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मेटा का अलर्ट मिलते ही दौड़ी पुलिस, पांच मिनट में बचाई युवक की जान

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कर्ज के बोझ और तकादे से परेशान 23 वर्षीय रामलीला कलाकार ने इंस्टाग्राम पर डाला था आत्महत्या का वीडियो, गंभीर हालत में अस्पताल पहुंचाया गया

कानपुर। कर्ज का बोझ और लगातार पैसों के तकादे से मानसिक तनाव में आए 23 वर्षीय युवक की जान उत्तर प्रदेश पुलिस की तत्परता से बच गई। युवक ने चूहेमार दवा खाने और हाथ की नस काटने के बाद आत्महत्या से संबंधित वीडियो इंस्टाग्राम पर पोस्ट किया था। मेटा कंपनी से मिले अलर्ट के बाद पुलिस मुख्यालय लखनऊ ने तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए। सूचना मिलते ही कानपुर नगर के नौबस्ता थाने की पुलिस महज पांच मिनट में युवक के घर पहुंच गई। वहां युवक बेसुध हालत में मिला। पुलिस ने उसे तत्काल अस्पताल पहुंचाया, जहां चिकित्सकों ने उसका उपचार शुरू किया।

पुलिस के मुताबिक, 26 और 27 अक्टूबर की मध्यरात्रि करीब 12:14 बजे मेटा कंपनी की ओर से पुलिस महानिदेशक मुख्यालय स्थित सोशल मीडिया केंद्र को ई-मेल के माध्यम से अलर्ट मिला था। युवक ने इंस्टाग्राम पर वीडियो पोस्ट कर आत्महत्या करने की बात प्रदर्शित की थी। पुलिस महानिदेशक राजीव कृष्ण के निर्देश पर सोशल मीडिया केंद्र की टीम ने तत्काल वीडियो और संबंधित इंस्टाग्राम खाते का अवलोकन किया। उपलब्ध जानकारी के आधार पर युवक का मोबाइल नंबर और उसकी लोकेशन का पता लगाया गया। इसके बाद कानपुर नगर पुलिस को तत्काल सूचना दी गई।

मुख्यालय से मिली सूचना पर नौबस्ता थाने में तैनात उपनिरीक्षक पुष्पेंद्र सिंह, आरक्षी दीपक शर्मा और मुख्य आरक्षी चालक ब्रजेश कुमार पांच मिनट के भीतर युवक के घर पहुंच गए। पुलिस ने परिजनों को सोशल मीडिया पर पोस्ट किए गए वीडियो की जानकारी दी और युवक के कमरे में पहुंची। वहां युवक पलंग पर बेसुध पड़ा था। उसके पास चूहेमार दवा का खाली रैपर था और हाथ की कटी नस से खून बह रहा था। कमरे के फर्श पर भी खून बिखरा हुआ था। युवक की गंभीर हालत देखते हुए पुलिसकर्मियों ने बिना देर किए उसे नजदीकी अस्पताल पहुंचाया। चिकित्सकों ने तत्काल उपचार शुरू कर उसे भर्ती कर लिया।

कर्ज के दबाव में उठाया आत्मघाती कदम

स्वास्थ्य में सुधार होने पर युवक ने पुलिस को बताया कि वह जागरण और रामलीला में कलाकार के रूप में काम करता है। कुछ दिन पहले वह अपनी टीम के साथ कार्यक्रम करने बाहर गया था। इसके लिए उसने कर्ज लिया था। पर्याप्त धनराशि नहीं मिलने के कारण उसने साथी कलाकारों को भी कर्ज लेकर पैसे दिए, जिससे उस पर आर्थिक बोझ बढ़ गया। कर्ज देने वाले लोग लगातार पैसे वापस मांग रहे थे। भुगतान नहीं कर पाने पर वे उसे भला-बुरा कहते थे। इससे वह मानसिक तनाव और अवसाद से गुजर रहा था। इसी परेशानी में उसने आत्मघाती कदम उठा लिया।

पुलिस ने युवक की काउंसलिंग की। युवक ने भविष्य में इस तरह का कदम नहीं उठाने का आश्वासन दिया। परिजनों ने समय रहते पहुंचकर युवक की जान बचाने के लिए पुलिस की तत्परता, संवेदनशीलता और सहयोग की सराहना की।

मेटा के अलर्ट से अब तक 4106 लोगों की बची जान

उत्तर प्रदेश पुलिस और मेटा कंपनी के बीच वर्ष 2022 से ऐसी व्यवस्था लागू है, जिसके तहत फेसबुक या इंस्टाग्राम पर आत्महत्या से संबंधित पोस्ट सामने आने पर मेटा कंपनी ई-मेल और फोन के माध्यम से पुलिस को अलर्ट भेजती है। पुलिस मुख्यालय इस सूचना पर संबंधित व्यक्ति की पहचान और लोकेशन का पता लगाकर स्थानीय पुलिस को तत्काल कार्रवाई के लिए सूचित करता है।

पुलिस के अनुसार, एक जनवरी 2023 से 15 अक्टूबर 2026 के बीच ऐसे अलर्ट पर कार्रवाई करते हुए उत्तर प्रदेश पुलिस 4106 लोगों की जान बचा चुकी है। इस पहल के लिए उत्तर प्रदेश पुलिस को प्रतिष्ठित एसकेओसीएच पुरस्कार-2025 और द इकोनॉमिक टाइम्स गवटेक पुरस्कार-2026 से भी सम्मानित किया जा चुका है।

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