सवर्ण आर्मी के राष्ट्रीय अध्यक्ष के आवास पर हुआ स्वागत, समानता और मेरिट के सम्मान की उठी मांग
वाराणसी। रिजर्वेशन हटाओ आंदोलन के राष्ट्रीय संयोजक ठाकुर शिवम सिंह और जंतर-मंतर दिल्ली के आंदोलनकारियों का वाराणसी पहुंचने पर सवर्ण आर्मी भारत के राष्ट्रीय अध्यक्ष सूरज प्रसाद चौबे के आवास पर स्वागत किया गया। सवर्ण समाज के लोगों ने फूल-मालाओं के साथ उनका गर्मजोशी से अभिनंदन किया। इस दौरान आरक्षण व्यवस्था, मेरिट और समानता से जुड़े मुद्दों को लेकर आंदोलन को आगे बढ़ाने पर चर्चा हुई।
सवर्ण आर्मी भारत के राष्ट्रीय अध्यक्ष सूरज प्रसाद चौबे ने कहा कि जब हक और स्वाभिमान से जुड़े मुद्दों की अनदेखी होने लगे तो समाज को अपनी आवाज उठाने के लिए सड़कों पर उतरना पड़ता है। उन्होंने कहा कि देश के अलग-अलग राज्यों और जिलों में आरक्षण व्यवस्था को लेकर सवाल उठ रहे हैं और समाज के लोग अपने अधिकारों को लेकर लामबंद हो रहे हैं।
रिजर्वेशन हटाओ आंदोलन के राष्ट्रीय संयोजक ठाकुर शिवम सिंह ने आरक्षण नीति की प्रभावशीलता पर सवाल उठाते हुए कहा कि यदि सात दशक की आरक्षण व्यवस्था के बाद भी लक्षित वर्ग के सभी जरूरतमंद लोगों तक इसका लाभ नहीं पहुंच पाया है तो नीति की समीक्षा जरूरी है। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि आरक्षण का लाभ लेकर आर्थिक और सामाजिक रूप से आगे बढ़ चुके लोगों को क्या लगातार उसी व्यवस्था में बने रहना चाहिए।

उन्होंने सवर्ण समाज की आबादी को लेकर अपना दावा रखते हुए कहा कि देश में सवर्ण वर्ग की बड़ी आबादी है, लेकिन इसके बावजूद लंबे समय से उसे राजनीतिक रूप से केवल वोट बैंक की तरह इस्तेमाल किया गया। उन्होंने समाज से एकजुट होने की अपील करते हुए कहा कि संगठित होकर अपनी आवाज उठाने पर राजनीतिक दलों को भी सवर्ण समाज के मुद्दों की अनदेखी करना मुश्किल होगा।
ठाकुर शिवम सिंह ने कहा कि आज युवा योग्यता और मेरिट के बजाय जाति को प्राथमिकता दिए जाने को लेकर सवाल उठा रहे हैं। उन्होंने विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) के प्रस्तावित नियमों को लेकर भी आपत्ति जताई और आरोप लगाया कि इससे सवर्ण वर्ग के प्रतिभावान विद्यार्थियों के लिए उच्च शिक्षा के अवसर प्रभावित हो सकते हैं।
उन्होंने कहा कि जब तक सभी वर्गों के साथ समान व्यवहार, मेरिट का सम्मान और आरक्षण व्यवस्था में सुधार नहीं किया जाता, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने यूजीसी से जुड़े नियमों को वापस लेने तथा एससी-एसटी एक्ट के कथित दुरुपयोग पर रोक लगाने की भी मांग उठाई।
आयोजकों ने कहा कि आंदोलन का उद्देश्य समाज में समानता और अधिकारों को लेकर जागरूकता पैदा करना है। वाराणसी में हुई बैठक के दौरान आगे की रणनीति और आंदोलन को विभिन्न राज्यों एवं जिलों तक पहुंचाने पर भी चर्चा की गई।
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