पूर्णिया के कप्तान पुल पर फॉर्च्यूनर रेलिंग तोड़कर सौरा नदी में समाई; पूर्व सांसद संतोष कुशवाहा के चचेरे भाई थे विनय विश्वास, पत्नी और दो बेटों का रो-रोकर बुरा हाल
पूर्णिया। बिहार के पूर्णिया में करवा चौथ की शाम एक दर्दनाक सड़क हादसे ने एक परिवार की खुशियां छीन लीं। सदर थाना क्षेत्र के कप्तान पुल पर गुरुवार शाम एक फॉर्च्यूनर कार अनियंत्रित होकर पुल की सुरक्षा रेलिंग तोड़ते हुए सौरा नदी में जा गिरी। हादसे में कार चला रहे कारोबारी और समाजसेवी विनय कुमार विश्वास उर्फ बबलू (करीब 45 वर्ष) की मौत हो गई। वह डगरुआ प्रखंड के कोचैली गांव के रहने वाले और पूर्व सांसद संतोष कुशवाहा के चचेरे भाई थे।
जानकारी के मुताबिक, विनय विश्वास गुरुवार शाम करीब सात बजे अपने पैतृक गांव से पूर्णिया के प्रभात कॉलोनी स्थित घर लौट रहे थे। वह खुद फॉर्च्यूनर चला रहे थे। इसी दौरान कप्तान पुल पर अचानक वाहन का संतुलन बिगड़ा और कार रेलिंग तोड़ते हुए सीधे नदी में जा गिरी। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। आसपास के लोग बड़ी संख्या में पुल के पास जुट गए और पुलिस को सूचना दी।
सूचना मिलते ही सदर अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी अभिनव पाराशर, सदर एसडीएम विग्नेश टी. ए., ट्रैफिक डीएसपी और सदर थाना पुलिस मौके पर पहुंची। बचाव दल ने कार को बाहर निकालने का अभियान शुरू किया। काफी मशक्कत के बाद क्रेन की मदद से नदी में गिरी फॉर्च्यूनर को बाहर निकाला गया। इस दौरान करीब एक घंटे तक पुल पर यातायात प्रभावित रहा।
कार से बाहर निकाले जाने के बाद विनय विश्वास को तत्काल राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। हादसा किस वजह से हुआ, इसकी जांच की जा रही है।
पूर्णिया के जाने-माने कारोबारी थे बबलू विश्वास
विनय कुमार विश्वास पूर्णिया के प्रतिष्ठित कारोबारियों में गिने जाते थे। उनका रेनॉल्ट चारपहिया वाहन शोरूम, महिंद्रा ट्रक शोरूम सहित कई अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों और गोदामों से जुड़ाव था। वह कोचैली गांव के पुराने कृषक परिवार से संबंध रखते थे। उनके पिता कृष्ण लाल विश्वास और बड़े भाई विमल विश्वास हैं। परिवार में पत्नी और दो बेटे हैं।
परिचितों के अनुसार, विनय विश्वास मिलनसार, शांत स्वभाव और सहयोगी प्रवृत्ति के व्यक्ति थे। कारोबार के साथ-साथ सामाजिक और धार्मिक गतिविधियों में भी उनकी सक्रिय भागीदारी रहती थी। देवघर जाने वाले कांवरियों की सेवा के लिए कटोरिया में आयोजित पूर्णिया सेवा शिविर में वह हर साल करीब एक महीने तक सहयोग करते थे। इस शिविर में कांवरियों को निःशुल्क सुविधाएं उपलब्ध कराई जाती हैं।
पत्नी कर रही थीं इंतजार, पहुंच गई मौत की खबर
हादसे की सबसे मार्मिक बात यह रही कि करवा चौथ के दिन पत्नी प्रभात कॉलोनी स्थित घर पर विनय विश्वास के लौटने का इंतजार कर रही थीं। लेकिन घर पहुंचने से पहले ही उनके साथ हुए हादसे की खबर आ गई। पति की मौत की सूचना मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। पत्नी और दोनों बेटे गहरे सदमे में हैं। पैतृक गांव कोचैली में भी शोक छा गया।
पूर्व सांसद संतोष कुशवाहा और उनके बड़े भाई शंकर कुशवाहा सहित परिजनों ने इस असामयिक निधन पर गहरा दुख जताया। पूर्णिया के सांसद पप्पू यादव ने भी वीडियो संदेश जारी कर विनय विश्वास के निधन पर शोक व्यक्त किया।
परिजनों के अनुसार, पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी होने के बाद रात करीब 11 बजे पार्थिव शरीर को पैतृक गांव कोचैली ले जाया गया, जहां उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा। विनय विश्वास के निधन से पूर्णिया के व्यापारिक, सामाजिक और धार्मिक क्षेत्र में शोक की लहर है।
यह भी पढ़े : नकली पोस्टर से विपक्षी एकता नहीं तोड़ पाएगी भाजपा: अखिलेश\
यह भी पढ़े : सीएम योगी की अधिवक्ताओं को बड़ी सौगात, पांच लाख तक कैशलेस इलाज
यह भी पढ़े : लोहिया ट्रस्ट की कमान अब अखिलेश के हाथ, शिवपाल की भूमिका बदली
यह भी पढ़े : लोक सेवक की जवाबदेही जरूरी, लोकायुक्त व्यवस्था पर अंकुश का काम करती है: योगी
यह भी पढ़े : BRICS SUMMIT 2026:भारत-चीन रिश्तों को नई दिशा, साझेदारी पर शी का जोर









