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गोरखपुर में असलहा तस्करी गिरोह का भंडाफोड़, 5 सदस्य गिरफ्तार

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एसटीएफ ने चार पिस्टल, रिवॉल्वर और कारतूस बरामद किए, पूर्वांचल में नेटवर्क का खुलासा

लखनऊ। उत्तर प्रदेश एसटीएफ ने गोरखपुर में अवैध असलहों की तस्करी करने वाले एक अंतरराज्यीय गिरोह के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। एसटीएफ के मुताबिक, यह गिरोह मध्य प्रदेश और हरियाणा से अवैध हथियार लाकर पूर्वांचल के विभिन्न जिलों में उनकी आपूर्ति करता था।

गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से चार पिस्टल, चार मैगजीन, एक रिवॉल्वर और पांच जिंदा कारतूस समेत अन्य सामान बरामद किया गया है। यह कार्रवाई 14 सितंबर की रात करीब 10:20 बजे गोरखपुर के कैंट थाना क्षेत्र में पैडलेगंज से मोहद्दीपुर जाने वाली सड़क पर विंध्यवासिनी पार्क के पास की गई। एसटीएफ फील्ड यूनिट गोरखपुर और गोरखपुर एंटी थेफ्ट सेल की संयुक्त टीम ने मुखबिर की सूचना और निशानदेही के आधार पर पांचों आरोपियों को गिरफ्तार किया।

चार पिस्टल और रिवॉल्वर बरामद

पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों के पास से चार पिस्टल 32 बोर, चार मैगजीन, एक 32 बोर रिवॉल्वर और पांच जिंदा कारतूस बरामद हुए हैं। इसके अलावा एक मोटरसाइकिल, एक स्कूटी, दो एंड्रॉयड मोबाइल फोन और 1,250 रुपये नकद भी बरामद किए गए हैं। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान श्रेयांश यादव उर्फ बबलू निवासी गोपालगंज, बिहार, हाल पता गोरखपुर, अजीत यादव निवासी देवरिया, अभिषेक गौड़ उर्फ भेली निवासी गोरखपुर, अभिषेक प्रजापति उर्फ अभी निवासी गोरखपुर और राहुल गुप्ता निवासी गोरखपुर के रूप में हुई है।

मध्य प्रदेश और हरियाणा से हथियार लाने का दावा

एसटीएफ की पूछताछ में सामने आई जानकारी के मुताबिक, गिरोह का नेटवर्क मध्य प्रदेश के बड़वानी और हरियाणा के सोनीपत से जुड़ा बताया गया है। पुलिस का दावा है कि गिरोह के सदस्य वहां से अवैध पिस्टल खरीदकर गोरखपुर, कुशीनगर, देवरिया, महाराजगंज, संतकबीरनगर समेत पूर्वांचल के अन्य जिलों में स्थानीय तस्करों के माध्यम से हथियारों की बिक्री करते थे।पुलिस के मुताबिक, गिरोह में स्थानीय स्तर पर भी कई लोगों को जोड़ा गया था। प्रत्येक पिस्टल पर 15 से 30 हजार रुपये तक का मुनाफा कमाने की बात पूछताछ में सामने आई है। एसटीएफ अब इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की जांच कर रही है।

सोशल मीडिया के जरिए भी हथियारों की आपूर्ति

एसटीएफ के अनुसार, गिरोह के सदस्यों ने सोशल मीडिया मंच इंस्टाग्राम के माध्यम से भी पूर्वांचल के अलग-अलग जिलों में अवैध हथियारों की बिक्री और आपूर्ति की। पुलिस के मुताबिक, इस नेटवर्क के जरिए करीब 100 से 150 अवैध पिस्टलों की आपूर्ति किए जाने की जानकारी सामने आई है। जांच एजेंसियां अब इस बात का पता लगाने में जुटी हैं कि इन हथियारों को किन-किन लोगों तक पहुंचाया गया और उनका इस्तेमाल किन घटनाओं में हुआ।

कई घटनाओं से गिरोह के तार जुड़ने का दावा

पूछताछ के आधार पर एसटीएफ ने दावा किया है कि गिरोह द्वारा गोरखपुर और आसपास के जिलों में कई लोगों को अवैध असलहे उपलब्ध कराए गए थे। पुलिस के अनुसार, कुछ हथियारों का इस्तेमाल आपराधिक घटनाओं में किए जाने की जानकारी मिली है, जबकि कुछ हथियार भविष्य में वारदात के लिए खरीदे गए थे। पुलिस के मुताबिक, गोरखपुर के बांसगांव क्षेत्र के प्रमोद यादव, सूरज यादव और खोराबार क्षेत्र के राजू यादव को एक-एक पिस्टल 40-40 हजार रुपये में बेचे जाने की जानकारी मिली है।

दुश्मनी के चलते हत्या के इरादे से पिस्टल खरीदी थी

एसटीएफ का दावा है कि इनमें से एक व्यक्ति ने कथित तौर पर दुश्मनी के चलते हत्या के इरादे से पिस्टल खरीदी थी। इस संबंध में पुलिस अलग से साक्ष्य जुटा रही है। इसके अलावा गोरखनाथ थाना क्षेत्र में चर्चित राजकुमार चौहान हत्याकांड में इस्तेमाल असलहा भी इसी गिरोह द्वारा उपलब्ध कराए जाने का दावा किया गया है। कैंपियरगंज थाने में दर्ज आयुध अधिनियम के एक मामले में बरामद पिस्टल तथा संतकबीरनगर के खलीलाबाद थाने के एक मामले में बरामद दो पिस्टलों की आपूर्ति भी इसी नेटवर्क से होने की जानकारी पुलिस को मिली है।

गिरफ्तार आरोपी का आपराधिक इतिहास भी सामने आया

एसटीएफ के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपी श्रेयांश यादव का पहले भी अवैध हथियारों की तस्करी से जुड़ा आपराधिक इतिहास रहा है। पुलिस के अनुसार, वह मध्य प्रदेश के बड़वानी जिले के वरला थाना क्षेत्र में असलहा तस्करी के मामले में जेल जा चुका है। इसके अलावा मुंबई में अपराध शाखा की कार्रवाई में भी उसे हथियारों से जुड़े मामले में गिरफ्तार किए जाने की जानकारी सामने आई है। मुंबई के डीएन नगर थाने में दर्ज मामले में श्रेयांश यादव के साथ उसके कुछ अन्य साथियों को सात पिस्टल और 21 कारतूस के साथ पकड़े जाने का उल्लेख पुलिस रिकॉर्ड में है।

गिरफ्तार अजीत यादव का भी आपराधिक इतिहास बताया गया

एसटीएफ के अनुसार, श्रेयांश और उसके साथी पहले भी बड़वानी से अवैध हथियारों की खरीद-फरोख्त में जेल जा चुके हैं। गिरफ्तार अजीत यादव का भी आपराधिक इतिहास बताया गया है। उसके खिलाफ देवरिया में मारपीट, हत्या के प्रयास, आपराधिक षड्यंत्र और आयुध अधिनियम समेत विभिन्न धाराओं में मुकदमे दर्ज होने की जानकारी पुलिस ने दी है। अभिषेक गौड़ के खिलाफ गोरखनाथ थाने में मामला दर्ज है, जबकि अभिषेक प्रजापति के खिलाफ तिवारीपुर थाने में आयुध अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज होने की जानकारी दी गई है।

दूसरे राज्यों तक फैला नेटवर्क

एसटीएफ के मुताबिक, इस गिरोह के नेटवर्क में गोरखपुर के अलावा कुशीनगर, देवरिया, महाराजगंज, संतकबीरनगर समेत पूर्वांचल के कई जिलों में स्थानीय स्तर पर तस्कर जुड़े हुए हैं। गिरोह मध्य प्रदेश के बड़वानी और हरियाणा के सोनीपत से हथियार खरीदकर उन्हें अलग-अलग स्थानों पर पहुंचाता था। पुलिस ने यह भी बताया कि गिरोह से जुड़े कुछ लोगों के संबंध दूसरे आपराधिक गिरोहों से होने की जानकारी मिली है। इन संबंधों की विस्तृत जांच की जा रही है। पुलिस का कहना है कि अभी तक सामने आई जानकारी के आधार पर नेटवर्क के अन्य सदस्यों की पहचान और उनकी भूमिका की पुष्टि के लिए साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं।

स्थानीय नेटवर्क की भी होगी जांच

एसटीएफ फील्ड इकाई गोरखपुर और एंटी थेफ्ट सेल की ओर से इस अवैध असलहा तस्करी सिंडिकेट के स्थानीय नेटवर्क के संबंध में संयुक्त रूप से जांच और सूचना संकलन जारी है। पुलिस का लक्ष्य हथियारों की खरीद से लेकर उनकी आपूर्ति और अंतिम खरीदारों तक पूरे नेटवर्क का पता लगाना है। गिरफ्तार पांचों आरोपियों के खिलाफ गोरखपुर के कैंट थाने में मुकदमा अपराध संख्या 505/2026 के तहत आयुध अधिनियम की विभिन्न धाराओं तथा भारतीय न्याय संहिता की धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया गया है।

पूरे नेटवर्क का खुलासा आगे की कार्रवाई के बाद होने की उम्मीद

आगे की कानूनी कार्रवाई स्थानीय पुलिस द्वारा की जा रही है। एसटीएफ की इस कार्रवाई से पूर्वांचल में अवैध हथियारों की आपूर्ति करने वाले नेटवर्क को लेकर कई अहम जानकारियां सामने आई हैं। हालांकि, पुलिस की जांच अभी जारी है और गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की गिरफ्तारी तथा हथियारों की आपूर्ति के पूरे नेटवर्क का खुलासा आगे की कार्रवाई के बाद होने की उम्मीद है।

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