नई दिल्ली। दिवाली पर वायु प्रदूषण कम करने और पर्यावरण अनुकूल उत्सव को बढ़ावा देने के लिए डब्ल्यूडब्ल्यूएफ-इंडिया ने देशव्यापी हरित दिवाली अभियान शुरू किया है। यह अभियान 20 अक्टूबर से 8 नवंबर तक चलेगा। इसके तहत लोगों से पटाखे नहीं जलाने, दीये और ऊर्जा दक्ष रोशनी अपनाने तथा कचरे का उचित निपटान करने की अपील की गई है।
केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय के सहयोग से डब्ल्यूडब्ल्यूएफ-इंडिया के कार्यक्रम केंद्र और संसाधन भागीदार ने यह पहल शुरू की है। अभियान के तहत स्कूलों, कॉलेजों, शैक्षणिक संस्थानों, आवासीय कल्याण संघों और स्थानीय समुदायों तक पहुंच बनाई जाएगी। इसमें राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम के तहत शामिल 130 शहरों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
अभियान के तहत लोगों से हरित दिवाली की शपथ लेने और परिवार तथा पड़ोसियों को भी पटाखों से दूर रहने के लिए प्रेरित करने का आग्रह किया गया है। इसके अलावा एकल उपयोग वाले प्लास्टिक से बचने, कचरे को अलग-अलग रखने और स्थानीय उत्पादों को प्राथमिकता देने की अपील की गई है। शैक्षणिक संस्थानों और सामुदायिक समूहों को सभाओं, कक्षाओं, रैलियों तथा सामुदायिक बैठकों में शपथ कार्यक्रम आयोजित करने के लिए प्रोत्साहित किया गया है।
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डब्ल्यूडब्ल्यूएफ-इंडिया ने नागरिकों से कार्बन फुटप्रिंट सर्वेक्षण में हिस्सा लेने का भी आग्रह किया है। इससे लोग अपनी रोजमर्रा की गतिविधियों और उपभोग का पर्यावरण पर पड़ने वाला प्रभाव समझ सकेंगे तथा अधिक टिकाऊ आदतें अपना सकेंगे।
अभियान में भाग लेने वाले स्कूलों, कॉलेजों, संस्थानों और सामुदायिक समूहों से अपनी गतिविधियों का विवरण ऑनलाइन साझा करने को कहा गया है। इसमें संस्था का नाम और स्थान, गतिविधि की तारीख, शपथ लेने वाले प्रतिभागियों की संख्या, स्थान-चिह्नित तस्वीरें और संक्षिप्त रिपोर्ट शामिल करनी होगी। चयनित प्रविष्टियों को अभियान की वेबसाइटों और सोशल मीडिया मंचों पर साझा किया जा सकता है।
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