शताब्दी वर्ष पर अंधावा तालाब में मां दुर्गा को दी गई विदाई, सिविल डिफेंस और प्रशासन के सहयोग से शांतिपूर्ण रहा आयोजन
प्रयागराज। बाई का बाग दुर्गा पूजा बारवारी के शताब्दी वर्ष का ऐतिहासिक प्रतिमा विसर्जन श्रद्धा, भक्ति और गरिमामय वातावरण में अंधावा तालाब में संपन्न हुआ। सौ वर्षों से चली आ रही धार्मिक परंपरा को आगे बढ़ाते हुए श्रद्धालुओं ने मां दुर्गा को भावभीनी विदाई दी। इस ऐतिहासिक अवसर पर भक्तों में विशेष उत्साह देखने को मिला। आयोजन ने आस्था, संस्कृति और सामाजिक एकता की गौरवशाली विरासत को एक बार फिर जीवंत कर दिया।
शताब्दी वर्ष के इस विशेष आयोजन में मां दुर्गा की प्रतिमा के विसर्जन के दौरान श्रद्धालुओं ने पूरे भक्तिभाव के साथ भाग लिया। बारवारी की सौ वर्षों की धार्मिक परंपरा से जुड़े इस अवसर को कमेटी के सदस्यों और श्रद्धालुओं ने यादगार बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। मां दुर्गा के प्रति अटूट आस्था और परंपराओं के प्रति समर्पण आयोजन के दौरान स्पष्ट रूप से दिखाई दिया।
सिविल डिफेंस और प्रशासन का मिला सहयोग
प्रतिमा विसर्जन के दौरान सुरक्षा, व्यवस्था और सुचारु संचालन के लिए सिविल डिफेंस, नगर निगम तथा प्रशासनिक अधिकारियों और कर्मचारियों का सहयोग रहा। सभी के आपसी समन्वय से विसर्जन कार्यक्रम शांतिपूर्ण और व्यवस्थित ढंग से संपन्न हुआ।
व्यवस्था बनाए रखने में सिविल डिफेंस के चीफ वार्डन अनिल गुप्ता ‘अन्नू भैया’, रौनक गुप्ता, नगर निगम के जोनल अधिकारी, एडीएम प्रशासन तथा स्वयंसेवकों का सराहनीय योगदान रहा। अधिकारियों, कर्मचारियों और स्वयंसेवकों ने आयोजन को सुचारु रूप से संपन्न कराने में सहयोग किया।

पूजा कमेटी की ओर से पूजा संयोजक एवं जनसंपर्क अधिकारी लालू मित्तल ने सिविल डिफेंस और प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने विसर्जन के दौरान उपलब्ध कराई गई सुरक्षित, सुगम और व्यवस्थित व्यवस्था की सराहना करते हुए सहयोग करने वाले सभी अधिकारियों, कर्मचारियों और स्वयंसेवकों को धन्यवाद दिया।
सौ वर्षों की धार्मिक परंपरा का गौरवपूर्ण अध्याय
बाई का बाग दुर्गा पूजा बारवारी का शताब्दी वर्ष केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि आस्था, संस्कृति और सामाजिक एकता की लंबी परंपरा का प्रतीक भी है। सौ वर्षों से चली आ रही इस विरासत ने पीढ़ियों को धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजनों के माध्यम से जोड़ने का काम किया है।
इस ऐतिहासिक अवसर पर मां दुर्गा की प्रतिमा का विसर्जन बारवारी की गौरवशाली परंपरा में एक महत्वपूर्ण अध्याय के रूप में दर्ज हुआ। आयोजन से जुड़े सदस्यों ने परंपरा को आगे बढ़ाने और धार्मिक आयोजन की गरिमा बनाए रखने में सक्रिय भूमिका निभाई।
प्रतिमा विसर्जन के दौरान कमेटी के सदस्यों की उल्लेखनीय उपस्थिति रही। सभी ने आयोजन को सफल बनाने में अपना सहयोग दिया। श्रद्धा और सम्मान के साथ मां दुर्गा को विदाई देने के बाद शताब्दी वर्ष का यह आयोजन यादगार बन गया।
कमेटी के पदाधिकारी और सदस्य रहे मौजूद
ऐतिहासिक विसर्जन के अवसर पर बाई का बाग दुर्गा पूजा बारवारी के कार्यकारी अध्यक्ष राजू द्विवेदी, टीपी मिश्रा, शैलेंद्र द्विवेदी, सचिव रत्नेश पांडे, पूजा संयोजक लालू मित्तल, सुनील सिंह, सोनू चटर्जी और अंबरीश जैन सहित कमेटी के अनेक सदस्य मौजूद रहे।
कमेटी की ओर से आयोजन में सहयोग देने वाले सभी लोगों के प्रति आभार जताया गया। सिविल डिफेंस, प्रशासन, नगर निगम के अधिकारियों-कर्मचारियों और स्वयंसेवकों के सहयोग से प्रतिमा विसर्जन का कार्यक्रम शांतिपूर्ण और सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न हुआ।
बाई का बाग दुर्गा पूजा बारवारी का यह शताब्दी वर्ष आयोजन धार्मिक आस्था, सांस्कृतिक विरासत और सामूहिक सहभागिता की मिसाल के रूप में याद किया जाएगा। सौ वर्षों की परंपरा के इस गौरवपूर्ण पड़ाव ने मां दुर्गा के प्रति श्रद्धालुओं की अटूट आस्था और सामाजिक एकजुटता के संदेश को और मजबूत किया।
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