हाथरस। बसपा के राष्ट्रीय संयोजक आकाश आनंद ने सोमवार को हाथरस के सादाबाद में आयोजित जनसभा के दौरान सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव और कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने दोनों नेताओं को ‘अंकल’ कहकर संबोधित करते हुए कहा कि उनकी उम्र 30 वर्ष है, जबकि अखिलेश यादव करीब 50 वर्ष के हैं। ऐसे में उन्हें ‘अंकल’ कहना उम्र के अंतर को दर्शाता है, इसमें अनादर जैसी कोई बात नहीं है।
जनसभा में बसपा नेता ने राहुल गांधी के ‘संविधान बचाओ’ अभियान पर भी कटाक्ष किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी संविधान की किताब लेकर घूमते हैं और लगातार संविधान की बात करते हैं, लेकिन यदि उस किताब के पन्ने पलटकर देखे जाएं तो वे खाली नजर आएंगे। आकाश आनंद ने आरोप लगाया कि कांग्रेस शासित राज्यों में भी ऐसे कई काम हो रहे हैं, जिनको लेकर कांग्रेस उत्तर प्रदेश सरकार पर सवाल उठाती रही है।
उन्होंने कहा कि केवल संसद में संविधान का नाम लेने से काम नहीं चलेगा, बल्कि उसकी मूल भावना को जमीन पर लागू करना जरूरी है। आकाश आनंद ने भाजपा और कांग्रेस की नीतियों में समानता का आरोप लगाते हुए बसपा को दोनों दलों से अलग राजनीतिक विकल्प के रूप में पेश किया।
पीडीए के नारे पर भी अखिलेश को घेरा
आकाश आनंद ने सपा प्रमुख अखिलेश यादव के ‘पीडीए’ के नारे पर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि सपा अपनी राजनीतिक सुविधा के अनुसार पीडीए की परिभाषा बदलती रही है। सपा सरकार के कार्यकाल का जिक्र करते हुए उन्होंने कानून-व्यवस्था और दंगों के मुद्दे पर भी अखिलेश यादव को घेरा।
इथेनॉल, पेट्रोल और गैस सिलिंडर की कीमतों का मुद्दा उठाया
बसपा नेता ने इथेनॉल और पेट्रोल की कीमतों का मुद्दा भी जनसभा में उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि इथेनॉल के नाम पर आम जनता को महंगा पेट्रोल मिल रहा है और इसका बोझ सीधे उपभोक्ताओं पर पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि गन्ने से इथेनॉल का उत्पादन किसानों के लिए लाभकारी होना चाहिए, लेकिन इसका फायदा आम आदमी तक नहीं पहुंच रहा है।
रसोई गैस सिलिंडर की कीमतों का जिक्र करते हुए आकाश आनंद ने कहा कि वर्ष 2014 के आसपास गैस सिलिंडर करीब 400 रुपये में मिलता था और उस समय भाजपा के नेता महंगाई के खिलाफ सड़कों पर उतरते थे। उन्होंने दावा किया कि आज सिलिंडर की कीमत करीब 1,200 रुपये तक पहुंच गई है।
एक्सप्रेस-वे की गुणवत्ता पर उठाए सवाल
आकाश आनंद ने प्रदेश में बनाए गए एक्सप्रेस-वे की गुणवत्ता पर भी सवाल खड़े किए। उन्होंने पूर्वांचल और बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे का जिक्र करते हुए दावा किया कि वहां जगह-जगह गड्ढों की समस्या सामने आती है। वहीं, उन्होंने आगरा-नोएडा एक्सप्रेस-वे का उदाहरण देते हुए कहा कि यह मायावती सरकार के कार्यकाल में बनाया गया था और इतने वर्षों बाद भी इसकी गुणवत्ता बेहतर बनी हुई है।
उन्होंने भाजपा सरकार पर पिछली सरकारों के काम का श्रेय लेने का आरोप लगाते हुए कहा, “काम कोई और करता है, लेकिन फीता ये लोग काटते हैं।” ‘डबल इंजन’ सरकार के दावे पर भी उन्होंने सवाल उठाए।
लंबे समय बाद चुनावी मंच पर सक्रिय दिखे आकाश आनंद
आकाश आनंद लंबे समय बाद चुनावी मंच पर सक्रिय नजर आए। वर्ष 2024 में उनके एक बयान को लेकर विवाद हुआ था, जिसके बाद मायावती ने उन्हें कुछ समय के लिए पार्टी की जिम्मेदारियों से हटा दिया था। बाद में उन्हें फिर से बसपा के राष्ट्रीय संयोजक की जिम्मेदारी सौंपी गई। सादाबाद की जनसभा के जरिए उन्होंने पार्टी के चुनावी अभियान का शंखनाद करते हुए भाजपा के साथ-साथ सपा और कांग्रेस पर भी तीखे राजनीतिक हमले किए।
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