक्षित वातावरण में संपन्न कराया जा सके।यूपी-112 मुख्यालय की इस समीक्षा बैठक का उद्देश्य त्योहार के दौरान आपातकालीन पुलिस व्यवस्था को मजबूत रखना, संवेदनशील स्थानों पर पुलिस की त्वरित उपलब्धता सुनिश्चित करना और किसी भी अप्रिय घटना की सूचना पर तत्काल प्रभावी कार्रवाई करना है।

यह भी पढ़े : बकरे की लाश जलाकर खुद को मुर्दा घोषित कराया, पत्नी ने की तेरहवीं; 18 महीने बाद पुलिस ने दबोचा

यह भी पढ़े : नकली पोस्टर से विपक्षी एकता नहीं तोड़ पाएगी भाजपा: अखिलेश

यह भी पढ़े : सीएम योगी की अधिवक्ताओं को बड़ी सौगात, पांच लाख तक कैशलेस इलाज

यह भी पढ़े : लोहिया ट्रस्ट की कमान अब अखिलेश के हाथ, शिवपाल की भूमिका बदली

यह भी पढ़े : लोक सेवक की जवाबदेही जरूरी, लोकायुक्त व्यवस्था पर अंकुश का काम करती है: योगी