लखनऊ छावनी को ‘आदर्श’ छावनी बनाने की तैयारी, 101 करोड़ की 12 विकास परियोजनाओं का शिलान्यास और भूमि पूजन
लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार इस वर्ष के अंत तक गोमती नदी को स्वच्छ बनाने में सफल होगी। उन्होंने कहा कि गोमती की अविरलता और स्वच्छता के लिए सेना की मध्य कमान की ओर से प्रदेश सरकार को पूरा सहयोग मिल रहा है। इसके चलते नदी की स्वच्छता का अभियान युद्धस्तर पर आगे बढ़ रहा है।
मुख्यमंत्री रविवार को रक्षा मंत्री और लखनऊ के सांसद राजनाथ सिंह के साथ लखनऊ छावनी में 101 करोड़ रुपये की 12 विकास परियोजनाओं के शिलान्यास और भूमि पूजन कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के मार्गदर्शन में उत्तर प्रदेश ने पिछले नौ वर्षों में सुरक्षा और सुशासन की नई यात्रा तय की है।
लखनऊ की बदली तस्वीर का मुख्यमंत्री ने किया जिक्र
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ के बदलते स्वरूप का उल्लेख करते हुए कहा कि करीब 20 वर्ष पहले राजधानी के रेलवे स्टेशन पर ‘मुस्कुराइए, आप लखनऊ में हैं’ का बोर्ड लगा होता था, लेकिन उस समय ट्रैफिक जाम, संकरी गलियों और गंदगी के कारण लोगों को मुस्कुराने के बजाय परेशानी का सामना करना पड़ता था।
उन्होंने कहा कि आज लखनऊ ने अपनी पुरानी विरासत को सुरक्षित रखते हुए आधुनिक स्मार्ट सिटी के रूप में नई पहचान बनाई है। शहर में संकरी गलियों के साथ स्मार्ट सड़कें, किसान पथ और अन्य आधुनिक सुविधाएं विकसित हुई हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि लखनऊ के सांसद राजनाथ सिंह के नेतृत्व में पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के सपनों को साकार करने का काम हुआ है। शहर में ऊदा देवी पासी और महाराजा बिजली पासी जैसे महान व्यक्तित्वों की स्मृतियां हैं तो दूसरी ओर लखनऊ देश की रक्षा आवश्यकताओं और आत्मनिर्भरता की दिशा में आधुनिक मिसाइल निर्माण का भी महत्वपूर्ण केंद्र बन रहा है।
उन्होंने लखनऊ की चिकनकारी और खानपान की विरासत का भी उल्लेख किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि यूनेस्को की ओर से लखनऊ को ‘क्रिएटिव सिटी ऑफ गैस्ट्रोनॉमी’ के रूप में मान्यता मिलना शहर की पहचान को वैश्विक स्तर पर मजबूत करता है।
लखनऊ छावनी बनेगी ‘आदर्श’ छावनी
मुख्यमंत्री ने कहा कि लखनऊ छावनी को मॉडल छावनी के रूप में विकसित करने के लिए 101 करोड़ रुपये की 12 विकास परियोजनाओं का शिलान्यास और भूमि पूजन किया गया है। इन परियोजनाओं में कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित ठोस कचरा प्रबंधन के साथ स्कूल में अभ्युदय कोचिंग की व्यवस्था भी शामिल है।
उन्होंने विश्वास जताया कि लखनऊ छावनी परिषद आने वाले समय में ‘आदर्श’ बनकर विकास और जनसुविधाओं का महत्वपूर्ण केंद्र बनेगी। इसका उद्देश्य लोगों के जीवन को सुविधाजनक बनाना है।
सीएम ने कहा कि छावनी परिषद को अत्याधुनिक सुविधाओं से युक्त किया जाएगा, जिससे सैन्यकर्मियों, पूर्व सैन्यकर्मियों और आम नागरिकों को महत्वपूर्ण सेवाएं स्थानीय स्तर पर उपलब्ध हो सकेंगी। उन्होंने कहा कि बदलते समय में लखनऊ में इन सुविधाओं की आवश्यकता थी और रक्षा मंत्री तथा रक्षा मंत्रालय की ओर से इसके लिए सहयोग मिल रहा है।
नौ साल में यूपी को नई दिशा देने का प्रयास
मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2017 से पहले उत्तर प्रदेश के सामने पहचान का संकट, अभाव, अराजकता और अव्यवस्था जैसी चुनौतियां थीं। आज प्रदेश इन परिस्थितियों से काफी हद तक उबर चुका है। सरकार ने पिछले नौ वर्षों में उत्तर प्रदेश को नई दिशा देने का प्रयास किया है।
उन्होंने कहा कि आज उत्तर प्रदेश देश की अर्थव्यवस्था के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य को आगे बढ़ाने के लिए प्रदेश में रक्षा उत्पादन से जुड़े छह गलियारे भी विकसित किए जा रहे हैं।
बुनियादी ढांचा भी बना यूपी की पहचान
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश अब बुनियादी ढांचे के लिए भी जाना जा रहा है। देश के कुल एक्सप्रेसवे नेटवर्क में करीब 60 प्रतिशत हिस्सेदारी उत्तर प्रदेश की है। प्रदेश में देश का सबसे बड़ा रेलवे नेटवर्क और सबसे अधिक मेट्रो नेटवर्क में से एक है।
मुख्यमंत्री ने लखनऊ मेट्रो के दूसरे चरण को केंद्र सरकार से स्वीकृति दिलाने के लिए रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह का आभार जताया। उन्होंने कहा कि मेट्रो के दूसरे चरण का काम जल्द आगे बढ़ेगा।
उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में देश की पहली क्षेत्रीय तीव्र रेल सेवा, पहला जलमार्ग और बड़ा हवाई संपर्क नेटवर्क मौजूद है। प्रदेश में 17 घरेलू और पांच अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे संचालित हैं, जिससे देश और दुनिया के विभिन्न हिस्सों से हवाई संपर्क उपलब्ध है।
सैन्य सेवाओं में यूपी की अहम भूमिका
मुख्यमंत्री ने कहा कि सैन्य बलों में सेवाओं के मामले में उत्तर प्रदेश हमेशा अग्रणी रहा है। देश में सैनिक स्कूलों की परंपरा की शुरुआत भी उत्तर प्रदेश से हुई थी। प्रदेश में स्थापित सैनिक स्कूल युवाओं को तैयार कर रहे हैं, जो वर्तमान के साथ भविष्य के भारत की सुरक्षा जरूरतों को पूरा करने में योगदान देंगे।
उन्होंने कहा कि सेना के अधिकारी और जवान चौबीसों घंटे देश की रक्षा में जुटे रहते हैं। पहले उनकी सुविधाओं के लिए धन की कमी सामने आती थी, लेकिन अब परिस्थितियां बदल चुकी हैं और सैनिकों की सुविधाओं पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक, समाज कल्याण मंत्री असीम अरुण, व्यावसायिक शिक्षा मंत्री कपिलदेव अग्रवाल, महापौर सुषमा खर्कवाल, राज्यसभा सांसद डॉ. दिनेश शर्मा और संजय सेठ समेत कई जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। इसके अलावा विधान परिषद सदस्य, विधायक, मध्य कमान के जनरल ऑफिसर कमांडिंग इन चीफ लेफ्टिनेंट जनरल अनिंद्य सेनगुप्ता, भारतीय रक्षा संपदा सेवा की महानिदेशक शोभा गुप्ता सहित कई अधिकारी और अन्य गणमान्य लोग कार्यक्रम में उपस्थित रहे।
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