संभल। ईद-उल-अजहा (बकरीद) को शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण माहौल में संपन्न कराने के लिए संभल प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर नजर आ रहा है। जिले में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए डीएम और एसपी कृष्ण कुमार बिश्नोई ने नखासा और कोतवाली क्षेत्र में भारी पुलिस बल के साथ पैदल गश्त कर सुरक्षा व्यवस्थाओं का बारीकी से निरीक्षण किया।
संवेदनशील क्षेत्रों और प्रमुख मार्गों का निरीक्षण किया
गश्त के दौरान अधिकारियों ने बाजारों, भीड़भाड़ वाले इलाकों, संवेदनशील क्षेत्रों और प्रमुख मार्गों का निरीक्षण किया। उन्होंने स्थानीय लोगों से बातचीत कर उन्हें सुरक्षा का भरोसा दिलाया और आपसी भाईचारा एवं शांति बनाए रखने की अपील की। अधिकारियों ने पुलिस कर्मियों को लगातार क्षेत्र में सक्रिय रहने, संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने और सघन चेकिंग अभियान चलाने के स्पष्ट निर्देश दिए।
पूरे जिले में सुरक्षा व्यवस्था को तीन स्तरीय निगरानी व्यवस्था
प्रशासन ने संवेदनशील क्षेत्रों में अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की है, ताकि किसी भी प्रकार की अव्यवस्था या अप्रिय स्थिति को रोका जा सके। पूरे जिले में सुरक्षा व्यवस्था को तीन स्तरीय निगरानी के तहत रखा गया है।बकरीद के मौके पर गुन्नौर क्षेत्र में भी व्यापक सुरक्षा इंतजाम किए गए हैं। गुन्नौर कोतवाली प्रभारी संजय कुमार के अनुसार, त्योहार को देखते हुए 70 से अधिक पुलिसकर्मियों की ड्यूटी लगाई गई है। नगर और ग्रामीण क्षेत्रों में लगातार गश्त व चेकिंग की जा रही है।
मस्जिदों में भी बड़ी संख्या में लोग नमाज अदा करेंगे
नगर गुन्नौर में जामा मस्जिद, सुन्नी नूरानी मदीना मस्जिद, लाल मस्जिद, मजनू शाह मस्जिद, काजियान मस्जिद और रजा मस्जिद सहित 30 से अधिक मस्जिदों में ईद-उल-अजहा की नमाज अदा की जाएगी। वहीं सैंजना मुस्लिम गांव की मदीना मस्जिद और अन्य मस्जिदों में भी बड़ी संख्या में लोग नमाज अदा करेंगे।प्रशासन ने साफ निर्देश दिए हैं कि कुर्बानी के बाद अपशिष्ट को निर्धारित स्थानों पर ही डाला जाए और स्वच्छता व्यवस्था का पूरा ध्यान रखा जाए। साथ ही पशुपालकों को पशुओं को खुले में न छोड़ने की सख्त हिदायत दी गई है।
कुर्बानी का सिलसिला निर्धारित समय सीमा तक चलेगा
इस बीच धार्मिक नेताओं ने भी लोगों से शांति और अनुशासन बनाए रखने की अपील की है। सुन्नी नूरानी मदीना मस्जिद के मौलाना हाफिज फुरकान रजा ने कहा कि ईद की नमाज के बाद कुर्बानी का सिलसिला निर्धारित समय सीमा तक चलेगा, लेकिन इसे सार्वजनिक स्थानों पर करने से बचना चाहिए और प्रतिबंधित पशुओं की कुर्बानी से दूर रहना चाहिए।प्रशासन का कहना है कि हर स्थिति पर नजर रखी जा रही है और त्योहार को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराना सर्वोच्च प्राथमिकता है।
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