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नाना पाटेकर के निधन की जांच, गोवा पुलिस ने दर्ज किया केस

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गोवा में 75 वर्ष की उम्र में हुआ निधन, बीएनएसएस की धारा 194 के तहत मामला दर्ज; परिवार के सदस्यों के बयान भी होंगे दर्ज

पणजी। दिग्गज बॉलीवुड अभिनेता नाना पाटेकर के निधन के बाद गोवा पुलिस ने अप्राकृतिक मौत का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। यह मामला भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा 194 के तहत दर्ज किया गया है। पुलिस अभिनेता की मौत से जुड़ी परिस्थितियों और कारणों की पड़ताल कर रही है। मामले की जांच पुलिस उपनिरीक्षक नितिन नाईक कर रहे हैं। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, जांच के तहत पंचनामा, पोस्टमार्टम रिपोर्ट और परिवार के सदस्यों सहित संबंधित लोगों के बयान दर्ज किए जाएंगे।

जानकारी के मुताबिक, नाना पाटेकर गोवा के डोना पाउला स्थित अपने आवास पर थे। गुरुवार, 8 अक्टूबर की तड़के उनकी तबीयत बिगड़ने की सूचना मिली। इसके बाद उन्हें मणिपाल अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। अस्पताल की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, अभिनेता को अस्पताल लाए जाने के समय मृत अवस्था में पाया गया था।

अस्पताल में करीब 45 मिनट तक बचाने की कोशिश

मणिपाल अस्पताल के डॉक्टर शेखर सालकर ने गुरुवार सुबह मीडिया को बताया कि चिकित्सकों ने अभिनेता को बचाने की पूरी कोशिश की, लेकिन उन्हें अस्पताल मृत अवस्था में लाया गया था। डॉक्टर के अनुसार, इस वजह से मामला मेडिको-लीगल प्रक्रिया के तहत दर्ज करना पड़ा।

डॉक्टर सालकर ने यह भी बताया था कि उन्हें मिली जानकारी के मुताबिक, नाना पाटेकर हृदय रोग से पीड़ित थे और दवाएं ले रहे थे। रिपोर्टों के अनुसार, उन्हें बचाने के लिए करीब 45 मिनट तक हृदय-फेफड़ा पुनर्जीवन (सीपीआर) की कोशिश की गई, लेकिन सुबह लगभग 5:20 बजे उन्हें मृत घोषित कर दिया गया। शुरुआती जानकारी में मौत की वजह कार्डियक अरेस्ट बताई गई है।

पोस्टमार्टम रिपोर्ट से सामने आएंगे अहम तथ्य

पुलिस ने मौत की परिस्थितियों की जांच के लिए कानूनी प्रक्रिया शुरू की है। जांच के तहत पंचनामा तैयार करने, गोवा मेडिकल कॉलेज (जीएमसी) में पोस्टमार्टम से संबंधित रिपोर्ट प्राप्त करने और परिवार के सदस्यों तथा अन्य संबंधित लोगों के बयान दर्ज करने की बात कही गई है।

अप्राकृतिक मौत के मामले में प्राथमिकी या जांच दर्ज होना अपने आप में किसी अपराध या साजिश की पुष्टि नहीं है। पुलिस की जांच और चिकित्सकीय रिपोर्ट के आधार पर ही मौत की परिस्थितियों को लेकर स्थिति स्पष्ट होगी। यदि जांच में मौत प्राकृतिक कारणों से होना सामने आता है, तो नियमानुसार मामला बंद किया जा सकता है। वहीं, किसी संदिग्ध परिस्थिति या अपराध के संकेत मिलने पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।

पांच दशक से अधिक का रहा फिल्मी सफर

नाना पाटेकर हिंदी और मराठी सिनेमा के प्रमुख अभिनेताओं में गिने जाते थे। अपने दमदार अभिनय, संवाद अदायगी और अलग अंदाज के कारण उन्होंने दर्शकों के बीच विशिष्ट पहचान बनाई। उन्होंने गंभीर भूमिकाओं से लेकर व्यावसायिक फिल्मों तक में काम किया और अपने लंबे करियर में कई यादगार किरदार निभाए।

नाना पाटेकर का जन्म 1 जनवरी 1951 को हुआ था। उनका मूल नाम विश्वनाथ पाटेकर बताया जाता है। वह मराठी परिवार से आते थे। उनके पिता गजानन, जिन्हें दिनकर पाटेकर के नाम से भी जाना जाता था, कपड़ा पेंटिंग और कारोबार से जुड़े थे। जब नाना पाटेकर 28 वर्ष के थे, तब उनके पिता का निधन हो गया था। उनकी मां निर्मला पाटेकर, जिन्हें संजनाबाई पाटेकर के नाम से भी जाना जाता था, गृहिणी थीं। उनका निधन 29 जनवरी 2019 को 99 वर्ष की उम्र में हुआ था।

नाना पाटेकर के निधन से फिल्म जगत और उनके प्रशंसकों में शोक है। फिलहाल गोवा पुलिस की जांच जारी है और मौत से जुड़ी परिस्थितियों पर आधिकारिक निष्कर्ष सामने आने का इंतजार है।

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