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यूपी टेक्सटाइल कॉन्क्लेव में बोले योगी- अब दंगा, कर्फ्यू और उपद्रव मुक्त है प्रदेश

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मुख्यमंत्री ने वस्त्रोद्योग को बताया रोजगार सृजन का बड़ा क्षेत्र, उद्योगपतियों ने यूपी में निवेश के माहौल की सराहना की

लखनऊ। इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में मंगलवार को यूपी टेक्सटाइल कॉन्क्लेव-2026 का आयोजन किया गया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कॉन्क्लेव का उद्घाटन करते हुए प्रदेश में उद्योग, निवेश, रोजगार और कानून-व्यवस्था को लेकर सरकार की उपलब्धियां गिनाईं। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में पिछले साढ़े नौ वर्षों में ऐसा वातावरण तैयार किया गया है, जिसमें उद्यमियों और निवेशकों का भरोसा मजबूत हुआ है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश में उद्योग हैं तो उद्यमिता भी है और प्रदेश के पास दुनिया का सबसे युवा कार्यबल है। कृषि के बाद सबसे अधिक रोजगार सृजन की क्षमता रखने वाला क्षेत्र वस्त्रोद्योग है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस सेक्टर के विकास को लेकर लक्ष्य निर्धारित किया है और राष्ट्रीय संकल्प को पूरा करने में उत्तर प्रदेश की महत्वपूर्ण भूमिका होगी।

‘2017 से पहले कानून-व्यवस्था की स्थिति किसी से छिपी नहीं’

उद्यमियों को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 2017 से पहले प्रदेश की कानून-व्यवस्था की स्थिति का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि उस समय प्रदेश में कानून-व्यवस्था चौपट थी और कई स्थानों पर माफिया समानांतर व्यवस्था चला रहे थे। उनके अनुसार हत्या, फिरौती और अपहरण जैसी गतिविधियों का प्रभाव था।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उस दौर में बाहर से निवेश का सपना लेकर आने वाले उद्यमियों के सामने भी असुरक्षा का माहौल था। उन्होंने दावा किया कि माफिया जमीनों पर कब्जे और वसूली जैसी गतिविधियों को अंजाम देते थे और तत्कालीन सरकारें इस पर प्रभावी कार्रवाई नहीं कर पाती थीं। उन्होंने कहा कि उस समय प्रदेश के बाहर रहने वाले यूपी के लोगों को भी अपनी पहचान को लेकर कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था।

‘अब यूपी दंगा, कर्फ्यू और उपद्रव मुक्त’

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज उत्तर प्रदेश दंगा, कर्फ्यू और उपद्रव से मुक्त है। उन्होंने कहा कि अब कोई माफिया खुलेआम हथियार लहराते हुए नहीं घूम सकता। बेटी, व्यापारी या निवेशक की सुरक्षा में सेंध लगाने का प्रयास करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होती है।

योगी ने कहा कि 2017 के बाद प्रदेश में कानून-व्यवस्था को लेकर लोगों का विश्वास बहाल हुआ है। इसका असर आम नागरिकों के साथ-साथ उद्यमियों और व्यापारियों के भरोसे पर भी दिखाई दे रहा है। हालिया UPTEX-26 पहल को भी राज्य के टेक्सटाइल क्षेत्र को बढ़ावा देने और नए निवेश को आकर्षित करने के प्रयास के रूप में पेश किया गया है। 

रामी रेड्डी ने यूपी के औद्योगिक माहौल की सराहना की

कॉन्क्लेव में पूर्व राज्यसभा सदस्य, उद्योगपति और रामकी समूह के फाउंडर एवं चेयरमैन अल्ला अयोध्या रामी रेड्डी ने उत्तर प्रदेश में निवेश के लिए तैयार किए गए वातावरण की सराहना की। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश में विकास की गति बढ़ी है और औद्योगिक वातावरण में सुधार हुआ है।

रामी रेड्डी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश जिस दिशा में आगे बढ़ रहा है, उसी दिशा में उत्तर प्रदेश भी आगे बढ़ रहा है। उनके मुताबिक उद्योगपति अपना निवेश ऐसे स्थान पर करना चाहते हैं जहां उन्हें सुरक्षा, स्थिरता और भरोसेमंद प्रशासनिक व्यवस्था मिले।

उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश देश का सबसे बड़ा राज्य होने के साथ-साथ प्राकृतिक और मानव संसाधनों की दृष्टि से भी समृद्ध है। मजबूत राजनीतिक नेतृत्व और सक्षम प्रशासनिक व्यवस्था निवेशकों के भरोसे को बढ़ाती है।

‘तमिलनाडु के अनुभव से सीखकर यूपी बने टेक्सटाइल का अग्रणी राज्य’

रामी रेड्डी ने वस्त्रोद्योग को देश के पुराने और महत्वपूर्ण उद्योगों में से एक बताते हुए कहा कि तमिलनाडु ने इस क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति की है। उत्तर प्रदेश को वस्त्रोद्योग के क्षेत्र में देश का अग्रणी राज्य बनाने के लिए तमिलनाडु जैसे राज्यों के सफल मॉडल और अनुभवों से सीखने की जरूरत है।

उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश को अपनी परिस्थितियों के अनुरूप स्पष्ट दृष्टि और ठोस कार्ययोजना बनानी होगी। इसके लिए सरकार और उद्योग जगत को मिलकर काम करना होगा। उन्होंने लखनऊ के आसपास और प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में विकसित किए जा रहे टेक्सटाइल सेंटर और पार्क को इस दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।

वस्त्र एवं परिधान बाजार 350 अरब डॉलर तक पहुंचाने का लक्ष्य

कॉन्फ्रेंस में प्रीकॉट लिमिटेड के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक तथा कन्फेडरेशन ऑफ इंडियन टेक्सटाइल इंडस्ट्री (CITI) के उपाध्यक्ष अश्विन चंद्रन ने भारतीय वस्त्र एवं परिधान उद्योग की संभावनाओं पर चर्चा की।

उन्होंने कहा कि वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला में तेजी से बदलाव हो रहा है। अब अंतरराष्ट्रीय खरीदार केवल लागत को ही प्राथमिकता नहीं दे रहे, बल्कि गुणवत्ता, तकनीक, स्थिरता, उत्पादकता और समय पर आपूर्ति भी महत्वपूर्ण मानदंड बन गए हैं।

चंद्रन ने कहा कि भारत के पास कच्चे माल से लेकर तैयार उत्पाद तक पूरी वस्त्र मूल्य श्रृंखला और बड़ा घरेलू बाजार मौजूद है। अगले पांच वर्षों में भारतीय वस्त्र एवं परिधान बाजार को मौजूदा करीब 180 अरब डॉलर से बढ़ाकर 350 अरब डॉलर तथा निर्यात को करीब 37 अरब डॉलर से बढ़ाकर 100 अरब डॉलर तक ले जाने का लक्ष्य रखा गया है।

उन्होंने कहा कि इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए बड़े पैमाने पर औद्योगिक विस्तार, एकीकृत औद्योगिक ढांचे, तकनीकी उन्नयन और आधुनिक तकनीकों का इस्तेमाल बढ़ाना होगा। इसमें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और रोबोटिक्स की भूमिका भी महत्वपूर्ण होगी।

तकनीकी वस्त्र और रीसाइकिल्ड उत्पादों में यूपी की बड़ी भूमिका

अश्विन चंद्रन ने कहा कि उत्तर प्रदेश के पास युवा कार्यबल, मजबूत एमएसएमई आधार, वस्त्र एवं परिधान क्लस्टर, हथकरघा और हस्तशिल्प की समृद्ध परंपरा तथा विशाल घरेलू बाजार मौजूद है।

उन्होंने कहा कि प्रदेश तकनीकी वस्त्र, टिकाऊ एवं रीसाइकिल्ड उत्पाद और उच्च मूल्य वाले घरेलू वस्त्र के क्षेत्र में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। इसके लिए उद्योग और सरकार के बीच बेहतर समन्वय जरूरी है।

कुशल कार्यबल तैयार करने पर जोर

चंद्रन ने उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन की विभिन्न पहलों का उल्लेख करते हुए कहा कि CITI, भारत सरकार के साथ समर्थ योजना के तहत वस्त्र क्षेत्र में कौशल विकास के लिए काम कर रहा है।

उन्होंने कहा कि इसी अनुभव के आधार पर संगठन उत्तर प्रदेश सरकार के साथ मिलकर मौजूदा औद्योगिक समूहों और नई निवेश परियोजनाओं की जरूरत के अनुरूप कुशल कार्यबल तैयार करने में सहयोग करने के लिए तैयार है।

कॉन्क्लेव के दौरान वक्ताओं ने इस बात पर जोर दिया कि उत्तर प्रदेश में वस्त्रोद्योग के विस्तार से निवेश के साथ बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर भी पैदा हो सकते हैं। सरकार की ओर से टेक्सटाइल पार्क और औद्योगिक केंद्रों के विकास तथा उद्योग जगत की ओर से तकनीकी निवेश को इस क्षेत्र की आगे की वृद्धि के लिए महत्वपूर्ण माना गया।

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