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कमजोर पड़ा चक्रवाती तूफान ‘मुरासु’, डीप डिप्रेशन में बदला, आंध्र प्रदेश में भारी बारिश का अलर्ट

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हवाओं की रफ्तार घटने के आसार, तटीय इलाकों में तबाही के निशान; कई जिलों में पेड़ और बिजली के खंभे उखड़े

नई दिल्ली। दक्षिण भारत में तबाही मचाने वाला भीषण चक्रवाती तूफान ‘मुरासु’ कमजोर पड़ गया है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के मुताबिक, तूफान अब कमजोर होकर डीप डिप्रेशन में तब्दील हो गया है। इसके उत्तर दिशा में आगे बढ़ने के साथ ही इसकी तीव्रता में और कमी आने की संभावना है। हालांकि, मौसम विभाग ने बुधवार को भी तटीय आंध्र प्रदेश और यनम के कुछ इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश होने की चेतावनी दी है।

मौसम विभाग के अनुसार, 3 नवंबर की रात 11:30 बजे इस मौसमी सिस्टम का केंद्र तटीय आंध्र प्रदेश और उससे सटे पूर्वी तेलंगाना के ऊपर स्थित था। उस समय इसका केंद्र नंदीगामा से लगभग 40 किलोमीटर दक्षिण-दक्षिण-पश्चिम, विजयवाड़ा से 60 किलोमीटर पश्चिम, खम्मम से 80 किलोमीटर दक्षिण और भद्राचलम से करीब 150 किलोमीटर दक्षिण-दक्षिण-पश्चिम में था।

आईएमडी का अनुमान है कि यह सिस्टम उत्तर दिशा में आगे बढ़ते हुए कमजोर होगा और 4 नवंबर की सुबह तक सामान्य डिप्रेशन में बदल सकता है। इस दौरान 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने की संभावना है। हवा के झोंकों की गति 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है।

आंध्र प्रदेश के कई जिलों में बारिश और तेज हवाओं से नुकसान

मंगलवार को चक्रवाती तूफान मुरासु के प्रभाव से दक्षिण तटीय आंध्र प्रदेश के कई इलाकों में भारी बारिश हुई। तेज हवाओं के कारण जगह-जगह पेड़ और बिजली के खंभे उखड़ गए। वहीं, लगातार बारिश से निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति पैदा हो गई, जिससे सामान्य जनजीवन प्रभावित हुआ।

प्रकाशम, बापटला, पलनाडु, कृष्णा, एलुरु और पश्चिम गोदावरी जिलों में व्यापक बारिश दर्ज की गई। कई स्थानों पर बिजली आपूर्ति बाधित होने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। तूफान और बारिश के कारण कृषि क्षेत्र को भी नुकसान पहुंचा है। किसानों की फसलों पर प्रतिकूल असर पड़ा है।

बापटला जिले के तटीय क्षेत्रों में समुद्र की स्थिति भी काफी खराब रही। ऊंची लहरों के कारण समुद्र का पानी तट की ओर बढ़ आया। सूर्यलंका बीच पर तेज लहरों के चलते समुद्र का पानी करीब 50 मीटर अंदर तक पहुंच गया। इससे तटीय इलाकों में रहने वाले लोगों की चिंता बढ़ गई।

मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने की हालात की समीक्षा

चक्रवात के प्रभाव को देखते हुए आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने मंगलवार को सचिवालय स्थित रियल-टाइम गवर्नेंस सोसाइटी (आरटीजीएस) केंद्र पहुंचकर हालात की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों से विभिन्न जिलों में हुई बारिश, हवा की गति और प्रभावित क्षेत्रों की स्थिति के बारे में जानकारी ली।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रशासन की ओर से लगातार सतर्कता बरते जाने और लोगों को समय रहते आगाह करने से कई कीमती जानें बचाई जा सकीं। उन्होंने राहत और बहाली कार्यों को प्रभावी ढंग से संचालित करने के निर्देश दिए।

नायडू ने बताया कि उन्होंने तमिलनाडु और कर्नाटक के मुख्यमंत्रियों से भी बातचीत की है और प्रभावित क्षेत्रों में बहाली कार्यों के लिए सहयोग मांगा है। उन्होंने अधिकारियों को मौसम और अन्य संबंधित आंकड़ों का लगातार विश्लेषण करने तथा प्रशासनिक व्यवस्था को पूरी तरह सक्रिय रखने के निर्देश दिए।फिलहाल तूफान के कमजोर पड़ने से हवाओं की तीव्रता में कमी आने की उम्मीद है, लेकिन भारी बारिश की आशंका को देखते हुए तटीय आंध्र प्रदेश के लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है।

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