जम्मू-कश्मीर में रंगदारी, डकैती और हत्या समेत कई संगीन अपराधों में शामिल थे आरोपी, मेरठ के सोतीगंज से दबोचे गए; चार मोबाइल और एक लैपटॉप बरामद
लखनऊ । उत्तर प्रदेश एसटीएफ को बड़ी सफलता हाथ लगी है। जम्मू-कश्मीर में रंगदारी, डकैती, जमीन कब्जाने, जानलेवा हमले, अवैध हथियारों और मादक पदार्थों की तस्करी जैसी गंभीर वारदातों में शामिल कुख्यात गटरू गैंग के चार सदस्यों को गिरफ्तार किया गया है। एसटीएफ मेरठ की टीम ने जम्मू-कश्मीर पुलिस के सहयोग से सोमवार देर रात करीब 11:05 बजे मेरठ के सदर बाजार थाना क्षेत्र स्थित सोतीगंज से चारों आरोपियों को दबोचा। गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से चार मोबाइल फोन और एक लैपटॉप बरामद किया गया है।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान जम्मू-कश्मीर के सांबा जिले के विजयपुर निवासी सौरभ गुप्ता और गौरव गुप्ता, विजयपुर निवासी रोहित बलोना तथा मेरठ के सोतीगंज निवासी माज कुरैशी के रूप में हुई है। सौरभ और गौरव सगे भाई बताए गए हैं। एसटीएफ के मुताबिक, गैंग के तीन सदस्य जम्मू-कश्मीर में दर्ज एक मामले में वांछित चल रहे थे।
22 अक्टूबर को मिली थी आरोपियों के मेरठ में छिपे होने की सूचना
एसटीएफ के अनुसार, 22 अक्टूबर को जम्मू-कश्मीर के सांबा जिले की पुलिस से सूचना मिली थी कि गटरू गैंग के कुछ सदस्य मेरठ में छिपकर रह रहे हैं। इसके बाद एसटीएफ की विभिन्न टीमों को आरोपियों के बारे में जानकारी जुटाने और उनकी गिरफ्तारी के निर्देश दिए गए। अपर पुलिस अधीक्षक बृजेश कुमार सिंह के पर्यवेक्षण में एसटीएफ की मेरठ इकाई ने जांच शुरू की।
आरोपियों के मेरठ में मौजूद होने की पुष्टि होने पर एसटीएफ ने सांबा पुलिस से संपर्क किया। इसके बाद जम्मू-कश्मीर के डीएसपी अतहर बख्शी के नेतृत्व में पुलिस टीम मेरठ पहुंची। दोनों राज्यों की पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए सोतीगंज इलाके से चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
जम्मू-कश्मीर में कई संगीन वारदातों से जुड़ा है गैंग
पुलिस के मुताबिक, गटरू गैंग जम्मू और सांबा जिलों में सक्रिय एक कुख्यात आपराधिक गिरोह रहा है। इस गिरोह पर रंगदारी वसूली, सुपारी लेकर हत्या, डकैती, जमीन कब्जाने और जानलेवा हमले जैसी वारदातों में शामिल होने के आरोप हैं। गिरोह का संचालन सुमित जंडियाल उर्फ गटरू करता था। उसके भाई सौरव गुप्ता और अन्य साथी भी गिरोह की गतिविधियों में शामिल बताए गए हैं।
गटरू गैंग की जम्मू-कश्मीर में विक्की खौफ गैंग और विकास सलाथिया के गिरोह से पुरानी दुश्मनी भी रही है। दोनों पक्षों के बीच वर्चस्व को लेकर लंबे समय से गैंगवार चलने की जानकारी सामने आई है।
गैंग सरगना की पार्टी में गोली मारकर हुई थी हत्या
एसटीएफ के मुताबिक, 21 जनवरी 2025 को जम्मू शहर के व्यस्त ज्वेल चौक इलाके में एक पार्टी के दौरान गटरू गैंग के सरगना सुमित जंडियाल उर्फ गटरू की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस घटना के बाद गिरोह के सदस्यों की गतिविधियां और आपसी संपर्क जांच के दायरे में आए थे।
वर्ष 2025 में गिरोह के एक अन्य सदस्य गौरव जंडियाल पर भी हरियाणा के शाहबाद क्षेत्र में शराब कारोबारी शांतनु की हत्या कराने का आरोप लगा था। इस मामले में हरियाणा एसटीएफ ने कार्रवाई की थी। पुलिस मुठभेड़ में गिरोह का सदस्य रोमेल बोहरा मारा गया था, जबकि गौरव जंडियाल और उसके अन्य साथियों को गिरफ्तार किया गया था।
मेरठ में अलग-अलग लोगों के यहां ले रहे थे पनाह
जांच में सामने आया कि गटरू की हत्या के बाद सौरभ गुप्ता की मुलाकात बागपत जिले के बिनौली क्षेत्र के रहने वाले आशु पंडित से हुई थी। दोनों के बीच दोस्ती होने के बाद सौरभ ने मेरठ में सुरक्षित ठिकाने की तलाश में उससे संपर्क किया था। इसके बाद उसे पहले सुभाष नगर और फिर सुभारती विश्वविद्यालय के पास एक किराये के फ्लैट में ठहराया गया था।
इसी तरह गौरव जंडियाल की कुरुक्षेत्र जेल में मेरठ के मोहसिन नामक व्यक्ति से मुलाकात हुई थी। जेल से बाहर आने के बाद गौरव ने उससे मेरठ में ठहरने के लिए सुरक्षित जगह उपलब्ध कराने को कहा। मोहसिन के माध्यम से सोहेल नामक व्यक्ति से संपर्क हुआ। इसके बाद सोहेल की खाला के बेटे माज कुरैशी के यहां रहने की व्यवस्था की गई।
एसटीएफ के अनुसार, सौरभ गुप्ता, गौरव गुप्ता और रोहित बलोना को माज कुरैशी ने बिना पुलिस सत्यापन के अपने मकान में ठहराया था। इसी ठिकाने के आधार पर पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार किया।
जम्मू-कश्मीर में दर्ज मुकदमों में वांछित थे तीन आरोपी
गिरफ्तार आरोपियों में सौरभ गुप्ता, गौरव गुप्ता और रोहित बलोना जम्मू-कश्मीर के सांबा जिले के विजयपुर थाने में दर्ज मुकदमा संख्या 146/2026 में वांछित थे। इनके खिलाफ स्वापक औषधि एवं मन:प्रभावी पदार्थ अधिनियम और आयुध अधिनियम की धाराओं में मामला दर्ज है। अन्य आरोपियों के खिलाफ भी विभिन्न आपराधिक मामलों का विवरण पुलिस ने साझा किया है।
एसटीएफ के मुताबिक, गिरफ्तार चारों आरोपियों से पूछताछ और बरामद इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। आरोपियों को लेकर अग्रिम कानूनी कार्रवाई जम्मू-कश्मीर पुलिस की ओर से की जाएगी।
इस संयुक्त कार्रवाई को उत्तर प्रदेश एसटीएफ और जम्मू-कश्मीर पुलिस की महत्वपूर्ण सफलता माना जा रहा है। इससे दूसरे राज्यों में सक्रिय आपराधिक गिरोहों को शरण देने और उनके सदस्यों को छिपाने वाले नेटवर्क की भी पड़ताल का रास्ता खुला है।
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