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68500 शिक्षक भर्ती का मामला फिर गरमाया, मंत्री आशीष पटेल के आवास पर अभ्यर्थियों का प्रदर्शन

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आरक्षण विसंगति दूर कर संशोधित परिणाम जारी करने की मांग, 64 दिन से धरने पर बैठे अभ्यर्थियों को मंत्री ने दीपावली तक दिया समय

लखनऊ। 68500 सहायक अध्यापक भर्ती परीक्षा-2018 में आरक्षण संबंधी विसंगतियों को लेकर शिक्षक अभ्यर्थियों का आंदोलन तेज होता जा रहा है। लगातार 64 दिनों से धरना दे रहे अभ्यर्थियों ने मंगलवार को कैबिनेट मंत्री आशीष पटेल के लखनऊ स्थित आवास पर पहुंचकर प्रदर्शन किया। अभ्यर्थियों ने पिछड़ा वर्ग आयोगों के आदेशों के अनुरूप भर्ती का परिणाम संशोधित करने और पात्र अभ्यर्थियों को नियुक्ति देने की मांग उठाई।

प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थियों का कहना था कि भर्ती प्रक्रिया में अन्य पिछड़ा वर्ग के आरक्षण को लेकर हुई कथित गड़बड़ी का अब तक समाधान नहीं किया गया है। इस संबंध में राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग की संस्तुति और राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग के आदेशों का पालन कराने की मांग लंबे समय से की जा रही है। अभ्यर्थियों ने आरोप लगाया कि लगातार आवाज उठाने के बावजूद शासन स्तर पर कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया है।

आंदोलन का नेतृत्व कर रहे तूफान सिंह और आशुतोष वर्मा ने कहा कि प्रदेश के अलग-अलग जिलों के अभ्यर्थी अपने अधिकारों के लिए दो महीने से अधिक समय से शांतिपूर्ण तरीके से संघर्ष कर रहे हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि जब राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग की ओर से इस मामले में आदेश जारी किया जा चुका है और 10 सितंबर को बेसिक शिक्षा मंत्री की अध्यक्षता में हुई बैठक में भी आरक्षण विसंगति पर चर्चा हो चुकी है, तो फिर समाधान में देरी क्यों की जा रही है।

अभ्यर्थियों ने मांग की कि आयोगों के निर्देशों के मुताबिक भर्ती का संशोधित परिणाम जारी किया जाए और आरक्षण के दायरे में आने वाले योग्य अभ्यर्थियों को नियुक्ति दी जाए। उनका कहना था कि लंबे समय से इंतजार कर रहे अभ्यर्थियों को अब केवल आश्वासन नहीं, बल्कि ठोस निर्णय चाहिए।

करीब आधे घंटे तक प्रदर्शन चलने के बाद कैबिनेट मंत्री आशीष पटेल अपने आवास से बाहर आए और अभ्यर्थियों के बीच पहुंचकर उनकी समस्याएं सुनीं। मंत्री ने कहा कि वह अभ्यर्थियों के पक्ष में मजबूती से पैरवी कर रहे हैं और उन्हें न्याय दिलाने के लिए बेहतर प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने अभ्यर्थियों की चिंता को जायज बताते हुए कहा कि लोकतांत्रिक तरीके से विरोध करने के उनके अधिकार पर कोई रोक नहीं लगाई जाएगी। साथ ही उन्होंने दीपावली तक का समय देने की अपील की।

मंत्री के आश्वासन के बाद भी अभ्यर्थियों ने अपनी मांगों के समर्थन में नारेबाजी जारी रखी। प्रदर्शन के दौरान ‘आरक्षण की चोरी नहीं चलेगी’, ‘आरक्षण तुमको देना होगा’ और ‘68500 शिक्षक भर्ती पूरी करो’ जैसे नारे लगाए गए।

धरना प्रभारी नवीन चौधरी ने कहा कि अभ्यर्थी मंत्री की ओर से दिए गए दीपावली तक के समय का इंतजार करेंगे। यदि इस अवधि में उनकी मांगों पर कोई सकारात्मक और ठोस फैसला नहीं होता है तो वे दीपावली भी मंत्री के आवास पर ही मनाने के लिए मजबूर होंगे।

प्रदर्शन में प्रदेश के विभिन्न जिलों से आए शिक्षक अभ्यर्थियों ने हिस्सा लिया। इनमें तूफान सिंह, आशुतोष वर्मा, नवीन चौधरी, रंजना जायसवाल, अमित, अजीत सिंह, विनय प्रजापति, राहुल, दीपक, नसीम, रेखा रानी, कोमल रानी, ललिता चौधरी, क्षमा, मनोज, अरविंद और संतोष समेत बड़ी संख्या में अभ्यर्थी मौजूद रहे।

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