चित्रकूट। उत्तर प्रदेश के चित्रकूट जिले से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। शाम को घर से खेलने निकला 12 वर्षीय मासूम अंकुर विश्वकर्मा उर्फ लल्ली कुछ ही घंटों बाद मृत अवस्था में मिला। हत्यारे ने वारदात को अंजाम देने के बाद शव को शौचालय के गड्ढे में फेंक दिया और पहचान छिपाने के लिए ऊपर से आम व महुआ की पत्तियां डाल दीं। जैसे ही घटना का खुलासा हुआ, पूरे इलाके में सनसनी फैल गई।
खोजते रहे परिजन, गड्ढे में मिली दर्दनाक सच्चाई
रामनगर गांव निवासी रामदुलारी के मुताबिक उनका बेटा अंकुर रोज की तरह खेलने निकला था। देर तक घर नहीं लौटने पर परिवार के लोग उसकी तलाश में जुट गए। इसी बीच गांव के एक बच्चे ने बताया कि सिंचाई विभाग की कोठी के पास बने शौचालय के गड्ढे में कोई पड़ा है।जब परिजन मौके पर पहुंचे तो गड्ढे के ऊपर पत्तियां बिछी हुई थीं। पत्तियां हटाते ही जो दृश्य सामने आया, उसे देखकर परिवार चीख उठा। गड्ढे में अंकुर का शव पड़ा था। उसे तुरंत अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।
हत्या के बाद शव छिपाने की आशंका
परिजनों का आरोप है कि बच्चे की पहले बेरहमी से पिटाई की गई और फिर हत्या कर शव को गड्ढे में फेंक दिया गया। अंकुर के सिर और चेहरे पर चोट के निशान मिलने से हत्या की आशंका और गहरा गई है। ग्रामीणों का कहना है कि आरोपी ने सबूत मिटाने और शव छिपाने के इरादे से पत्तियों से गड्ढे को ढंक दिया था।
इकलौते बेटे की मौत से टूटा परिवार
अंकुर परिवार का इकलौता बेटा था। वह कक्षा चार का छात्र था और पढ़ाई में होनहार बताया जाता था। उसकी मौत ने पूरे परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है। मां रामदुलारी का रो-रोकर बुरा हाल है। गांव में हर आंख नम है और हर कोई इस सवाल का जवाब तलाश रहा है कि आखिर एक मासूम की इतनी बेरहमी से हत्या किसने और क्यों की?
हाईवे पर शव रखकर प्रदर्शन, गिरफ्तारी तक अड़े परिजन
घटना से गुस्साए परिजनों और ग्रामीणों ने झांसी-मिर्जापुर हाईवे पर शव रखकर जाम लगा दिया। लोगों ने आरोपी की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की। सूचना मिलते ही पुलिस अधीक्षक और अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे और लोगों को समझाने का प्रयास किया। पुलिस का कहना है कि कई टीमें बनाई गई हैं और संदिग्धों से पूछताछ की जा रही है। जल्द ही घटना का खुलासा करने का दावा किया जा रहा है।
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