बागपत। उत्तर प्रदेश के बागपत जिले में पूर्वी पेरीफेरल एक्सप्रेस-वे पर रविवार देर रात श्रद्धालुओं से भरे एक पिकअप वाहन के पलटने से बड़ा हादसा हो गया। इस दर्दनाक सड़क दुर्घटना में मरने वालों की संख्या बढ़कर 12 हो गई है, जबकि 24 श्रद्धालु घायल बताए जा रहे हैं। घायलों का बागपत और मेरठ के विभिन्न अस्पतालों में इलाज चल रहा है। हादसे के बाद प्रशासनिक अमला पूरी तरह सक्रिय हो गया और देर रात से राहत एवं बचाव अभियान चलाया गया।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हादसे पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए मृतकों के परिजनों को दो-दो लाख रुपये और घायलों को 50-50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता देने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने जिला प्रशासन को घायलों का बेहतर से बेहतर इलाज सुनिश्चित कराने के निर्देश भी दिए हैं। उन्होंने कहा कि दुख की इस घड़ी में प्रदेश सरकार पीड़ित परिवारों के साथ खड़ी है और उन्हें हरसंभव मदद उपलब्ध कराई जाएगी।
गोगामेड़ी धाम से दर्शन कर लौट रहे थे श्रद्धालु
जिलाधिकारी अस्मिता लाल के अनुसार, हादसे का शिकार हुए श्रद्धालु राजस्थान स्थित गोगामेड़ी धाम से दर्शन कर लौट रहे थे। श्रद्धालुओं से भरा पिकअप वाहन बागपत के रास्ते बदायूं की ओर जा रहा था। रविवार देर रात करीब 12:30 बजे जैसे ही वाहन बागपत के बड़ा गांव के पास पूर्वी पेरीफेरल एक्सप्रेस-वे पर पहुंचा, तभी चालक का वाहन से नियंत्रण हट गया।
प्रारंभिक जांच में आशंका जताई जा रही है कि लंबे सफर और रात के समय लगातार वाहन चलाने के कारण चालक को नींद की झपकी आ गई। वाहन अनियंत्रित होकर डिवाइडर पर चढ़ गया और फिर पलट गया। हादसा इतना भीषण था कि वाहन में सवार श्रद्धालुओं के बीच चीख-पुकार मच गई।
सूचना मिलते ही दौड़ी पुलिस और एंबुलेंस
हादसे की जानकारी मिलते ही डायल-112 के जरिए पुलिस को सूचना दी गई। इसके बाद बागपत पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी तत्काल मौके पर पहुंचे। कई पीआरवी वाहन और एंबुलेंस घटनास्थल पर भेजी गईं। पुलिस और स्थानीय प्रशासन ने घायलों को वाहन से बाहर निकालकर तत्काल अस्पताल पहुंचाना शुरू किया।
जिलाधिकारी अस्मिता लाल और पुलिस अधीक्षक सूरज कुमार राय भी देर रात घटनास्थल पर पहुंचे और राहत एवं बचाव कार्य का जायजा लिया। घायलों को बागपत के तीन अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती कराया गया, जबकि गंभीर रूप से घायल श्रद्धालुओं को बेहतर उपचार के लिए मेरठ के हायर सेंटर रेफर किया गया।
अस्पताल पहुंचकर अधिकारियों ने जाना घायलों का हाल
हादसे की गंभीरता को देखते हुए मेरठ मंडलायुक्त भानु चन्द्र गोस्वामी और एडीजी मेरठ भानु भास्कर ने भी अस्पताल पहुंचकर घायलों का हालचाल जाना। इस दौरान जिलाधिकारी अस्मिता लाल और एसपी सूरज कुमार राय भी मौजूद रहे।
मंडलायुक्त ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि पीड़ितों और उनके परिजनों को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराई जाए। वहीं एडीजी मेरठ ने चिकित्सकों से घायलों के इलाज की जानकारी ली और कहा कि उपचार में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
जिला अस्पताल में छह, मेरठ में छह लोगों की मौत
बागपत जिला अस्पताल के सीएमएस अनुराग वाष्णेय के अनुसार, जिले में उपचार के दौरान छह लोगों की मौत हुई है। इनमें साधु, रामसिंह, जितेंद्र, मुनीम, रामेश्वर और सुगड़ पाल शामिल बताए गए हैं।
वहीं गंभीर हालत में मेरठ भेजे गए अन्य छह घायलों ने भी उपचार के दौरान दम तोड़ दिया। मृतकों में मूर्ति (35), भानवती (52), प्रेमवती (50), दो वर्षीय दीक्षा, एक करीब 45 वर्षीय अज्ञात महिला और चार वर्षीय बच्चा शामिल बताया गया है। प्रशासन अन्य मृतकों की पहचान और उनके परिजनों से संपर्क की प्रक्रिया में जुटा हुआ है।
डीएम ने खुद अस्पताल पहुंचकर देखी इलाज की व्यवस्था
जिलाधिकारी अस्मिता लाल लगातार अस्पतालों का दौरा कर घायलों के इलाज की व्यवस्था की निगरानी कर रही हैं। उन्होंने चिकित्सकों और संबंधित अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि किसी भी घायल के उपचार में देरी या लापरवाही नहीं होनी चाहिए।
डीएम ने अस्पताल में भर्ती घायलों और उनके परिजनों से भी मुलाकात की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि जरूरत पड़ने पर गंभीर घायलों को तत्काल उच्च स्तरीय चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जाए।
हादसे के कारणों की जांच शुरू
एसपी सूरज कुमार राय ने घटना की जांच के निर्देश दिए हैं। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि हादसा केवल चालक को नींद आने के कारण हुआ या इसके पीछे कोई अन्य तकनीकी अथवा मानवीय कारण भी जिम्मेदार है।
प्रारंभिक जांच में चालक की थकान और नींद की झपकी को हादसे का प्रमुख कारण माना जा रहा है। पुलिस वाहन की स्थिति, चालक की भूमिका और हादसे से जुड़े अन्य पहलुओं की भी जांच कर रही है।
मुख्यमंत्री ने जताया दुख, हरसंभव मदद का भरोसा
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हादसे को बेहद दुखद बताते हुए मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त की है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि सभी घायलों को समुचित और बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जाए।
सरकार की ओर से मृतकों के परिजनों को दो-दो लाख रुपये और घायलों को 50-50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की गई है। प्रशासन का कहना है कि पीड़ित परिवारों की हरसंभव मदद की जा रही है और राहत कार्यों पर लगातार नजर रखी जा रही है।
इस दर्दनाक हादसे ने एक बार फिर लंबे सफर के दौरान चालक की थकान और रात में वाहन चलाने के खतरों को सामने ला दिया है। पुलिस प्रशासन पूरे मामले की जांच कर रहा है और हादसे से जुड़े सभी तथ्यों को खंगाला जा रहा है।
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