पंजाब । पंजाब के होशियारपुर जिले के गांव चक्क समाना में शुक्रवार की शाम उस वक्त हड़कंप मच गया, जब चार वर्षीय मासूम गुरकरण सिंह खेलते-खेलते घर के पास बने खुले बोरवेल में जा गिरा। बच्चे के अचानक गायब होने पर परिवार में चीख-पुकार मच गई। कुछ ही देर में पता चला कि गुरकरण करीब 30 फीट गहरे संकरे बोरवेल में फंसा हुआ है।घटना की सूचना मिलते ही प्रशासन, पुलिस और बचाव एजेंसियां मौके पर पहुंच गईं। इसके बाद शुरू हुआ जिंदगी और मौत के बीच कई घंटों तक चला रोमांचक रेस्क्यू ऑपरेशन। एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, पंजाब पुलिस और स्थानीय लोगों ने मिलकर बच्चे तक पहुंचने के लिए युद्धस्तर पर अभियान चलाया।
बोरवेल के समानांतर 30 फीट से अधिक गहरा गड्ढा खोदा
बोरवेल इतना संकरा था कि सीधे बच्चे तक पहुंचना संभव नहीं था। ऐसे में बचाव टीमों ने बोरवेल के समानांतर 30 फीट से अधिक गहरा गड्ढा खोदा और फिर एक संकरी सुरंग बनाकर गुरकरण तक पहुंचने की कोशिश की। पूरी रात चले इस ऑपरेशन के दौरान कैमरे और ऑक्सीजन पाइप नीचे भेजे गए, ताकि बच्चे की हर हरकत पर नजर रखी जा सके।करीब नौ घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आखिरकार रात लगभग 12:40 बजे वह पल आया, जिसका सभी को इंतजार था। बचावकर्मियों ने मासूम गुरकरण को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। जैसे ही बच्चा बाहर आया, मौके पर मौजूद लोगों ने राहत की सांस ली और तालियों की गड़गड़ाहट गूंज उठी। बच्चे को तुरंत एंबुलेंस से अस्पताल भेजा गया, जहां डॉक्टरों ने उसकी जांच शुरू की।
जिंदगी की जंग जीतकर बाहर निकला तो दौड़ गई खुशी की लहर
पूरे अभियान की निगरानी डिप्टी कमिश्नर आशिका जैन और एसएसपी संदीप कुमार मलिक ने की। अधिकारियों ने बताया कि सूचना मिलते ही तमाम एजेंसियों को अलर्ट कर मौके पर भेजा गया था।इस दौरान पंजाब सरकार के मंत्री डॉ. रवजोत सिंह और सांसद डॉ. राज कुमार चब्बेवाल भी मौके पर डटे रहे। दोनों नेताओं ने रेस्क्यू टीमों की हिम्मत और समर्पण की जमकर तारीफ की।गांव में देर रात तक लोगों की भीड़ जुटी रही। हर किसी की नजर सिर्फ इस बात पर थी कि मासूम सुरक्षित बाहर आ जाए। आखिरकार जब गुरकरण जिंदगी की जंग जीतकर बाहर निकला तो पूरे इलाके में खुशी की लहर दौड़ गई।जिंदगी की जंग जीतकर बाहर निकला तो दौड़ गई खुशी की लहर
