2001 बैच के IPS, CBI से लेकर महाकुंभ सुरक्षा तक संभाल चुके हैं अहम जिम्मेदारियां
11 महीने बाद फिर लखनऊ लौटे तरुण गाबा, योगी सरकार के भरोसेमंद अफसरों में शामिल
प्रयागराज पुलिस कमिश्नर रहते संभाली थी महाकुंभ सुरक्षा की कमान
लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार ने मंगलवार को 15 वरिष्ठ आईपीएस अधिकारियों के तबादले किए। इस फेरबदल में सबसे अहम नाम 2001 बैच के आईपीएस अधिकारी तरुण गाबा का रहा। उन्हें एक बार फिर लखनऊ पुलिस कमिश्नर की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इससे पहले वह अपर पुलिस महानिदेशक (सुरक्षा) के पद पर तैनात थे। करीब 11 महीने बाद उनकी लखनऊ पुलिस कमिश्नरेट में वापसी हुई है।
तरुण गाबा को उत्तर प्रदेश के अनुभवी और भरोसेमंद पुलिस अधिकारियों में गिना जाता है। प्रशासनिक अनुभव, कानून-व्यवस्था संभालने की क्षमता और महत्वपूर्ण विभागों में काम करने के कारण उन्हें कई अहम जिम्मेदारियां मिलती रही हैं।
दूसरी बार संभालेंगे लखनऊ पुलिस कमिश्नर की जिम्मेदारी
तरुण गाबा इससे पहले भी लखनऊ में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी निभा चुके हैं। अब उन्हें दूसरी बार लखनऊ पुलिस कमिश्नरेट का पुलिस कमिश्नर बनाया गया है। इससे पहले वह लखनऊ रेंज में भी अपनी सेवाएं दे चुके हैं।
प्रयागराज में पुलिस कमिश्नरेट व्यवस्था लागू होने के बाद 22 जून 2024 को उन्हें वहां का दूसरा पुलिस कमिश्नर बनाया गया था। प्रयागराज में तैनाती के दौरान उन्होंने कानून-व्यवस्था के साथ-साथ बड़े आयोजनों की सुरक्षा व्यवस्था को भी संभाला।
CBI में भी दे चुके हैं सेवाएं
तरुण गाबा मूल रूप से चंडीगढ़ के रहने वाले हैं और उत्तर प्रदेश कैडर के 2001 बैच के आईपीएस अधिकारी हैं। उन्होंने अपने लंबे पुलिस करियर में कई महत्वपूर्ण विभागों में काम किया है।
वह केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) में भी सेवाएं दे चुके हैं। केंद्र में तैनाती के दौरान उन्होंने लंबे समय तक काम किया। वर्ष 2020 में वह दोबारा उत्तर प्रदेश कैडर में लौटे। CBI के अनुभव के कारण उन्हें जांच और अपराध नियंत्रण से जुड़े मामलों का विशेषज्ञ अधिकारी माना जाता है।
गृह सचिव समेत संभाल चुके हैं कई बड़ी जिम्मेदारियां
योगी सरकार ने वर्ष 2020 में अपराध नियंत्रण और कानून-व्यवस्था को मजबूत करने के लिए तरुण गाबा को गृह सचिव की जिम्मेदारी सौंपी थी। उन्होंने तत्कालीन गृह सचिव एसके भगत का स्थान लिया था।
इसके अलावा वह उत्तर प्रदेश के पांच जिलों में पुलिस प्रमुख (एसपी/एसएसपी) के रूप में भी काम कर चुके हैं। पुलिस प्रशासन के विभिन्न स्तरों पर काम करने का उन्हें लंबा अनुभव है।
महाकुंभ की सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन में निभाई अहम भूमिका
प्रयागराज महाकुंभ के दौरान तरुण गाबा की भूमिका काफी महत्वपूर्ण रही। उन्होंने विशाल धार्मिक आयोजन में भीड़ नियंत्रण, सुरक्षा व्यवस्था और यातायात प्रबंधन को लेकर कई योजनाएं तैयार की थीं।
महाकुंभ जैसे बड़े आयोजन में लाखों श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए उन्होंने पुलिस व्यवस्था को मजबूत करने पर जोर दिया। उनके नेतृत्व में सुरक्षा से जुड़ी कई योजनाओं को लागू किया गया।
रिजल्ट देने वाले अफसरों में होती है गिनती
तरुण गाबा को ऐसे अधिकारियों में शामिल किया जाता है, जिन्हें कठिन परिस्थितियों में जिम्मेदारी संभालने का अनुभव है। पुलिस विभाग, सुरक्षा एजेंसियों और प्रशासनिक पदों पर काम करने के कारण उन्हें कानून-व्यवस्था और प्रबंधन का व्यापक अनुभव हासिल है।
अब लखनऊ जैसे प्रदेश की राजधानी और सबसे महत्वपूर्ण पुलिस कमिश्नरेट की जिम्मेदारी उनके सामने है। उनके सामने राजधानी में अपराध नियंत्रण, पुलिस व्यवस्था को और मजबूत करना और जनता का भरोसा कायम रखना बड़ी चुनौती होगी।
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