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BITS Pilani में एडमिशन दिलाने के नाम पर 46 लाख की साइबर ठगी, मुख्य आरोपी गिरफ्तार

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फर्जी एजुकेशन कंसल्टेंसी बनाकर अभिभावकों को बनाया निशाना, लखनऊ एयरपोर्ट से बाहर भागने की फिराक में पकड़ा गया आरोपी

लखनऊ। प्रतिष्ठित इंजीनियरिंग संस्थान BITS Pilani में एडमिशन दिलाने के नाम पर 46 लाख रुपये की साइबर ठगी के मामले में लखनऊ साइबर क्राइम पुलिस ने मुख्य आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक आरोपी सोशल मीडिया पर फर्जी एजुकेशन कंसल्टेंसी के जरिए छात्रों और उनके अभिभावकों को अपने जाल में फंसाता था। गिरफ्तारी उस समय हुई, जब आरोपी लखनऊ एयरपोर्ट से फ्लाइट के जरिए बाहर जाने की फिराक में था।

मामले में 20 अगस्त 2026 को एल्डिको टाउनी, आईआईएम रोड, लखनऊ निवासी डॉ. किरन चौबे ने थाना साइबर क्राइम में शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया कि अज्ञात साइबर अपराधियों ने फेसबुक और इंस्टाग्राम पर संचालित फर्जी एजुकेशन कंसल्टेंसी आईडी के माध्यम से उनकी बेटी का BITS Pilani में एडमिशन कराने का झांसा दिया।

शिकायत के अनुसार आरोपियों ने खुद को अलग-अलग कंसल्टेंसी का प्रतिनिधि और वरिष्ठ अधिकारी बताकर परिवार का विश्वास जीता। इसके बाद एडमिशन फीस, रजिस्ट्रेशन शुल्क और अन्य मदों के नाम पर अलग-अलग बैंक खातों में ऑनलाइन रकम ट्रांसफर कराई गई। इसके अलावा सीट सुनिश्चित कराने के नाम पर नकद रुपये भी लिए गए।

आरोपियों ने ठगी को अंजाम देने के लिए फर्जी एडमिशन लेटर, शुल्क रसीद और अन्य कूटरचित दस्तावेज भी उपलब्ध कराए। अलग-अलग मोबाइल नंबरों और फर्जी नामों से पीड़िता से संपर्क बनाए रखा गया। इस तरह सुनियोजित तरीके से ऑनलाइन और नकद माध्यम से कुल 46 लाख रुपये की ठगी की गई।

शिकायत के आधार पर थाना साइबर क्राइम, कमिश्नरेट लखनऊ में मुकदमा अपराध संख्या 93/2026 के तहत बीएनएस की संबंधित धाराओं और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 66D में मुकदमा दर्ज किया गया।

लखनऊ एयरपोर्ट से गिरफ्तार हुआ आरोपी

पुलिस आयुक्त लखनऊ और संयुक्त पुलिस आयुक्त (अपराध एवं मुख्यालय) के निर्देशन में साइबर क्राइम पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों और इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस के आधार पर जांच आगे बढ़ाई। इसी दौरान पुलिस को आरोपी के बारे में अहम जानकारी मिली।

पुलिस टीम ने यशराज बाजपेई (21) को लखनऊ स्थित चौधरी चरण सिंह अंतर्राष्ट्रीय एयरपोर्ट से उस समय गिरफ्तार किया, जब वह फ्लाइट के जरिए बाहर जाने की तैयारी में था। पूछताछ और वादिनी द्वारा पहचान किए जाने के बाद पुलिस ने आरोपी की मामले में संलिप्तता की पुष्टि की।

पुलिस के मुताबिक, पूछताछ में आरोपी द्वारा अलग-अलग नामों से लोगों को प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थानों में एडमिशन दिलाने का झांसा देकर धोखाधड़ी करने की बात सामने आई है।

आरोपी के पास से ये सामान बरामद

पुलिस ने आरोपी के कब्जे से 40,225 रुपये नकद, एक Apple MacBook Pro लैपटॉप, तीन मोबाइल फोन, पांच डेबिट/एटीएम कार्ड और दो सिम कार्ड बरामद किए हैं। बरामद इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों और दस्तावेजों की विधिक जांच कराई जा रही है।

पुलिस का कहना है कि बरामद उपकरणों के जरिए अन्य पीड़ितों और इस गिरोह से जुड़े सह-अभियुक्तों के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है।

सोशल मीडिया पर फर्जी कंसल्टेंसी बनाकर करते थे ठगी

पुलिस की जांच में सामने आया कि आरोपी और उसके साथी फेसबुक, इंस्टाग्राम समेत अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर फर्जी एजुकेशन कंसल्टेंसी के नाम से आईडी बनाते थे। इन आईडी के जरिए प्रतिष्ठित इंजीनियरिंग और मेडिकल कॉलेजों में एडमिशन दिलाने का प्रचार किया जाता था।

अभिभावकों और छात्रों को भरोसे में लेने के लिए फर्जी एडमिशन लेटर और शुल्क रसीदें भेजी जाती थीं। इसके बाद एडमिशन फीस, रजिस्ट्रेशन शुल्क या सीट बुकिंग के नाम पर ऑनलाइन और नकद रकम वसूली जाती थी। रकम मिलने के बाद आरोपी संपर्क बंद कर देते थे या नए मोबाइल नंबर और फर्जी नामों का इस्तेमाल शुरू कर देते थे।

पुलिस के अनुसार ठगी की रकम को अलग-अलग बैंक खातों और अन्य माध्यमों से ट्रांसफर कर साक्ष्य छिपाने का प्रयास भी किया जाता था। मामले में सामने आए अन्य सहयोगियों की पहचान, गिरफ्तारी और ठगी की रकम की बरामदगी के लिए जांच जारी है।

पुलिस ने अभिभावकों और छात्रों से की अपील

अपर पुलिस उपायुक्त (अपराध) किरन यादव ने छात्रों और अभिभावकों से अपील की है कि सोशल मीडिया पर चल रही किसी भी एजुकेशन कंसल्टेंसी या एडमिशन एजेंट पर बिना सत्यापन भरोसा न करें। कॉलेज में प्रवेश, शुल्क, सीट और दस्तावेजों से संबंधित जानकारी हमेशा संबंधित संस्थान की आधिकारिक वेबसाइट या अधिकृत स्रोत से ही जांचें।

उन्होंने कहा कि पहले सत्यापन करें, फिर भुगतान करें। किसी अज्ञात व्यक्ति या संस्था को ऑनलाइन अथवा नकद धनराशि देने से पहले उसकी वैधता की जांच जरूर करें। साइबर ठगी होने पर तत्काल 1930 हेल्पलाइन या cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज कराएं।

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